मुलायम के राजनैतिक संघर्षों में साथी ‘बेनी बाबू’ नहीं रहे, पीएम मोदी ने जताया शोक

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New Delhi: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शुक्रवार को समाजवादी पार्टी से राज्य सभा सांसद बेनीप्रसाद वर्मा के निधन पर शोक व्यक्त किया. प्रधानमंत्री कार्यालय ने मोदी के हवाले से ट्वीट किया, ”श्री बेनीप्रसाद वर्मा के निधन की खबर सुनकर दुखी हूं. दुख की इस घड़ी में मेरी संवेदनाएं उनके परिवार और समर्थकों के साथ हैं. ओम शांति.”

पूर्व केन्द्रीय मंत्री और समाजवादी पार्टी के संस्थापक सदस्य वर्मा का शुक्रवार शाम सात बजे लखनऊ के एक निजी अस्पताल में निधन हो गया। ‘बेनी बाबू’ के नाम से प्रसिद्ध वर्मा समाजवादी पार्टी के संस्थापक सदस्यों में थे और मुलायम सिंह यादव के निकटस्थ माने जाते थे. कुर्मी समाज के सर्वमान्य नेता माने जाने वाले बेनी प्रसाद वर्मा समाजवादी पार्टी के राज्यसभा सदस्य थे. उनके निधन पर सपा संरक्षक मुलायम सिंह यादव व सपा अध्यक्ष अखिलेश समेत कई नेताओं ने शोक जताया है.

समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भी ट्वीट कर बेनी प्रसाद वर्मा को श्रद्धांजलि दी. उन्होंने लिखा, ‘समाजवादी पार्टी के संस्थापक सदस्य एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री बेनी प्रसाद वर्मा जी ‘ बेनी बाबू जी ‘ का निधन अत्यंत दुःखद! परिजनों के प्रति गहरी संवेदना। ईश्वर उनकी आत्मा को शांति प्रदान करे.’

समाजवादी पार्टी के उत्तर प्रदेश अध्यक्ष नरेश उत्तम पटेल ने बेनी प्रसाद वर्मा के निधन पर दुख व्यक्त किया है. उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता, राज्यसभा सांसद और पूर्व केंद्रीय मंत्री बेनी प्रसाद वर्मा और हम सबके प्रिय ‘बाबू जी’ जी का निधन अपूरणीय क्षति है. शोकाकुल परिजनों के प्रति संवेदना। शत-शत नमन एवं अश्रुपूर्ण श्रद्धांजलि.

अभी पिछले साल ही उनके घुटने की सर्जरी मैक्स हॉस्पिटल में हुई थी. उनके निधन की खबर से समाजवादी पार्टी में शोक की लहर दौड़ गई. उनके गृह जनपद बाराबंकी में भी शोक है। कई नेताओं ने बेनी के निधन पर शोक प्रकट किया है. बेनी प्रसाद वर्मा कांग्रेस के नेतृत्व वाले संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (यूपीए) सरकार के दूसरे कार्यकाल के दौरान केंद्रीय मंत्री भी रहे। उनके पास इस्पात मंत्रालय था.

कुर्मी बिरादरी से आने वाले राज्यसभा सांसद बेनी पहली बार साल 1996 में संचार राज्यमंत्री बने थे. बेनी प्रसाद वर्मा साल 1996 से 1998 तक एचडी देवगौड़ा की सरकार में संचार राज्यमंत्री रहे. साल 1998 में देवगौड़ा सरकार की विदाई के बाद वे प्रदेश की सियासत में लौटे और लोक निर्माण विभाग और संसदीय कार्य मंत्री का दायित्व संभाला.

बेनी प्रसाद वर्मा ने चार बार बहराइच के कैसरगंज लोकसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व किया। वह 1999 में सपा छोड़ जनता दल में शामिल हुए. फिर समाजवादी क्रांति दल भी बनाया। बाद में बेनी प्रसाद वर्मा कांग्रेस में भी शामिल हुए. कांग्रेस के टिकट पर साल 2009 में कैसरगंज सीट से सांसद निर्वाचित हुए. बेनी को डॉक्टर मनमोहन सिंह की सरकार में इस्पात जैसे अहम मंत्रालय की जिम्मेदारी सौंपी गई.

मेदांता अस्पताल लखनऊ के मेडिकल डायरेक्टर डॉ. राकेश कपूर के मुताबिक करीब डेढ़ माह से उनका उपचार चल रहा था। उन्हें पैंक्रिटाइटिस की समस्या थी. डॉक्टरों ने पैंक्रियाज में कैंसर की संभावना जताई थी. वह गठिया के साथ-साथ गुर्दे की बीमारी से भी पीड़ित थे. शुक्रवार दोपहर वह बेहोशी की हालत में लाए गए थे, डॉक्टरों ने काफी प्रयास किया मगर, शाम साढ़े छह बजे उनका निधन हो गया.

राज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन पटेल ने ईश्वर से दिवंगत आत्मा को शांति प्रदान करने की कामना करते हुए दुखी परिजनों के प्रति हार्दिक संवेदना व्यक्त की है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि श्री वर्मा के निधन का समाचार मिलने से वह बहुत दुखी हैं और शोकाकुल परिवार के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त करते हैं.

उत्तर प्रदेश विधानसभा के अध्यक्ष हृदय नारायण दीक्षित ने कहा कि वरिष्ठ नेता राज्यसभा सदस्य व पूर्व इस्पात मंत्री भारत सरकार बेनी प्रसाद वर्मा के निधन का संदेश जानकर वह दुखी हैं. श्री दीक्षित ने कहा कि श्री वर्मा के निधन से उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक अपूरणीय क्षति हुई है. उन्होंने ईश्वर से प्रार्थना की है कि वह दिवंगत आत्मा को चिर शांति व शोकाकुल परिवार को इस अपार दुख को सहन करने की शक्ति प्रदान करें.

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