राज्यसभा चुनाव: भाजपा-कांग्रेस को लोहे के चने चबाना होगा, निर्दलीय होंगे गेम चेंजर

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Puskar Mahto

ये बात और है कि अभी होली तक मौसम का मिजाज झारखंड के लिए अनुकूल नहीं है. वहीं, राज्यसभा चुनाव का बिगुल बजते ही झारखंड का सियासी तापमान बढ़ गया है. भाजपा पिछली बार एमजे अकबर और मुख्तार अब्बास नकवी को बड़ी आसानी से राज्यसभा भेज चुकी है. इस बार स्थिति व परिस्थिति बदली-बदली है. सियासी बाजी बदल गई है.

सत्ता की बागडोर झामुमो, कांग्रेस और राजद के पास है. झामुमो ने अपना प्रत्याशी दिसुम गुरु व पार्टी अध्यक्ष शिबू सोरेन को उतारने का ऐलान किया है तो कांग्रेस ने प्रभारी आरपीएन सिंह को उतारने की घोषणा की है.

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भाजपा ने अभी तक पत्ता नहीं खोला है. भाजपा का राज और नीति दबी-दबी सी है. दोनों ओर से रस्सा-कस्‍सी की प्रबल संभावना है. हॉर्स ट्रेडिंग की किसी भी संभावना से अभी इंकार नहीं किया जा सकता हैं. हॉर्स ट्रेडिंग का ट्रेड झारखंड की राजनीति में कोई नई बात नहीं हैं. प्रत्येक राज्यसभा चुनाव में ऐसी घटना घट चुकी है. करोड़ों रुपयों के साथ प्रत्याशी पकड़े गए हैं.

भाजपा सरकार की ओर से आधिकारियों के माध्यम से भाजपा प्रत्याशी के पक्ष में वोट करने का मामला अभी ठंड भी नहीं हुआ है. एडीजी पी अनुराग गुप्ता के ऊपर जांच कार्य चल रहें है. वहीं कांग्रेस की विधायक सुश्री अंबा प्रसाद ने श्री गुप्ता के खिलाफ मोर्चा खोल रखी हैं. इसलिए मामला काफी गर्मागर्म है.

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राज्यसभा में चुनाव आजसू पार्टी का रुख

झामुमो के पास जीत के अंक अनुकूल हैं. कांग्रेस को मसक्‍कत करनी पड सकती हैं. माले विधायक विनोद कुमार सिंह भाजपा के खिलाफ जा सकते है या तटस्थ रह सकता है. आजसू पार्टी का रुख स्पष्‍ट नहीं हुआ है. ऐसे में भाजपा के लिए सियासी डगर आसान नहीं हैं. आजसू पार्टी के प्रति कांग्रेस का रुख नरम है. इसका प्रतिबिंब विधानसभा में परिलक्षित हो चुका है. इसलिए अभी से भाजपा द्वारा कोई आकलन व अटकलें लगना गलत साबित होगा. कहा जाता है कि सियासत का उट कब किस करवट बैठेगा अनुमान नहीं लगाया जा सकता है.

कांग्रेस के पास 16 + 02 बंधु तिर्की व प्रदीप यादव, + 01 राजद, संपूर्णानंद भोगता + झामुमो 02 निश्चित है. इसके अलावा 03 अन्य पर कांग्रेस – भाजपा दोनों की नजर है.

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भाजपा के पास 25 + 01 बाबूलाल मरांडी है. पार्टी की ओर से प्रत्याशियों के नामों को लेकर आधिकारिक घोषणा नहीं हुईं है. गृह मंत्री अमित शाह की ओर सबकी पैनी नजर है. अमित शाह को ही अंतिम निर्णय लेने के संदर्भ में कहा जा रहा है. भाजपा दलीय स्थिति पर नजर जमाए हुए है. प्रत्याशियों के नाम के बाद ही सियासी रंग चोखा होगा.

13 मार्च नामांकन की अंतिम तिथि है. 16 को स्क्रुटनी व 18 मार्च नाम वापसी की तिथि है. 26 मार्च परिणाम सामने आ जाएंगे.

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