झारखंड कांग्रेस नेतृत्‍व अब गैर-आदिवासी हाथ में, राजेश ठाकुर बनाए गए नए प्रदेश अध्‍यक्ष

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Ranchi: आदिवासी बहुल राज्‍य झारखंड में कांग्रेस ने एक बार फिर गैर-आदिवासी को नेतृत्‍व सौंपा है. राजेश ठाकुर नए प्रदेश अध्‍यक्ष बनाए गए हैं. इसके पहले पूर्व आईपीएस और आदिवासी नेता डॉ रामेश्‍वर उरांव झारखंड के प्रदेश अध्‍यक्ष थे. हांलांकि यह पहली बार नहीं है कि झारखंड में किसी गैर-आदिवासी को कमान सौंपा गया है.

साथ ही गीता कोड़ा, बंधु तिकी, शहजादा अनवर और जलेश्‍वर महतो को झारखंड कांग्रेस पार्टी का कार्यकारी अध्‍यक्ष बनाया गया है.

डॉ रामेश्‍वर उरांव के नेतृत्‍व झारखंड पार्टी महागबंधन के साथ 2019 विधानसभा चुनाव लड़ा था. चुनाव में कांग्रेस को आदिवासी नेतृत्‍व की वजह से पार्टी को उम्‍मीद से बढ़कर परिणाम देखने को मिला और 16 उम्‍मीदवार विधायक बने.  2014 विधानसभा चुनाव के अपेक्षा 2019 झारखंड विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को 9 सीटों का फायदा हुआ.

झारखंड कांग्रेस नेतृत्‍व के इस बड़े बदलाव पर कांग्रेस के कई नेताओं ने अपनी खुशी जताई है और झारखंड प्रदेश कांग्रेस के नए अध्‍यक्ष राजेश ठाकुर को बधाई दी है.

स्‍वास्‍थ्‍य मंत्री बन्‍ना गुप्‍ता ने अपने बधाई संदेश में कहा है कि राजेश ठाकुर जी को झारखंड कांग्रेस का नया अध्यक्ष बनाने के लिए केंद्रीय नेतृत्व का आभार, हम सभी कांग्रेसजन एकजुट होकर पार्टी को मजबूत बनाने का कार्य करेंगे.

स्‍वास्‍थ्‍य मंत्री ने गीता कोड़ा, बंधु तिर्की जी, शहजादा अनवर जी और जलेश्वर महतो को भी कार्यकारी अध्यक्ष बनने के लिए शुभकामनाएं दी हैं.

मुजफ्फरपुर बिहार के मूल निवासी हैं राजेश ठाकुर

राजेश ठाकुर मूल रूप से बिहार के मुजफ्फरपुर के रहने वाले हैं, लेकिन इनका परिवार चार पीढ़ी से झारखंड में निवास कर रहा है. अतः अब ये खुद को झारखंडी कहलाना ही पसंद करते हैं. राजेश ठाकुर के परदादा मुजफ्फरपुर से आकर रामगढ़ में बसे थे.

अत्यंत सरल और ईमानदार राजेश ठाकुर दिल्ली विश्वविद्यालय में पढ़ाई के दौरान कांग्रेस के छात्र संगठन एनएसयूआई के सदस्य बने. पढ़ाई पूरी करने के उपरांत ये बोकारो लौट आए. वहां इन्होने यूथ कांग्रेस के बोकारो जिला अध्यक्ष से अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत की.

रामेश्वर उरांव के प्रदेश अध्यक्ष रहते कार्यकारी अध्यक्ष बनें

राजेश ठाकुर ने पिछले विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को 20 से अधिक सीटें दिलाने में अहम भूमिका निभाई. इन्हें संगठन का आदमी माना जाता है. कांग्रेस की गुटबाजी से अलग पिछले दो सालों में ये झारखंड के अलग-अलग जिलों में घूम-घूम कर संगठन को मजबूत करने में लगे रहे.

सोनिया और राहुल गांधी दोनों इन्हें पसंद करते हैं. उसी का परिणाम है कि राजेश ठाकुर आज झारखंड कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष हैं.

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