Rajasthan Election: भाजपा की लिस्ट से कई दिग्गज नदारद, विपक्षी भी अचंभे में

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New Delhi: राजस्थान के आगामी विधानसभा चुनाव के लिए भारतीय जनता पार्टी ने दूसरी लिस्ट जारी कर दी है. इससे पहले पहली लिस्ट जारी की गई थी, जिसमे 131 उम्मीदवारों को टिकट दिया गया था, जबकि इस बार 31 और उम्मीदवारों को टिकट दिया गया है. भाजपा ने अभी तक जो लिस्ट जारी की है उसमे से कई दिग्गजों के नाम नदारद हैं. ऐसे में अब सिर्फ 38 सीटों पर उम्मीदवारों के नाम का एलान होना बाकी है, लिहाजा प्रदेश के कई दिग्गज भाजपा नेताओं के माथे की शिकन बढ़ गई है कि क्या उन्हें इस बार के विधानसभा चुनाव में टिकट मिलेगा या फिर पार्टी उनका पत्ता काट देगी.

कई बड़े नाम शामिल नहीं

जिस तरह से भाजपा ने उम्मीदवारों की दो लिस्ट अभी तक जारी की है और उसमे बड़े-बड़े नामों को शामिल नहीं किया है उससे ना सिर्फ राजनीति के जानकार बल्कि मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस भी चकित है और भाजपा की इस रणनीति को समझने में जुटी है.हालांकि भाजपा की तीसरी लिस्ट का अभी भी लोगों को इंतजार है, जोकि संभवत: सोमवार को जारी हो सकती है, ऐसे में यह देखना काफी दिलचस्प होगा कि क्या पार्टी के बड़े चेहरों को आखिरी लिस्ट में जगह मिलती है या नहीं.

बगावत के बाद दिया टिकट

दूसरी लिस्ट में भाजपा ने रामगंज मंडी विधायक चंद्रकांता मेघवाल को केशोराय पाटन से टिकट दिया है. गौर करने वाली बात यह है कि जब भाजपा ने पहली लिस्ट जारी की थी तो चंद्रकांता का नाम उसमे शामिल नहीं था, जिसके बाद उन्होंने निर्दलीय चुनाव लड़ने का एलान कर दिया था. यही नहीं पिछले विधानसभा चुनाव में जिस तरह से वसुंधरा राजे की करीबी और जयपुर राजघराने की दीया कुमारी को टिकट दिया गया था उनका नाम अभी तक की जारी दोनों लिस्ट से इस बार नदारद है. वहीं किरोणीलाल मीणा और और गीता वर्मा को भी पार्टी ने टिकट नहीं दिया है.

विवादित नेता से दूरी

एक सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि भाजपा के जाने-माने नेता ज्ञानदेव आहूजा जोकि अक्सर अपने बयानों की वजह से चर्चा में रहते थे पार्टी ने उन्हें दोनों ही लिस्ट में जगह नहीं दी है. यही नहीं बांसवाड़ा से विधायक धन सिंह रावत को भी पार्टी ने टिकट नहीं दिया है. गौर करने वाली बात यह है कि आहूजा पार्टी का हिंदुत्ववादी चेहरा बनकर सामने आए थे, ऐसे में जिस तरह से दोनों नेताओं का टिकट काटा गया है उससे लगता है कि पार्टी इस बार विवादित नेताओं से कुछ हद तक की दूरी बना रही है. यही नहीं अलवर से विधायक बनवारी सिंघल को भी हिंदुत्व का चेहरा माना जाता था, उनका नाम भी लिस्ट से नदारत है. यही नहीं प्रदेश सरकार में मंत्री धन सिंह रावत को भी पार्टी ने टिकट नहीं दिया है. धन सिंह रावत ने प्रदेश से मुसलमानों को बाहर करने की बात कही थी.

 

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