देश में जिन चार लोगों को एसपीजी सुरक्षा, उनमें से तीन गांधी-नेहरु परिवार के सदस्‍य

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New Delhi: ताजा खबर यह है कि भारत के पूर्व प्रधानमंत्री डॉ मनमोहन सिंह की एसपीजी सुरक्षा (SPG Security) अब हटा ली जाएगी. अब उनके पास सिर्फ जेडप्लस की सुरक्षा का कवर मिलेगा.

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देश में अब चार वीवीआईपी के लिए एसपीजी सुरक्षा उपलब्‍ध रहेगा. इन चार में एक पीएम नरेंद्र मोदी हैं. लेकिन क्‍या आपको पता है कि बाकी तीन लोग कौन हैं जिन्‍हें एसपीजी सुरक्षा दिया गया है. पीएम मोदी को छोड़ जिन तीन लोगों को एसपीजी सुरक्षा दिया गया है वो सभी गांधी-नेहरु परिवार के सदस्‍य हैं. ये और कोई नहीं, बल्कि कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी, कांग्रेस नेता राहुल गांधी और कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी हैं, जिन्‍हें एसपीजी की सुरक्षा दी गई है.

बड़ी बातें

  • देश में अब सिर्फ चार लोगों के पास एसपीजी सुरक्षा
  • चार में तीन गांधी-नेहरु परिवार के सदस्‍य
  • सोनिया, राहुल और प्रियंका के लिए एसपीजी सुरक्षा
  • पूर्व पीएम मनमोहन सिंह की एसपीजी सुरक्षा हटी
  • महमोहन सिंह को मिलेगा जेड प्‍लस सुरक्षा

देश में सिर्फ पीएम मोदी, सोनिया गांधी, राहुल गांधी और प्रियंका गांधी को एसपीजी सुरक्षा

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मीडिया की खबरों में सूत्रों के हवाले से कहा गया है कि मनमोहन सिंह की एसपीजी सुरक्षा हटाने का फैसला रिव्यू में किया गया. यह सुरक्षा देश के बड़े नेताओं को दी गई है, इनमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और उनके बेटे राहुल गांधी और बेटी प्रियंका गांधी शामिल हैं. अब पूरे देश में इन्हीं चार लोगों के पास एसपीजी सुरक्षा कवर बच जाएगा.

rahul gandhi security
priyanka gandhi security
Sonia Gandhi security

कई नेताओं की कम की गई है सुरक्षा

इसी तरह पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवगौड़ा और वीपी सिंह का सुरक्षा कवर हटाया गया था. खतरे की आशंका को देखते हुए पूर्व प्रधानमंत्री और उनके परिवार को सुरक्षा कवर दिया जाता है. मनमोहन सिंह की बेटियों ने खुद को सुरक्षा कवर से अलग कर लिया था. ऐसे ही प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की दतक पुत्री ने भी सुरक्षा कवर से मना कर दिया था. 

मनमोहन सिंह के करीबी सूत्रों ने बताया कि वह खुद व्यक्तिगत रूप से सुरक्षा को लेकर चिंतित नहीं है, वह सरकार के फैसले के साथ जाने के लिए तैयार हैं.

इंदिरा गांधी की उनके सुरक्षा गार्डों द्वारा हत्या करने के बाद प्रधानमंत्री की सुरक्षा के लिए साल 1985 में एसपीजी की स्थापना की गई थी. साल 1991 में पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की हत्या के बाद एसपीजी एक्ट में संशोधन किया गया और इसमें पूर्व प्रधानमंत्री और उनके परिवार को अगले 10 साल तक एसपीजी सुरक्षा देने का प्रावधान किया गया.

साल 2003 में वाजपेयी सरकार में इस एक्ट में संशोधन किया गया और वह दस साल की सीमा को एक साल कर दिया गया. इसके साथ ही यह भी प्रावधान किया गया कि खतरे को ध्यान में रखते हुए केंद्र सरकार सुरक्षा की समय सीमा तय करेगी.

आपको बता दें कि इससे पहले केंद्र सरकार ने कुछ सांसदों की सुरक्षा घटाने का फैसला लिया था जिसके बाद 1300 से अधिक कमांडो इस ड्यूटी से मुक्त हुए थे. दरअसल, गृह मंत्रालय ने 350 वीआईपी की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की थी. इसके बाद सीआरपीएफ, सीआईएसएफ, एनएसजी और दिल्ली पुलिस के कमांडो को इस कार्य से मुक्त कर दिया गया था.

गृह मंत्रालय ने लालू प्रसाद यादव समेत कई बड़े नेताओं की सुरक्षा कवर की समीक्षा कर सुरक्षा घटाई थी उनमें आरजेडी नेता लालू प्रसाद यादव, बीएसपी सांसद सतीश चंद्र मिश्रा, यूपी बीजेपी के नेता संगीत सोम, बीजेपी सांसद राजीव प्रताप रुड़ी शामिल थे. यूपी सरकार के मंत्री सुरेश राणा और एलजेपी सांसद चिराग पासवान और पूर्व सांसद पप्पू यादव की सुरक्षा भी घटाई गई थी.

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