डिजिटल न्यूज पब्लिशर्स एसोसिएशन से प्रकाश जावड़ेकर बोले- नए आईटी नियम से ऑनलाइन पब्लिशर्स को नई जवाबदेही

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New Delhi: डिजिटल मीडिया को लेकर बनाए गए नए नियमों के सिलसिले में देश के टॉप न्यूज प्रोवाइडर्स के प्रतिनिधियों ने सूचना और प्रसारण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर से बातचीत की. इस दौरान न्यूज प्रोवाइडर्स ने उन्हें नए नियमों के अनुपालन करने पर आने वाली चुनौतियों से अवगत कराया. साथ ही सटीक सूचनाओं के फ़्लो को सुनिश्चित करने पर चिंता व्यक्त की.

केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर के साथ यह बातचीत वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग की जरिए की गई. जिसमें डिजिटल न्यूज पब्लिशर्स एसोसिएशन (DNPA) के दायरे में आने वाले न्यूज प्रोवाइडर्स ने मंत्री को अवगत कराया कि पेशेवर संगठन होने के नाते उनके न्यूज रूम्स में प्रक्रियाओं की एक श्रृंखला होती है. ताकि केवल सटीक जानकारी ही न्यूज रूम से शेयर की जा सके.

केंद्रीय मंत्री के सामने यह रखा गया कि टेलीविजन न्यूज पहले से ही राष्ट्रीय प्रसारण मानक प्राधिकरण (NBSA) के दायरे में थे. प्रिंट मीडिया के ऑर्गनाइजेशन को भी प्रेस काउंसिल ऑफ इंडिया (PCI) के नियमों का पालन करना अनिवार्य है. उनके रूम्स में पर्याप्त चेक और बैलेंस मौजूद हैं. न्यूज वेबसाइटों पर डाली जाने वाली अधिकांश सामग्री वही है, जो टीवी चैनलों और न्यूज पेपर्स के लिए उपयोग की जाती है.

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गौरतलब है कि DNPA के गठन के पीछे के उद्देश्यों में एक यह भी है कि भारतीय दर्शकों को सभी भाषाओं में सबसे विश्वसनीय न्यूज और सेल्फ रेगुलेशन मिले. फेक न्यूज का मुकाबला करना इसका प्रमुख लक्ष्य है.

आईटी मिनिस्‍टर के बैठक में शामिल हुए कई डिजिटल मीडिया ग्रुप्‍स

सूचना और प्रसारण मंत्री के साथ गुरुवार को हुई इस बैठक में इंडिया टुडे ग्रुप के प्रतिनिधि के अलावा और कई न्यूज प्रोवाइडर्स के प्रतिनिधि शामिल हुए. जिनमें दैनिक भास्कर, TOI डिजिटल, ईनाडु, Malyala मनोरमा, ABP, एनडीटीवी, दैनिक जागरण, अमर उजाला, द इंडियन एक्सप्रेस, हिंदुस्तान टाइम्स, TOI (टाइम्स ऑफ इंडिया) और लोकमत के प्रतिनिधि शामिल थे.

बैठक में डिजिटल मीडिया के प्रतिनिधियों की प्रमुख मांगों में से एक मांग यह थी कि उन्हें नए नियमों के दायरे से बाहर रखा जाए. क्योंकि वे पहले से ही प्रिंट और टीवी के मौजूदा नियमों का पालन कर रहे हैं. इस बात पर जोर दिया गया कि प्रिंट मीडिया और डिजिटल मीडिया के कंटेंट लगभग एक जैसे होते हैं, ऐसे में डिजिटल मीडिया के लिए नए नियमों का अनुपालन बोझ को दोगुना कर देंगे.

प्रतिनिधियों में से कई लोगों ने कहा कि उन्होंने शिकायतों को दूर करने के लिए इंटरनल मैकेनिज़्म स्थापित किया है. बैठक के दौरान सूचना और प्रसारण मंत्री ने डिजिटल न्यूज प्रोवाइडर्स द्वारा उठाए गए सभी मुद्दों को सुना.

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मंत्रालय द्वारा जारी एक आधिकारिक बयान के अनुसार, जावड़ेकर ने बताया कि नए नियमों ने डिजिटल न्यूज पब्लिशर्स पर कुछ जिम्मेदारियां रखी हैं. इनमें कोड ऑफ एथिक्स (Code of Ethics) का पालन शामिल है, जो कि PCI और केबल टेलीविजन नेटवर्क अधिनियम के तहत बनाई गई है.

नागरिकों की शिकायतों के समाधान के लिए बनाए गए नियमों ने त्रिस्तरीय शिकायत निवारण तंत्र के लिए प्रावधान किया है. जिसमें से पहला और दूसरा स्तर डिजिटल न्यूज पब्लिशर्स और उनके द्वारा गठित सेल्फ रेगुलेटर निकायों का होगा. डिजिटल न्‍यूज पब्लिशर्स को मंत्रालय के साथ कुछ बुनियादी जानकारी को सरल रूप में साझा करना होगा.

उन्होंने कहा कि प्रिंट मीडिया और टीवी चैनलों के डिजिटल संस्करण हैं, जिनका कंटेंट उनके डिजिटल प्लेटफॉर्म पर लगभग समान है. हालांकि, कई कंटेंट ऐसे भी हैं जो विशेष रूप से सिर्फ डिजिटल प्लेटफॉर्म पर ही दिखाई देते हैं. इसके अलावा कई संस्थाएं हैं जो केवल डिजिटल प्लेटफॉर्म पर ही हैं. ऐसे में नए नियम डिजिटल मीडिया के संस्थानों को पारंपरिक मीडिया के बराबर ला सकेंगे. उन न्यूज पब्लिशर्स से अलग तरह से व्यवहार किया जाना चाहिए जो केवल डिजिटल प्लेटफॉर्म पर हैं.

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सुझावों पर ध्‍यान देगी सरकार

जावड़ेकर ने बैठक के दौरान डिजिटल न्यूज पब्लिशर्स के प्रतिनिधियों को अपने विचार व्यक्त करने के लिए धन्यवाद दिया. साथ ही कहा कि सरकार उनके सुझाए बिंदुओं पर ध्यान देगी. साथ ही मीडिया इंडस्ट्री के समग्र विकास के लिए इस बातचीत की प्रक्रिया को जारी रखेगी.

जावड़ेकर ने बैठक के बाद ट्वीट किया. जिसमें उन्होंने लिखा कि ओटीटी प्लेटफार्म के प्रतिनिधियों के साथ बैठक के बाद, आज डिजिटल न्यूज पब्लिशर्स एसोसिएशन के साथ बातचीत की. डिजिटल मीडिया के लिए नए नियमों पर चर्चा की. उन्होंने नए नियमों का स्वागत किया और कुछ सुझाव दिए, जो मैंने नोट किए हैं.

वहीं, डिजिटल न्यूज पब्लिशर्स एसोसिएशन (DNPA) ने आज की बैठक के लिए केंद्रीय मंत्री जावड़ेकर को धन्यवाद दिया. DNPA ने ऐसे सुझाव दिए जो प्रेस की स्वतंत्रता को बनाए रखते हैं. साथ ही इस बात पर जोर दिया है कि इसके सभी सदस्य प्रेस काउंसिल ऑफ इंडिया के नियमों से बंधे हैं और इसका पालन करते हैं.

बता दें कि सरकार पिछले महीने IT नियम, 2021 लेकर आई थी. जिसमें न्यूज वेबसाइटों, ओटीटी प्लेयर्स और सोशल मीडिया कंपनियों के लिए नए नियम बनाए गए थे.

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