झारखंड में 17 नए सरकारी पॉलीटेक्निक कॉलेज खुलेंगे, जिले बनेंगे एडुकेशन हब

by

#Ranchi: केन्द्र सरकार देश भर में कुल 300 नए सरकारी पॉलिटेक्निकों का प्रारंभ करने जा रही है, जिसमें से 17 नए सरकारी पॉलिटेक्निकों का प्रारंभ झारखण्ड में होगा. नए सरकारी पॉलिटेक्निकों का प्रारंभ गढ़वा, साहिबगंज, पाकुर, गुमला, हजारीबाग, गिरिडीह, देवघर, गोड्डा, लोहरदगा, ji honi rashi पश्चमी सिंहभूम, चतरा, पलामू, जामताडा, खूंटी, रामगढ़, सिमडेगा और दुमका जिलों में होगा.

केन्द्र सरकार ने रू.125.35 करोड की अनुदान सहायता झारखण्ड राज्य को जारी कर दी है. वर्तमान में देश में 3719 सरकारी पॉलिटेक्निक है, जिसमें से झारखण्ड राज्य में कुल 41 सरकारी पॉलिटेक्निक है. केन्द्रीय कौशल विकास और उद्यमशीला राज्यमंत्री श्री अनंतकुमार हेगडे ने यह जानकारी राज्यसभा में जुलाई 25, 2018 को सांसद श्री परिमल नथवाणी द्वारा पूछे गए प्रश्न के उत्तर में दी.

मंत्रीजी के अनुसार, कौशल विकास के लिए समन्वित कारवाई के अंतर्गत पॉलिटेक्निकों पर उप-मिशन के अंतर्गत नए पॉलिटेक्निकों की स्थापना की एक योजना 11वीं योजना के दौरान प्रारंभ की गई है. इस योजना को वर्ष 2017 में मानव संसाधन विकास मंत्रालय से कौशल विकास और उद्यमशीलता मंत्रालय को अंतरित किया गया है, ऐसा उन्होंने बताया.

श्री नथवाणी देश में पॉलिटेक्निकों की कुल संख्या और सरकार द्वारा नए पॉलिटेक्निक का प्रारंभ करने की योजना के बारे में और इसके लिए दी गई अनुदान सहायता के बारे में जानना चाहते थे.

मंत्रीजी के जवाब के अनुसार, सरकार गुजरात राज्य में भी पांच नए सरकारी पॉलिटेक्निकों का प्रारंभ करेगी। गुजरात में नए पॉलिटेक्निकों का प्रारंभ नर्मदा, तापी, जूनागढ, खेडा और नवसारी जिलों में किया जाएगा. केन्द्र सरकार ने इस हेतु राज्य सरकार को रू.32.12 करोड की अनुदान सहायता जारी की है. वर्तमान में गुजरात में 132 पॉलिटेक्निक है.

मंत्रीजी ने बताया कि इस योजना के अंतर्गत भारत सरकार देश के 300 असेवित और अर्ध-सेवित जिलों में नए सरकारी पॉलिटेक्निक स्थापित करने के लिए प्रति पॉलिटेक्निक रू.12.30 करोड तक की एकबारगी वित्तीय सहायता प्रदान करती है.

मंत्रीजी के जवाब के अनुसार, सबसे ज्यादा 41 नए सरकारी पॉलिटेक्निकों का प्रारंभ उत्तर प्रदेश में होगा, उसके बाद 34 नए सरकारी पॉलिटेक्निकों का प्रारंभ बिहार राज्य में होगा.

Leave a Reply

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.