कोरोना वायरस को लेकर झारखंड में सियासत गर्म, सत्‍ता और विपक्ष आमने-सामने

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Ranchi: कोरोना वायरस (Coronavirus) को लेकर झारखंड सरकार गंभीर है. इस गंभीर विषय पर आज मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से विचार विमर्श कर कार्य योजना तैयार की जाएगी. उक्त बातें सूबे के स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता ने कही.

उन्होंने कहा कि रविवार को जमशेदपुर में तीन जिले के आपदा प्रबंधन, स्वास्थ्य विभाग, निजी अस्पताल, टाटा मोटर्स के जीएम आदि के साथ बैठक कर कार्ययोजना तैयार किया गया है.

उन्होंने बताया कि बैठक में वैसे गंभीर मरीजो के लिए आइसोलेशन वार्ड बनाने को कहा गया है. वहीं शहर से थोड़े दूर पर 20-20 बेड का वार्ड तैयार किया जाए, जहां पर मरीजों की जांच की जा सके और उनके डॉक्टर अपनी देख रेख में रख सके. वहीं स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि शहर की सफाई पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है.

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विपक्ष द्वारा सरकार की उदासनता वाले बयान पर उन्होंने कहा कि पहले जब वे काम करते थे तो आवाज़ भी नहीं आती थी और हम आहें भी भरते है तो चर्चा हो जाती है. उन्होंने कहा कि विपक्ष ने इस दीर्घकालीन सत्र को हास्यास्पद बना दिया है. जनता उन्हें कभी माफ नहीं करेगी.

सदन में उठाया जाएगा कोरोना वायरस मुद्दा

इधर कांग्रेस विधायक इरफान अंसारी ने कोरोना वायरस पर अपनी चिंता व्यक्त की है. उन्होने कहा कि आज इस मुद्दे को सदन में उठाया जाएगा. और मुझे यकीन है कि इस पर सरकार का सकारात्मक फैसला आयेगा. सरकार इस मामले में गंभीर है.

खुद डॉक्‍टर हूं आइसोलेशन पर मुझे रखने की जरूरत नहीं

कांग्रेस विधायक दीपिका पांडेय के अमेरिका से वापस आने और उन्हें आइसोलेशन पर रखने के सवाल पर उन्होंने कहा कि मैं खुद एक डॉक्टर हूं. इसलिए कोई दिक्कत नहीं होगी. फिलहाल वहां से आने वाले सारे फ्लाइट कैंसिल है.

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कोरोना वायरस पर उन्होंने चुटकी लेते हुए कहा कि तीन महीना पहले ही बहुत मुश्किल से एक वायरस को भगाया है. झारखंड गरीब राज्य है यहां के लोग मेहनती है और यहां कोरोना का कोई असर नहीं होगा.

कोरोना वायरस से निपटने के लिए सरकार के पास कोई रणनीति नहीं

भाजपा के झारखंड प्रदेश अध्यक्ष और राज्यसभा प्रत्यशी दीपक प्रकाश ने कहा कि कोरोना वायरस से पूरी दुनिया संक्रमित है. इस मामले में भारत सरकार गंभीर है. लेकिन झारखंड सरकार कोरोना को लेकर गंभीर नजर नहीं आ रही है. फिलहाल सरकार के पास कोई रणनीति नही हैं.

उन्होंने कहा कि सरकार को चाहिए कि सभी स्कूल, कॉलेज एवं सार्वजनिक स्थलों को बंद किया जाए और जो भी लोग दूसरे राज्य या देश से झारखंड आ रहे है उन्हें बेहतर इलाज मुहैया करवाएं.

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उन्होंने कहा कि इस वायरस को महामारी घोषित किया गया है ऐसे में झारखंड में इस महामारी को फैलने से रोकने के लिए पहले से ही बचाव की तैयारी कर ली जाए. सरकार को इस महामारी को कैसे रोकें इस पर जल्द विचार करने की जरूरत है.

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