दूरदर्शन पर आज से रोज टेलीकास्‍ट होगी PoK, गिलगित-बाल्टिस्‍तान की Weather Report

New Delhi: भारत ने कोरोना वायरस महामारी के बीच ही पाकिस्‍तान को एक और बड़ा जख्‍म देने की तैयारी कर ली है. सरकारी चैनल दूरदर्शन पर आज शाम से रोजाना पाकिस्‍तान अधिकृत कश्‍मीर यानी पीओके और नॉर्दन एरियाज के मौसम का हाल बताया जाएगा.

माना जा रहा है कि भारत सरकार ऐसा करके रोजाना पाकिस्‍तान को एक संदेश देना चाहती है कि उसे इन क्षेत्रों पर गैर-कानूनी कब्‍जा किया हुआ है. आपको बता दें कि भारत के मौसम विभाग ने पहली बार गिलगित-बाल्टिस्‍तान के मौसम का हाल अपने बुलेटिन में दिया है.

PoK के मीरपुर और मुजफ्फराबाद का मौसम

इंग्लिश डेली हिन्‍दुस्‍तान टाइम्‍स ने सूत्रों के हवाले से बताया है कि दूरदर्शन नेशनल, डीडी न्‍यूज, ऑल इंडिया रेडियो और कश्‍मीर चैनल्‍स को निर्देश दिए गए हैं कि देश के दूसरे हिस्‍सों के साथ इन क्षेत्रों को भी रोजाना मौसम बुलेटिन में शामिल किया जाए.

कश्‍मीर चैनल दूरदर्शन का ही हिस्‍सा है और जम्‍मू कश्‍मीर में इसका प्रसारण होता है. दूरदर्शन शुक्रवार से पीओके के मीरपुर और मुजफ्फराबाद और गिलगित-बाल्टिस्‍तान के मौसम की भविष्‍यवाणी करेगा.

एक सरकारी अधिकारी की तरफ से कहा गया कि इस फैसले से इमरान खान सरकार और उनके समर्थकों को निरंतर एक संदेश दिया जाएगा कि पाकिस्‍तान का कोई भी कदम उसके गैरकानूनी कब्‍जे को सही नहीं ठहरा सकता है.

भारत ने दिया संदेश तुरंत खाली करे गिलगित

चार मई को विदेश मंत्रालय की तरफ से पाकिस्‍तान सुप्रीम कोर्ट के एक आदेश के बाद राजनयिक को डेमार्श जारी किया गया था. पाक के कोर्ट की तरफ से गिलगित-बाल्टिस्‍तान पर आए एक आदेश के बाद भारत ने पाक को स्‍पष्‍ट कर दिया कि उसे तुरंत यह हिस्‍सा छोड़ देना चाहिए.

विदेश मंत्रालय ने पाकिस्‍तान को साफ कर दिया है कि जम्‍मू कश्‍मीर और लद्दाख का पूरा क्षेत्र जिसमें गिलगित-बाल्टिस्‍तान का हिस्‍सा भी आता है, वह भारत का आंतरिक भाग है और भारत के पास इस पर अखण्‍डनीय और कानूनी अधिग्रहण का अधिकार है. पाक सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दिया है कि गिलगिल-बाल्टिस्‍तान में कार्यवाहक सरकार के लिए नए सिरे से चुनाव कराए जाएं.

साल 2009 में बदला गया नॉर्दन एरियाज का नाम

पाकिस्‍तान ने साल 2009 में पहली बार गिलगित-बाल्टिस्‍तान की स्थिति में बदलाव करना शुरू किया था. उस समय पाक सरकार की तरफ से गिलगित-बाल्टिस्‍तान एम्‍पावरमेंट एंड सेल्‍फ गर्वनेंस ऑर्डर को लाया गया था. इसी साल इसका नाम नॉर्दन एरियाज से बदलकर गिलगित-बाल्टिस्‍तान कर दिया गया था.

भारत की तरफ से पाकिस्‍तान को यह भी साफ कर दिया है कि इस मसले पर भारत की स्थिति साल 1994 में संसद में पास हुए प्रस्‍ताव में नजर आई थी जिसे सर्वसम्‍मति से पास किया गया था. पाक या फिर इसकी न्‍यायपालिका के पास कोई अधिकार नहीं है कि वह इस पर गैर-कानूनी और जबरन कब्‍जा करे.

इमरान सरकार कर रही पांचवां प्रांत बनाने की कोशिशें

साल 2018 में पाकिस्‍तान की इमरान सरकार एक आदेश लेकर आई थी. इस आदेश में साल 2009 के आदेश को हटा दिया गया था. पाकिस्‍तान सुप्रीम कोर्ट ने इसी आदेश का हवाला देते हुए चुनाव कराने के आदेश दिए हैं. इस आदेश में गिलगित-बाल्टिस्‍तान के पास अपना प्रांतीय सरकार होने की मंजूरी दे दी गई थी. इस सरकार का नियंत्रण सत्‍ताधारी प्रधानमंत्री के पास होगा.

16 मार्च 2017 को भारत के विदेश मंत्रालय की तरफ से कहा गया था, ‘1947 में जम्मू कश्मीर का भारत में विलय हो गया था. ये हमेशा से भारत का अभिन्न अंग रहा है, और हमेशा रहेगा. जम्मू कश्मीर के कुछ इलाके पाकिस्तान के अवैध कब्जे में हैं. उन इलाकों में किसी भी तरह की एकतरफा हेराफेरी गैरकानूनी है और इसे बिल्‍कुल बर्दाश्त नहीं की जाएगा.’

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