सुरक्षा में चूक तो गृहमंत्री अमित शाह से इस्‍तीफा लें पीएम मोदी

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Ranchi: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने पंजाब दौरे के दौरान सुरक्षा में हुई चूक के बारे में गुरूवार को राष्‍ट्रपति रामनाथ कोविंद को जानकारी दी. राष्‍ट्रपति ने इसपर गंभीरता से चिंता जताई. राष्‍ट्रपति भवन ने इस पर ट्वीट करके जानकारी दी. मुलाकात के बाद पीएम मोदी ने भी ट्वीटकर जानकारी देते हुए कहा कि राष्‍ट्रपति जी से भेंट की. उनकी ओर से चिंता व्‍यक्‍त किये जाने के लिए आभार. उनकी शुभकामानओं के लिए आभारी हूं. जो हमेशा शक्ति के स्रोत रहे हैं.

इधर पीएम की रैली और सुरक्षा में चूक को लेकर पूरे देश में राजनीति तेज हो गई है. भाजपा और सहयोगी दल एक ओर जहां पंजाब के कांग्रेस सरकार की लापरवाही बता रहे हैं वहीं कांग्रेस समेत विपक्षी पार्टियां इस पूरे घटनाक्रम पर कटाक्ष कर रहे हैं.

पंजाब में कांग्रेस ने की लोकतंत्र की हत्‍या

पंजाब की घटना पर बाबूलाल मरांडी ने कहा कि प्रधानमंत्री की सुरक्षा में हुई चूक में चन्‍नी सरकार माफ करने योग्‍य नहीं है. उन्‍होंने कहा कि इस घटना में पंजाब सरकार ही नहीं कांग्रेस भी शामिल है. उन्‍होंने कहा कि कांगेस द्वारा जो स्थिति उत्‍पन्‍न की जा रही है वह लोकतंत्र की हत्‍या है. देश को विपरीत मानसिकता की ओर धकेला जा रहा है.

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सुरक्षा में चूक तो अमित शाह से इस्‍तीफा लें पीएम

झारखंड प्रदेश कांग्रेस के प्रवक्‍ता राकेश सिन्‍हा ने कहा है कि प्रधानमंत्री की सुरक्षा में पंजाब सरकार ने किसी प्रकार की कमी नहीं रखी. फिरोजपुर की रैली में भीड़ नहीं देखकर प्रधानमंत्री ने बहाना बनाया है. अगर प्रधानमंत्री की सुरक्षा में चूक हुई है तो प्रधानमंत्री गृहमंत्री से इस्‍तीफा लें.

भाजपा शुरू से ही सिखों को बदनाम करने का प्रयास कर रही है. चाहे वो किसान आंदोलन हो या पंजाब की घटना. गुरूआवार को कांग्रेस भवन में पत्रकारों से बताचीत करते हुए कांग्रेस प्रवक्‍ता ने कहा कि भाजपा को यह पच नहीं रहा कि दलित सिख पंजाब का नेतृत्‍व करे. यही वजह है कि राष्‍ट्रीय फलक पर सिखों को बदनाम करने की साजिश हो रही है.

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उन्‍होंने कहा कि आरोप लगाने के बजाये भाजपा और प्रधानमंत्री को अपने किसान विरोधी रूप पर आत्‍ममंथन करना चाहिए. प्रधानमंत्री की गरीमामयी पद को धूमिल नहीं करना चाहिए. भाजपा पंजाब और अन्‍य राज्‍यों में हार देखकर ऐसे हथकंडे अपना रही है. जो भाजपा और प्रधानमंत्री को शोभा नहीं देता है.

उन्‍होने कहा कि पंजाब की रैली में कुर्सियां खाली थी. आम जनता, किसान भाजपा से नाराज है. ऐसे में भाजपा की ओर से उल-जुलूल बातें की जा रही हैं.

सिद्धु को पत्र- भाजपा की सभाओं में कांग्रेस भेजे समर्थक

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पंजाब दौरे को लेकर पंजाब कांग्रेस अध्‍यक्ष नवजोत सिंह सिद्धू को झामुमो के केंद्रीय महासचिव सुप्रियो भट्टाचार्य ने एक पत्र लिखा है. इस पत्र में कटाक्ष किया गया है.

पत्र में कहा गया है कि फिरोजपुर के राजकीय आयोजन के तहत प्रधानमंत्री की चुनावी रैली थी. एक साल से ज्‍यादा चले व सैकड़ों किसानों की शहादत के बाद तीन किसान विरोधी कानूनों की वापसी के बाद फिरोजपुर में यह कार्यक्रम था. सोशल मीडिया और समाचार के माध्‍यम से पता चला कि 70 हजार कुर्सियों में 10 प्रतिशत भी उपस्थिति नहीं होने के कारण प्रधानमंत्री को अपना कार्यक्रम रद्द कर वापस दिल्‍ली आना पड़ा.

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इस विषय में प्रधानमंत्री द्वारा पंजाब के मुख्‍यमंत्री से यह कहना पड़ा कि मैं जिंदा लौट गया हूं, गंभीर बात है.

सुप्रीयो भट्टाचार्य ने पत्र में कटाक्ष करते हुए कहा कि भाजपा के मुख्‍य स्‍टार प्रचारक नरेंद्र मोदी की चुनावी सभा में न्‍यूनतम पांच हजार, अमित शाह की सभा में तीन हजार और भाजपा अध्‍यक्ष जेपी नड्डा  की सभा में एक हजार कांग्रेस अपनी उपस्थिति सुनिश्चित कराये. ताकि देश को गुमराह होने से बचाया जा सके.

झामुमो महासचिव ने कहा कि पिछले झारखंड विधानसभा चुनाव में भाजपा के स्‍टार प्रचारक अमित शाह की चक्रधरपुर चुनावी सभा में भाजपा समर्थकों की उपस्थिति नगण्‍य थी. ऐसे में उन्‍हें तीन घंटे तक बिरसा मुंडा एयरपोर्ट पर इंतजार करना पड़ा था. इसके बाद कुछ सौ लोग जुटे तो सभा आयोजित हई. इस विधानसभा चुनाव में झामुमो ने भाजपा प्रत्‍याशी को 12 हजार से अधिक मतों से पराजित किया था.

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