नए साल 2021 पर पीएम मोदी ने दी 6 राज्यों के 6 शहरों को सौगात, झारखंड-रांची के नाम भी शामिल

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New Delhi: प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी ने शुक्रवार को देश के छह राज्‍यों के छह शहरों को नई सौगात दी है. इसके तहत पीएम मोदी ने वैश्‍विक आवासीय प्रौद्योगिकी चुनौती-भारत (जीएचटीसी-भारत) के तहत हल्के मकानों से जुड़ी परियोजनाओं की आधारशिला रखी.

वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से आयोजित एक समारोह में मोदी ने सस्‍ते और टि‍काऊ आवासीय उत्‍प्रेरक (एएसएचए- इंडिया) के तहत विजेताओं की घोषणा भी की. उन्होंने प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) को लागू करने में उत्‍कृष्‍टता के लिए वार्षिक पुरस्कार भी प्रदान किए.

इस अवसर पर आवास एवं शहरी मामलों के मंत्री हरदीप सिंह पुरी के अलावा त्रिपुरा, झारखंड, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, गुजरात, तमिलनाडु और आंध्र प्रदेश के राज्यपाल और मुख्यमंत्री उपस्थित थे.

प्रधानमंत्री ने इस अवसर पर ‘नवारिति‍ह’ के नाम से नवोन्मेषी निर्माण प्रौद्योगिकी पर एक पाठ्यक्रम की शुरुआत की और 54 नवोन्मेषी आवासीय निर्माण प्रौद्योगिकी के एक संग्रह का विमोचन भी किया.

प्रधानमंत्री कार्यालय के मुताबिक हल्के मकान से जुड़ी परियोजनाएं देश में पहली बार निर्माण क्षेत्र में इतने बड़े पैमाने पर नए जमाने की वैकल्पिक वैश्विक प्रौद्योगिकी, सामग्री और प्रक्रियाओं का बेहतरीन प्रदर्शन करती हैं.

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लाइट हाउस प्रोजेक्ट से झारखंड और रांची को भी लाभ

लाइट हाउस प्रोजेक्ट के तहत केंद्र सरकार छह शहरों- इंदौर, चेन्नई, रांची, अगरतला, लखनऊ और राजकोट में 1000-1000 से अधिक मकानों का निर्माण करेगी. कार्यक्रम में आवासीय और शहरी विकास मंत्री हरदीप सिंह पुरी के अलावा त्रिपुरा, झारखंड, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, गुजरात, तमिलनाडु और आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री भी शामिल हैं. इसके साथ ही पीएम मोदी अफोर्डेबल सस्टेनेबल हाउसिंग एक्सेलरेटर अवॉर्ड्स का भी ऐलान करेंगे. इसके अलावा वे आवास योजना (अर्बन) के तहत किए गए कामों के लिए वार्षिक पुरस्कारों की भी घोषणा करेंगे.

केन्द्रीय आवास एवं शहरी मामलों के मंत्रालय ने 2017 को जीएचटीसी-इंडिया के तहत ‘लाइट हाउस परियोजनाओं के निर्माण के लिए पूरे देश में छह स्थानों का चयन करने के लिए राज्यों व केन्द्रशासित प्रदेशों के लिए एक चुनौती की शुरुआत की थी. मंत्रालय ने इस चुनौती में सक्रिय रूप से भाग लेने के लिए सभी राज्यों व केन्द्रशासित प्रदेशों को प्रोत्साहित किया था तथा निर्धारित मानदंडों के अनुसार सबसे अधिक अंक अर्जित करने वाले छह राज्यों व केन्द्रशासित प्रदेशों को ‘लाइट हाउस परियोजनाएं’ प्रदान करने की घोषणा की थी.

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इन प्रदेशों को प्रधानमंत्री आवास योजना (पीएमएवाई-शहरी) के दिशा-निदेर्शों के अनुसार, इन परियोजनाओं के निर्माण के लिए केन्द्रीय सहायता उपलब्?ध कराई गई. इसके अलावा नयी प्रौद्योगिकी के उपयोग और अर्थव्यवस्थाओं से संबंधित मुद्दों से निपटने और अन्य संबंधित कारकों के कारण होने वाले किसी अतिरिक्त लागत के प्रभाव को दूर करने के लिए प्रौद्योगिकी नवाचार अनुदान (टीआईजी) का भी प्रावधान किया गया था. इस प्रोजेक्ट के तहत भूकंपरोधी मकान बनेंगे और काफी सस्ते भी होंगे.

कौन-कौन राज्य हैं इस प्रोजेक्ट में
लाइट हाउस प्रोजेक्ट में त्रिपुरा, झारखंड, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, गुजरात और तमिलनाडु शामिल हैं. लाइट हाउस प्रोजेक्ट केंद्रीय शहरी मंत्रालय की महत्वाकांक्षी योजना है, जिसके तहत लोगों को स्थानीय जलवायु और इकोलॉजी का ध्यान रखते हुए टिकाऊ आवास प्रदान किए जाते हैं. एलएचपी प्रोजेक्ट के तहत आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (ईडब्ल्यूएस) के लिए मकान बनाए जा रहे हैं. इसके तहत शहरी गरीबों (ईडब्ल्यूएस) को सिर्फ पौने पांच लाख रुपये में 415 वर्ग फीट के फ्लैट सौंपे जाएंगे.

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नए सिलेबस की भी शुरुआत करेंगे

कार्यक्रम में प्रधानमंत्री इनोवेशन कंस्ट्रक्शन टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में एक नए सर्टिफिकेट कोर्स की भी शुरुआत करेंगे. इसका नाम ‘नवारितिह’ (NAVARITIH) रखा गया है. NAVARITIH का मतलब है- न्यू, अफोर्डेबल, वैलिडेटेड, रिसर्च इनोवेशन टेक्नोलॉजी फॉर इंडियन हाउसिंग. इस कार्यक्रम में आवासीय और शहरी विकास मंत्री हरदीप सिंह पुरी के अलावा त्रिपुरा, झारखंड, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, गुजरात, तमिलनाडु और आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री भी शामिल हैं.

2017 में शुरू हुआ था मंथन

केंद्रीय आवास एवं शहरी मामलों के मंत्रालय ने 2017 में GHTC-इंडिया के तहत लाइट हाउस प्रोजेक्ट के लिए छह शहरों को चुनने के लिए राज्यों और केन्द्रशासित प्रदेशों से कहा था. मंत्रालय ने इसमें सक्रिय रूप से भाग लेने के लिए सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को प्रोत्साहित किया था. मानकों के मुताबिक, सबसे अधिक मार्क्स पाने वाले 6 राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों में लाइट हाउस प्रोजेक्ट की शुरुआत करने की घोषणा की गई थी.

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