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पीजीआई इंडिया ने पुरुषों की एक नई नस्ल – मेन ऑफ कैरेक्टर के सम्मान में “मेन ऑफ प्लेटिनम” लॉन्च किया

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सितंबर, 2019: मर्दानगी की नई परिभाषा की इतनी अधिक जरूरत पहले कभी महसूस नहीं की गई। अल्फा मेन यानी दबंग पुरुष के भरण-पोषण करने वाले, मजबूत और खामोश व्‍यक्‍ति, आदर्श पति, आदर्श बेटे वाले पुराने रूपों से लेकर आज के शांत सफल व्‍यक्‍ति, आकर्षक पुरुषत्व, जेंडर समानता में भरोसा रखने वाले पुरुषों तक, आज के पुरुषत्व की मुख्यधारा की धारणा थोड़ी उलझी हुई है। नई दुनिया ने खुद ही बदलाव के कारणों को जन्‍म दिया है, जिसने एक पुरुष होने के अर्थ को फिर से परिभाषित करने की आवश्यकता पर जोर दिया है। डेमोक्रेटाइजेशन यानी अवसर और धन तक की लोकतांत्रिक पहुंच ने ताकत, स्‍टेटस और संपत्ति से मिलने वाले उस अधिकार को कम कर दिया है, जो पुरुषों को अलग पहचान देते थे और उन्हें ऊपर रखते थे। यह सब अब उस सीमा तक नहीं रहा है। समाज में जेंडर समानता और कार्य स्थल पर विविधता की बढ़ती आवश्यकता ने उनकी सत्ता को कम करने में ही योगदान दिया है, क्योंकि भरण-पोषण करने और जिम्‍मेदारी निभाने के कार्य से स्‍वयं की पहचान बनाने वाले जेंडर के पास अब यह अधिकार सिर्फ अकेले उसी के लिए नहीं रहा। स्टार्ट-अप संस्कृति ने अतिरिक्‍त दबाव डालने का काम किया है, जिससे दूसरों के लिए भी सफलता अब अधिक करीब आ गई लगती है।

और इसलिए इसमें कोई आश्‍चर्य नहीं कि पुरुष पूछ रहे हैं कि आज एक पुरुष होने की विशेषता क्‍या है, पुरुषों को किन बातों पर ध्‍यान देना चाहिए? वे कौन-से मूल्य हैं जिनसे पुरुष पहचाने जाते हैं? क्या चीज है जो उनकी अलग पहचान बनाती है?

प्लैटिनम गिल्ड इंटरनेशनल – भारतीय पुरुषों के लिए एक शक्तिशाली और बहुत जरूरी नैरेटिव उपलब्‍ध कराता है, क्योंकि वे एक नई श्रेणी की शुरुआत कर रहे हैं, जिसका नाम है – प्लेटिनम ज्‍वेलरी फॉर मेन। एक श्रेणी जिसने अपार क्षमता का प्रदर्शन किया है और लगता है कि इसने अभी तक प्लेटिनम के अगले गेम चेंजर होने का वादे का पूरा लाभ नहीं उठाया है। “मेन ऑफ प्लेटिनम” के रूप में शुरू किया गया अभियान पुरुषों की एक नई नस्ल, मेन ऑफ कैरेक्‍टर के उभार को दर्शाता है। ये वे पुरुष हैं जिनके मूल्य उन्हें परिभाषित करते हैं और उनके चरित्र को पहचान देते हैं। वे एक बड़े उद्देश्य के साथ चलते हैं, वे न केवल पद और पैसे की तलाश करते हैं, बल्‍कि कद को लेकर गंभीर रहते हैं। वे दिये गये विशेषाधिकार वाली जिंदगी की अपेक्षा नहीं करते हैं – बल्कि वे अपने मूल्यों के साथ अपना रास्‍ता खुद बनाते हैं। उनके पास अपने सपनों को आगे बढ़ाने और हार को स्‍वीकार करने का साहस है। उनके पास अपनी सोच के साथ खड़ा होने और कभी न पीछे हटने की क्षमता है। वे विपत्ति में शांत रहते हैं। चाहे जो भी परिणाम निकले, हर परिस्‍थिति में वे अपने विश्वासों पर टिके रहते हैं। सीखने को लेकर उनकी जिज्ञासा और लोगों को साथ ले चलने और यहां तक ​​कि, लोगों को अपने आसपास आकर्षित करने की उनकी विनम्रता उल्लेखनीय है। वे प्रेरणा का स्रोत हैं – वे ऐसे पुरुष होते हैं जिनके जैसा होने की आकांक्षा ज्यादातर पुरुष रखते हैं। ये लोग अंदर से प्लैटिनम जैसे होते हैं, वे दुर्लभ किस्‍म के मेन ऑफ प्‍लेटिनम हैं।

फेमस इनोवेशंस द्वारा बनाया और विकसित किया गया, यह अभियान डिजिटल पर उपलब्‍ध आकर्षक प्री-बज कंटेंट के साथ, 18 सितंबर को शुरू किया गया था। दो सामाजिक प्रयोगों से अभियान की शुरुआत की गई, जिसका उद्देश्य किसी व्यक्ति के चरित्र, उसके मूल्यों का परीक्षण करना था, और यह साबित करना था कि असाधारण मूल्यों वाले दुर्लभ पुरुष, विशेषकर प्रतिकूल परिस्थितियों में, और जब जोखिम अधिक हो तो कैसे होते हैं।

यह एक लड़की है – https://www.youtube.com/watch?v=zyQejlPzdZ0

टीम शूट – https://www.youtube.com/watch?v=eFPwNtnCYbU

इस अभियान में दो ब्रांड टीवीसी भी शामिल हैं, जो असर डालने वाले कहानी को प्रस्‍तुत कर रहे हैं, जिससे यह पता चलता है कि कैसे अपने मूल्यों के आधार पर पुरुषों में फर्क होता है। पहली फिल्म में करण है जो अभी हाल ही में पिता बना है, और जो अपने हक के अनुसार 3 महीने के पैटरनिटी लीव की मांग करता है। इस पर बॉस को आश्चर्य होता है, क्‍योंकि उसके पारंपरिक दिमाग में पुरुष परिवार का प्राथमिक तौर पर भरण-पोषण करने वाला होता है, और महिलाएं परिवार की देखभाल करने वाली होती हैं। लेकिन करण का देखने-सोचने का तरीका अलग है और उसके लिए खड़े होने का साहस भी है, चाहे इसके लिए लिए उसके सामने कितनी भी बाधायें आयें। अंत में अपनी सोच के साथ साहस से खड़े रहने के कारण ही वह बॉस की नजरों में प्रशंसा का पात्र बनता है।

दूसरी फिल्म “मि. कुमार” पर बनायी गयी है जिन्हें “एन्‍टरप्रीन्‍योर ऑफ द ईयर” चुना गया है। जब वह इस फिल्‍म के लिए उन लोगों को आमंत्रित करते हैं, जिन्होंने उनके साथ स्टार्ट-अप का जोखिम उठाया है। वह पूरी तरह से उनकी भूमिका और इस प्रयास में उनके महत्‍व को स्वीकार करते हुए अपनी विनम्रता का शानदार उदाहरण पेश करते हैं, जो उन्‍हें और उनके सर्विस स्‍टाफ को अधिक पसंद है। बहुत ही विनम्र तरीके से सफलता को साझा करने में उनका विश्वास है, जिसके लिए फिल्‍म बनाने वाला फोटोग्राफर भी उनका सम्‍मान करता है।

प्रिंट अभियान भी इन अनुकरणीय मूल्यों को आकर्षक तरीके से पेश करता है जो इस बात पर रोशनी डालते हैं कि ‘मेन ऑफ प्लैटिनम’ कैसे बनते हैं।

इस अभियान के माध्यम से, पीजीआई इंडिया इस नए आदर्श व्‍यक्‍ति के उदाहरण को पेश करते हैं। एक ऐसा व्यक्ति जो इन दुर्लभ मूल्यों की परवाह करता है और उनको अपने जीवन में अपनाता है। आज का पुरुष समझता है कि दृढ़ता, साहस, विनम्रता, जिज्ञासा, प्रामाणिकता या यहां तक ​​कि, वापस लौटाने की प्रतिबद्धता जैसे मूल्यों के बिना उसकी यात्रा कितनी अपर्याप्त होगी। इसलिए, भले ही उन मूल्‍यों का पालन करना कठिन हो, पर वह उन मूल्‍यों के साथ खड़ा रहता है।

इन जैसे पुरुषों के लिए प्लेटिनम एकदम सही है। यह एक ऐसी धातु है जो दुर्लभ है, जो दुनिया के चुनिंदा स्थानों में पायी जाती है और जिनको ज्‍वेलरी में बदलने के लिए कौशल की निपुणता की आवश्यकता होती है और ऐसी निपुणता कुछ ही लोगों में होती है। यह कई दुर्लभ गुणों को प्रदर्शित करता है जैसे प्राकृतिक सफेदी, उच्च घनत्व, जंग लगने के प्रति लिए उच्च प्रतिरोध, 95% शुद्धता। पुरुष प्लैटिनम को एक ऐसी धातु की तरह देखते हैं जो अलग तरह की है और सफलता एंवं स्‍टाइल का प्रतीक है। दुर्लभ प्लैटिनम दुर्लभ मूल्यों का प्रतीक है जो कुछ पुरुषों को दूसरों से अलग पहचान देता है।

आज का पुरुष प्लैटिनम को क्यों चुनता है, इस पर विस्तार से बताते हुए सुजला मार्टिस, डायरेक्टर – कंज्यूमर मार्केटिंग, प्लेटिनम गिल्ड इंटरनेशनल – इंडिया कहती हैं  कि प्लेटिनम उन मूल्यों के रूप में दुर्लभ है जो ऐसे पुरुषों को परिभाषित करता है, जिनके पास अपना एक चरित्र है। यही कारण है कि हम उन्हें मेन ऑफ प्लैटिनम कहते हैं। आज का मनुष्य धन से बनाये गये स्‍टेटस की पहचान से अलग हट कर, व्यक्तिगत महानता वाला जीवन जीने की इच्छा रखता है। हमारे आस-पास की सफलताओं को देखें – वे मूल्यों का एक असाधारण रूप प्रदर्शित करती हैं। आज का पुरुष इन मूल्यों के लिए सराहना चाहता है और वह अपनी विरासत छोड़ना चाहता है। पुरुषों की इस दुर्लभ नस्ल के लिए प्लैटिनम पसंदीदा धातु है।

राज कांबले, सीसीओ, फेमस इनोवेशंस

मेन ऑफ प्लेटिनम उन पुरुषों के प्रति सम्‍मान है जो मूल्यों और कठिन नैतिक नियमों द्वारा खुद को और अपने कार्यों को परिभाषित करते हैं। यहां सिर्फ पुरुष को परिभाषित करने का ही विचार नहीं है, बल्कि वास्तव में उन गुणों के बारे में बात करना है, जो उसे इतना खास बनाते हैं। इसलिए हमारा उद्देश्‍य पुरुषों के बारे में कुछ वास्तविक कहानियां बनाना था जो इन मूल्यों को उचित ठहराते हों और लोगों को अच्छी तरह समझा पाते हों।

हेडन स्कॉट, ग्रुप क्रिएटिव डायरेक्टर, फेमस इनोवेशंस

अभियान के लिए विचार वास्तव में पारंपरिक मर्दाना आदर्श को फिर से परिभाषित करने की आवश्यकता से निकला। पॉप संस्कृति में मर्दानगी के सामान्य अल्फा यानी दबंग पुरुष संस्करण से आगे बढ़ते हुए, मेन ऑफ प्लेटिनम वाले पुरुषों का उद्देश्य दुर्लभ पुरुषों के उस दुर्लभ समूह का समर्थन करना है जो लीक से हट कर दुर्लभ मूल्‍यों के साथ अपना जीवन जीते हैं।

विज्ञापन और मार्केटिंग को एक साथ लेते हुए शुरू किया गया यह अभियान पुरुषों के लिए प्लेटिनम ज्‍वेलरी की सभी नई रेंज को बढ़ावा देने के लिए तैयार किया गया है। अभियान दो टीवीसी के नेतृत्व में बना एक समग्र कार्यक्रम है, और इसके पीछे एक मजबूत क्‍म्‍यूनिकेशन प्‍लान है जिसमें उच्‍च स्‍तरीय आउटरीच और फ्रीक्‍वेंसी सुनिश्चित करने के लिए टीवी, सिनेमा, प्रिंट, डिजिटल, ओओएच और पूरे मार्केट में पीआर करना शामिल हैं। इन माध्यमों की सामग्री को नई श्रेणी के प्रति जागरूकता और मान्यता प्रदान करने के लिए केंद्रित किया गया है।

उपलब्धता: अग्रणी खुदरा विक्रेताओं के स्टोर में एक प्लेटिनम काउंटर होता है। कृपया डिजाइन के बारे में अतिरिक्त जानकारी प्राप्त करने और अपने नजदीकी अधिकृत प्लेटिनम रिटेलर का पता लगाने के लिए – www.preciousplatinum.in पर जाएं।

शुद्धता आश्वासन कार्यक्रम:

प्लेटिनम ज्‍वेलरी की शुद्धता के बारे में उपभोक्ताओं को आश्वस्त करने के उद्देश्‍य से, प्लेटिनम गिल्ड इंडिया प्रा. लिमिटेड ने अपनी गुणवत्ता आश्वासन योजना की ऑडिट कराने और निगरानी कराने के लिए ट्रस्ट एवर एश्योरेंस सर्विसेज एलएलपी को नियुक्त किया है। इस योजना के अंतर्गत, भारत में सभी प्रामाणिक प्लैटिनम ज्‍वेलरी के साथ एक गुणवत्ता आश्वासन कार्ड मिलता है और ज्‍वेलरी में अंदर ‘पीटी 950’ का शुद्धता का निशान लगा होता है। यह ‘बाय बैक’ कार्यक्रम के आश्वासन के रूप में भी कार्य करता है।

About Platinum Guild International

Platinum Guild International (PGI) is a marketing organisation created in 1975 to develop the global platinum jewellery market. Since then, platinum jewellery has contributed ~80 million ounces of incremental demand.

PGI runs various programmes, both direct to consumer and in collaboration with jewellery retailers and manufacturers. PGI’s consumer marketing and educational programmes develop awareness and an appreciation for platinum’s unique qualities as a precious metal for fine jewellery. PGI also works collaboratively with partners globally, running extensive marketing programmes in the four main platinum jewellery markets of China, Japan, USA and India. PGI is funded by the leading platinum producers of South Africa, as well as through co-funded programmes with the jewellery industry.

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