सरकार को सस्‍ता पेट्रोल-डीजल नहीं भाया, एक्‍साइज ड्यूटी और रोड सेस तीन रुपये बढ़ाया

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New Delhi: केंद्र सरकार ने पेट्रोल-डीज़ल पर एक्साइज ड्यूटी (Special Excise Duty) और रोड सेस (Road Cess) बढ़ाने का ऐलान किया है. इस फैसले के बाद देश में पेट्रोल-डीज़ल के दाम 3 रुपये प्रति लीटर तक बढ़ जाएंगे.

IOC की वेबसाइट के मुताबिक दिल्ली में पेट्रोल के दाम 69.87 रुपये प्रति लीटर है. एक्साइज ड्यूटी और सेस बढ़ाने के बाद पेट्रोल की कीमतों में 3 रुपये तक का इजाफा हो जाएगा.

सरकार की ओर से जारी नोटिफिकेशन के मुताबिक, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चा तेल सस्ता होने की वजह से ये फैसला लिया गया है.

पेट्रोल-डीज़ल होगा महंगा

सरकार ने शनिवार को पेट्रोल और डीजल पर एक्साइज ड्यूटी (उत्पाद शुल्क) में 2 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी की है. वहीं, 1 रुपये प्रति लीटर रोड और इंफ्रा सेस लगाने का ऐलान किया है. सरकार ने अधिसूचना जारी करके यह जानकारी दी है. इस फैसले के बाद देशभर में पेट्रोल-डीज़ल के दाम 3 रुपये प्रति लीटर तक बढ़ जाएंगे.

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क्यों लिया ये फैसला- एक्सपर्ट्स बताते हैं कि इस फैसले से अर्थव्यवस्था में आई कमजोरी से जूझ रही सरकार को अतिरिक्त धन जुटाने में मदद मिलेगी. अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमतों में आई गिरावट की वजह से सरकार के लिए यह फैसला करना संभव हुआ है.

हालांकि, यह देखना होगा कि हाल ही में तेल की कीमतों में मामूली कटौती कर रहीं तेल कंपनियां इस बढ़ोत्तरी का बोझ ग्राहकों पर डालेंगी या नहीं.

पेट्रोल पर टैक्स से सरकार की कमाई

एक लीटर पेट्रोल की कीमत में करीब आधा पैसा टैक्स के रूप में सरकारों की जेब में जाता है. इसमें केंद्र का 19.98 रुपये प्रति लीटर एक्साइज ड्यूटी के रूप में तो डीजल पर यह कमाई 15.83 रुपये प्रति लीटर है. इसके बाद बारी आती है वैट की , जो विभिन्न राज्यों में 6% से 39% तक है.

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टैक्स में इजाफा करके सरकार अपनी वित्तीय हालत को दुरुस्त करती है. पिछली बार साल 2014 से 2016 के बीच कच्चे तेल के दाम तेजी से गिर रहे थे तो सरकार इसका फायदा आम लोगों को देने के बजाय एक्साइज ड्यूटी के रूप में पेट्रोल-डीजल के जरिए ज्यादा से ज्यादा टैक्स वसूल था.

नवंबर 2014 से जनवरी 2016 के बीच केंद्र सरकार ने 9 बार एक्साइज ड्यूटी बढ़ाया और केवल एक बार राहत दी. ऐसा करके साल 2014-15 और 2018-19 के बीच केंद्र सरकार ने तेल पर टैक्स के जरिए 10 लाख करोड़ रुपये कमाए.

राज्य सरकारें भी पेट्रोल-डीजल पर वैट बढ़ाकर अपनी आमदनी बढ़ाती है. साल 2014-15 में जहां वैट के रूप में 1.3 लाख करोड़ रुपये मिले तो वहीं 2017-18 में यह बढ़कर 1.8 लाख करोड़ हो गया. पिछले हफ्ते कर्नाटक की सरकार ने पेट्रोल पर टैक्स 32% से 35% और डीजल पर 21% से 24% करने की घोषणा कर दी.

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