MLA प्रदीप व बंधु की सदस्‍यता रद्द करने के लिए विधानसभा न्‍यायाधिकरण में याचिका दायर

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Ranchi: भारतीय जनता पार्टी के कांके विधायक समरी लाल ने आज विधानसभा अध्यक्ष के न्यायाधिकरण में याचिका दायर किया है. याचिका में उन्होंने विधायक प्रदीप यादव और बंधु तिर्की के खिलाफ दल-बदल कानून का उल्‍लंघन करने का आरोप लगाते हुए सदस्यता समाप्त करने की अपील की है.

विधानसभा अध्यक्ष से आग्रह किया है कि विधायक प्रदीप यादव और बंधु तिर्की ने दसवीं अनुसूची का उल्‍लंघन किया है. जो कि दल बदल का मामला है. इस कारण उनकी सदस्यता तत्काल प्रभाव से समाप्त की जाए.

उन्होंने कहा है कि 2019 विधानसभा चुनाव में प्रदीप यादव, पोरैयाहट विधानसभा से और बंधु तिर्की मांडर विधानसभा के लिए झारखंड विकास मोर्चा के उम्मीदवार के तौर पर विधायक निर्वाचित हुए थे. विधायक निर्वाचित होने के बाद से ही बंधु तिर्की और प्रदीप यादव दोनों ही पार्टी विरोधी गतिविधि में शामिल रहे.

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इसके आलोक में जेवीएम ने कारण बताओ नोटिस जारी किया. समय सीमा समाप्त होने के बाद झारखंड विकास मोर्चा ने केंद्रीय कार्यसमिति की बैठक में विधायक प्रदीप यादव और बंधु तिर्की को प्राथमिक सदस्यता से बर्खास्त कर दिया. दोनों की बर्खास्तगी की सूचना विधानसभा अध्यक्ष और चुनाव आयोग को दी गई.

साथ ही 11 फरवरी 2020 को झारखंड विकास मोर्चा के कार्यकारिणी की बैठक बुलाई गई. जिसमें दोनों विधायकों की बर्खास्तगी की संपुष्टि की. साथ ही झारखंड विकास मोर्चा का भारतीय जनता पार्टी में कार्यकारिणी द्वारा सर्वसम्मति से विलय करने का फैसला लिया गया. विलय की सूचना भी भारत निर्वाचन आयोग को दी गई. इसके आधार पर भारत निर्वाचन आयोग ने इस विलय को स्वीकार किया.

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जेवीएम के विलय को देखते हुए भारत निर्वाचन आयोग ने बाबूलाल मरांडी, विधायक (धनवार) को भाजपा के विधायक के तौर पर व बंधु तिर्की और प्रदीप यादव को निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में मान्यता दी. इसके बाद बंधु तिर्की, प्रदीप यादव ने भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की सदस्यता को ग्रहण की. जो कि सीधा दसवीं अनुसूची को प्रभावित करता है. मामले में प्रदीप यादव, बंधु तिर्की को तत्काल प्रभाव से उनकी सदस्यता को अयोग्य घोषित कर उनकी सदस्यता रद्द करने की अपील की है.

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