2 अक्टूबर को झारखंड के सभी 4404 पंचायतों में एक साथ पंचायत सम्मेलन करेगी आजसू पार्टी

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Ranchi: आजसू पार्टी 2 अक्टूबर-गांधी जयंती के अवसर पर राज्य के सभी 4404 पंचायतों में एक साथ सम्मेलन करेगी. इसे लेकर आजसू पार्टी ने सभी स्तरों पर तैयारियां तेज कर दी है.

इस सम्मेलन के जरिए पार्टी के कार्यकर्ता समर्थक जनता के सवालों पर संघर्ष तेज करने के साथ हर घर हर परिवार से सीधा और सामाजिक सरोकार बनाए रखने का संकल्प लेंगे.

गौरतलब है कि पूर्व में भी आजसू पार्टी ने 2 अक्टूबर को स्वराज स्वाभिमान यात्रा एवं मानव श्रृंखला का आयोजन किया था.

गांधीजी की परिकल्पना थी कि गांवों की स्वायत्त पंचायती व्यवस्था में ही देश की सच्ची प्रजातांत्रिक छवि देखी जा सकती है. गांव समाज के समग्र विकास के लिए ग्राम पंचायत को मजबूत करना ही होगा. गांधीजी की परिकल्पना को साकार करने एवं ग्राम सभा तथा ग्राम पंचायत को मजबूत करने के लक्ष्य के साथ आजसू पार्टी पूरे राज्य में एक साथ पंचायत सम्मेलन करेगी.

केंद्रीय मुख्य कार्यालय में बिनोद बाबू को दी गयी श्रद्धांजलि

राँची स्थित आजसू पार्टी केंद्रीय मुख्य कार्यालय में झारखण्ड आंदोलन के मसीहा स्व.बिनोद बिहारी महतो को श्रद्धांजलि अर्पित की गयी. इस मौके पर मुख्य रुप से आजसू पार्टी के केंद्रीय मुख्य प्रवक्ता डॉ. देवशरण भगत मौजदू रहे.

बिनोद बिहारी महतो को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उन्होंने कहा कि हम सबके प्रेरणास्रोत, झारखंड की माटी के लाल स्व. बिनोद बिहारी महतो शोषितों, पीड़ितों व उपेक्षितों के मसीहा थे. उनकी लड़ाई के कारण ही हमें अलग राज्य मिला लेकिन उनके सपनों का झारखंड बनाने का सफर अभी अधूरा है.

मौके पर सभी ने उनके आदर्श, संघर्ष और सपनों को पुनर्स्थापित करने का संकल्प लिया.

ओबीसी आरक्षण को लेकर कांग्रेस कर रही दिखावा

केंद्रीय मुख्य कार्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए केंद्रीय मुख्य प्रवक्ता डॉ देवशरण भगत ने कहा कि कांग्रेस को यह मालूम होना चाहिए कि वे सरकार का हिस्सा हैं और खुद निर्णय लेने के लिए सक्षम हैं. आरक्षण को लेकर उनके द्वारा किया जा रहा धरना बस एक दिखावा है.

झारखंड में लोकतंत्र और संवैधानिक अधिकारों की हत्या हो रही

पिछले कुछ दिनों में लगातार कई ऐसी घटनाएं हुई हैं, जिसने राज्य के कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े किये हैं. पत्रकार बैजनाथ महतो के बाद राहुल पांडेय पर भी हमला हुआ. लोकतंत्र के चौथे स्तंभ पर एक के बाद एक हमला होना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है. झारखण्ड की छवि को धूमिल करने वाली ऐसी घटनाओं की जितनी भी निंदा की जाए कम है. सरकार राज्य में बिगड़ती कानून व्यवस्था को गंभीरता से ले. साथ ही असामाजिक तत्वों, अपराधियों को गिरफ्तार कर उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित करे.

राज्य में अफसरशाही हावी

विधायक बंधु तिर्की और लातेहार डीसी के बीच हुई बातचीत को लेकर डॉ. देवशरण भगत ने कहा कि जनता के जनादेश के द्वारा चुने गए जनप्रतिनिधियों के साथ पदाधिकारियों का इस तरह का व्यवहार स्वस्थ लोकतंत्र के लिए हानिकारक है.

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