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छठी JPSC सिविल सेवा मुख्‍य परीक्षा का विरोध, जलाये गये Admit Card

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Ranchi: झारखंड में छठी JPSC सिविल सेवा मुख्य परीक्षा 28 जनवरी 2019 से शुरू होने वाले हैं. 17 जनवरी 2019 से Admit Card भी Download किये जा रहे हैं. इस बीच जेपीएससी के छात्रों ने एडमिट कार्ड जलाकर अपना विरोध प्रदर्शन किया है. 20 जनवरी 2019 रविवार की शाम को प्रदर्शन किया. छात्रों ने विरोध में रांची यूनीवर्सिटी से लेकर अल्बर्ट एक्का चौक तक मार्च किया. इस दौरान सकड़ों छात्रों ने जेपीएससी के एडमिट कार्ड जलाये और पुतला फूंका.

छठी JPSC Mains का विरोध क्‍यों

अभ्यर्थियों ने आरोप लगाया कि छठी जेपीएससी प्रारंभिक परीक्षा (पीटी) में पहली बार 5200 छात्रों को पास किया गया था, दूसरी बार लगभग 1000 रिजल्ट इसलिए अतिरिक्त जोड़ा गया, क्योंकि बाहरी छात्र रिजल्ट से बाहर हो गये थे, उन्हें बचाना था.

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छात्रों ने बताया कि जिस मांग को लेकर लगातार आंदोलन किया जा रहा था, उस मुद्दे पर सड़क से लेकर सदन तक में जोरदार हंगामा किया गया था. जेपीएससी को लेकर पिछली बार विधानसभा भी बाधित रही थी.

इसके बाद सरकार ने मंत्री अमर बाउरी की अध्यक्षता में छह सदस्यीय एक उच्चस्तरीय कमिटी का गठन किया था. कमिटी ने विभिन्न राज्यों का दौरा कर रिपोर्ट तैयार कर सरकार को सौंप दी. उस कमिटी द्वारा दी गयी रिपोर्ट को भी सरकार ने दरकिनार कर दिया.

अभ्यर्थियों ने आरोप लगाया कि रिपोर्ट अभ्यर्थियों के पक्ष में थी, जिसे दबा दिया गया और कोर्ट को गुमराह कर रिजल्ट जारी कर 34 हजार को पास कर दिया गया.

क्‍या चाहते हैं जेपीएससी छात्र

  • छठी जेपीएससी मुख्य परीक्षा को तत्काल रोका जाये.
  • आरक्षण नियमावली का पालन करते हुए 15 गुणा कोटिवार संशोधित रिजल्ट पुनः जारी किया जाये.
  • जेपीएससी सचिव को बर्खास्त किया जाये.
  • किसी भी कीमत पर नियम के विरुद्ध 34 हजार रिजल्ट को नहीं माना जायेगा, क्योंकि इतना रिजल्ट कहीं न कहीं गलत दिशा की ओर इंगित करता है.
  • यूपीएससी और अन्य राज्यों की तर्ज पर जेपीएससी में भी सभी चरणों पर आरक्षण दिया जाये.
  • जेपीएससी सचिव के पुत्र भी पीटी परीक्षा में पास हैं, इसके बावजूद सचिव मुख्य परीक्षा से संबंधित अनेकों काम निपटा रहे हैं.

विधानसभा में भी हुआ है विरोध

छठी जेपीएससी मुख्य परीक्षा 28 जनवरी से लेकर एक फरवरी तक होनी है. इस परीक्षा को स्थगित करने की मांग को लेकर झामुमो विधायक कुणाल षाडंगी और कांग्रेस के सुखदेव भगत भी विधानसभा में अपनी बात रख चुके हैं. विरोध कर रहे अभ्यर्थियों ने बताया कि छठी जेपीएससी सिविल सेवा परीक्षा को लेकर 16 महीने पहले जो आरक्षण को लेकर आंदोलन हुआ था, आज भी मामला वहीं फंसा हुआ है. उन्होंने आरोप लगाया कि जेपीएससी प्रश्नपत्र की दलाली कर रहा है.

 

 

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