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पुण्य प्रसून बाजपेयी

चुनाव,सत्ता और लूट के लोकतंत्र का सच है भूख और गरीबी

अगर लोकतंत्र का मतलब चुनाव है तो फिर गरीबी का मतलब चुनावी वादा होगा ही. अगर लोकतंत्र का मतलब सत्ता की लूट है तो फिर नागरिकों के पेट का निवाला छिन कर लोकतंत्र के रईस होने का राग होगा ही. और इसे समझने के लिये 2019 में आजाद होने का इंतजार करने…

मोदी जी जन्मदिन की बधाई….2019 आप जीत रहे हैं!

पहली तस्वीर....लुटियन्स दिल्ली वीडियो कान्फ्रेंसिंग के जरीये पिछले दिनो प्रधानमंत्री जब सचिवों से सवाल जवाब कर रहे थे, तब किसी सवाल पर एक सचिव अटक गये. और अटके सवाल पर कोई सीधा जवाब जब सचिव महोदय नही दे पाये तो प्रधानमंत्री ने कुछ उखड़कर…

अरबों रुपये लुटाकर जो संसद पहुंचा, वह तो देश लूटेगा ही और सत्ता-संसद ही उसे बचाएगी

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” अब्बास भाई….माफ करना आपके दर्द को मैं दुनिया को बता रहा हूं”

नाम -आसिफ, उम्र-25 बरस, शिक्षा-ग्रेजुएट पिता का नाम-अब्बास, उम्र 55 बरस, पेशा-पत्रकार मां का नाम-लक्ष्मी, उम्र 48 बरस, पेशा-पत्रकारिता की शिक्षिका जो नाम लिखे गये हैं, वे सही नहीं हैं. यानी नाम छिपा लिए गये हैं. क्योंकि जिस घटना को…

लोकतंत्र के एनकाउंटर का संविधान

ये यूपी की योगी सरकार में पुलिस एनकाउंटर में मारे गये 21 अपराधियों का कच्चा चिट्टा है. सीएम ने निर्देश दिया और पुलिस ने खोज खोज कर उन अपराधियों को निशाने पर

राजनीतिक सत्ता से बड़ी ना कोई विचारधारा ना ही कोई बिजनेस

क्या राजनीतिक सत्ता का खेल अब इस चरम पर पहुंच गया है, जहां देश में हर विचार सत्ता के लिये है. और सत्ता का मतलब है सबसे ज्यादा मुनाफा. कारपोरेट हो या मीडिया.

वाजपेयी बीजेपी के प्रतीक थे….मोदी सत्ता के प्रतीक हैं… तो देश 2019 किस रास्ते जाएगा !

वाजपेयी बीजेपी के प्रतीक थे....मोदी सत्ता के प्रतीक हैं... तो देश 2019 किस रास्ते जाएगा ! अटल बिहारी वाजपेयी के बग़ैर बीजेपी कैसी होगी, ये तो 2014 में ही उभर गया, लेकिन नया सवाल नरेंद्र मोदी की अगुवाई वाली बीजेपी का है क्योंकि 2014 के…

‘ना गुजरात दंगों में बीजेपी थी ना सिख दंगों में कांग्रेस रही’

बात 28 फरवरी 2002 की है. बजट का दिन था. हर रिपोर्टर बजट के मद्देनजर  बरों को कवर करने दफ्तर से निकल चुका था. मेरे पास कोई काम नहीं था तो मैं झंडेवालान में वीडियोकान टॉवर के अपने दफ्तर आजतक से टहलते हुये राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के…

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