पेगासस स्पाइवेयर सॉफ्टवेयर वाली कंपनी NSO Group मीडिया के किसी सवाल का जवाब नहीं देगी

by

New Delhi: पेगासस स्‍पाइवेयर सॉफ्टवेयर जासूसी मामले ने तूल पकड़ लिया है. भारत में सड़क से लेकर संसद तक विपक्ष, सरकार को घेरने की पुरजोर कोशिश में है. वहीं, सरकार भी सभी आरोपों को सिरे से खारिज करके बचाव में जुटी है.

बढ़ते विवाद पर पेगासस स्पाइवेयर सॉफ्टवेयर बनाने वाली इजरायली साइबर इंटेलिजेंस फर्म NSO ग्रुप ने बुधवार को कहा, ‘एनएसओ अपनी टेक्‍नोलॉजी के दुरुपयोग के किसी भी विश्वसनीय सबूत की पूरी तरह से जांच करेगा, जैसा हम हमेशा करते हैं और जहां जरूरी होगा वहां हम सिस्टम को बंद कर देंगे.’ हालांकि कंपनी ने यह भी कहा कि वह अब मीडिया के सवालों का कोई जवाब नहीं देगी.

Read Also  महाराष्‍ट्र के पूर्व मंत्री और बड़े कारोबारी ने रची थी हेमंत सरकार गिराने की साजिश!

एनएसओ पर आरोप हैं कि कई देशों ने पेगासस जासूसी सॉफ्टवेयर का कथित तौर पर नेताओं, पत्रकारों, न्यायिक अधिकारियों और कार्यकर्ताओं की जासूसी करने में इस्तेमाल किया है.

Must Read: पेगासस स्पाइवेयर क्या है? जानें NSO Group की पूरी कुंडली | Pegasus meaning in Hindi

एनएसओ का दावा- आतंकवाद और अपराध पर होता है पेगासस का उपयोग

एनएसओ का दावा है कि वह केवल सत्यापित सरकारों को आतंकवाद को नियंत्रित करने, अपराधियों पर लगाम लगाने और जन सुरक्षा को बढ़ाने के उद्देश्य से अपने सॉफ्टवेयर का उपयोग करने की इजाजत देती है. कंपनी ने इस विवाद को मीडिया सुनियोजित करार देते हुए कहा, ‘कंपनी तथ्‍यों की जांच करेगी लेकिन अब इस मामले पर मीडिया के सवालों का जवाब नहीं देगी. वह दुर्भावनापूर्ण और बदनाम अभियान का साथ नहीं देगी.’

Read Also  हेमंत सरकार गिराने की साजिश में शामिल कांग्रेसी विधायकों के खिलाफ हो सकती है कार्रवाई

रिटायर्ड जज बीएन श्रीकृष्ण ने भी सरकार से पूछे सवाल

सुप्रीम कोर्ट के रिटायर्ड जज बीएन श्रीकृष्ण का कहना है कि सरकार को मंत्रियों, राजनेताओं, कार्यकर्ताओं और पत्रकारों के कथित फोन हैकिंग मामले की जांच करनी चाहिए. सरकार को स्पष्ट रूप से यह भी बताना चाहिए कि क्या इसकी कोई एजेंसी इजरायली सैन्य-ग्रेड स्पाइवेयर पेगासस का उपयोग करता है. श्रीकृष्ण ने 2018 में डेटा प्रोटेक्शन बिल का पहला ड्राफ्ट लिखा था.

रिटायर्ड जज बीएन श्रीकृष्ण को इस सरकार द्वारा 2017 में भारत में डेटा संरक्षण में मुद्दों की पहचान करने और उन्हें संबोधित करने के लिए नियुक्त किया गया था. उन्होंने कहा कि यहां तक ​​कि फ्रांस सरकार ने भी जांच का आदेश दिया है, इसलिए हमें भी ऐसा करने की जरूरत है. उन्होंने कहा कि वह सरकार की प्रतिक्रिया से बिल्कुल भी संतुष्ट नहीं हैं. उन्हें हैकिंग के पीछे कौन है, इस बारे में स्पष्ट जवाब देने की जरूरत है.

Read Also  महाराष्‍ट्र के पूर्व मंत्री और बड़े कारोबारी ने रची थी हेमंत सरकार गिराने की साजिश!

Leave a Reply

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.