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झारखंड में महंगी हुई बिजली, JBVNL पर मेहरबान नियामक आयोग

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JBVNL ने मांगा था 6 रुपए कर दिया 6.25 रुपया

Ranchi: झारखंड में बिजली महंगी हो गई है. झारखंड विद्युत नियामक आयोग ने वर्ष 2019-20 के लिए नया बिजली दर घोषित कर दिया है. आयोग के इतिहास में पहली बार ऐसा हुआ कि प्रस्तावित दर से अधिक की मंजूरी प्रदान की है. बिजली निगम ने आयोग के समक्ष घरेलू बिजली दर 5.50 रुपए प्रति यूनिट से बढ़ाकर छह रुपए करने का प्रस्ताव दिया था. मगर आयोग ने इसे बढ़ाकर 6.25 रुपए प्रति यूनिट मंजूर किया है. आयोग ने शहरी घरेलू उपभोक्ताओं को छोड़कर सभी वर्ग के उपभोक्ताओं को राहत दी है.

उद्योग के छोड़कर सभी श्रेणियों की बिजली दरों में औसत रूप से 11 फीसदी का इजाफा हुआ है.

जबकि पिछली बार ही (साल 2018-19) उपभोक्ताओं को औसतन 43 फीसदी बढ़ोत्तरी की मार झेलनी पड़ी थी. जबकि साल 2017 में भी बिजली दर में वृद्धि की गई थी.

नियामक आयोग के अध्यक्ष डॉ अरविंद प्रसाद और सदस्य तकनीकी आर के सिंह ने संयुक्त रूप से प्रेस कांफ्रेस में बताया है कि बिजली कंपनियों के बढ़ रहे घाटे, उनकी राजस्व जरूरतों के अध्ययन करने के बाद निष्पक्ष रूप से यह फैसला लिया है. हालांकि विनियामक आयोग ने कहा कि टैरिफ पीटीशन की से जुड़ी जनसुनवाई में उपभोक्ताओं के मंतव्यों का ख्याल रखते हुए बिजली की दरों के स्लैब में खर्च के अनुपात में ही वृद्धि को रखा गया है.

जानें कुछ और बातें

आयोग ने ग्रामीण उपभोक्ताओं को अपने घरों में लघु-कुटीर उद्योग चलाने के लिए इस बार विशेष रियायत दी गयी है, ऐसे उपभोक्ताओं को अब दो मीटर लगाने की जरूरत नहीं होगी. ग्रामीण क्षेत्रों में 5 केवीए तक के उपभोक्ता अब घरेलु श्रेणी में ही शामिल रहेंगे.

हालांकि इस बीच राहत की बात है कि खेती-किसानी व सिंचाई के काम आने वाली बिजली यानि कृषि क्षेत्र को इस ताजा बढ़ोत्तरी से दूर रखा गया है. आयोग के अध्यक्ष डॉ अरविंद प्रसाद ने कहा कि कंपनियां अब और घाटा नहीं सह सकतीं, क्वालिटी बिजली पाने के लिए उपभोक्ताओं को खपत का खर्च हर हाल में चुकाना होगा.

झारखंड बिजली बितरण निगम ने इस बार अपने खर्च का आकलन करते हुए वित्तीय वर्ष 2019-20 में 8375.24 करोड़ राजस्व की जरूरत (एआरआर रिपोर्ट) बताई थी. स्क्रूटनी के बाद आयोग ने 7164.22 करोड़ की स्वीकृति प्रदान की. यह पिछली बार 5973.46 की तुलना में 17 प्रतिशत अधिक है.

हालांकि बिजली की ये दरें सरकार द्वारा दी जानेवाली सब्सिडी के बाद अंतिम रूप से निर्धारित की जाएगी. दरों की घोषणा के बाद अब राज्य सरकार अनुदान की राशि सीधे उपभोक्ता को दे सकती है. झारखंड विद्युत नियामक आयोग के द्वारा नई दरों को मंजूरी मिलने के बाद सरकार को इस निर्णय से अवगत करा दिया गया है. नई दरों को नेशनल टैरिफ पॉलिसी के ईद-गिर्द ही रखा गया है यानि कि बिजली इस्तेमाल करने वाले उपभोक्ताओं को राहत में कटौती करने की नीति को आगे बढ़ाया जा रहा है.

जानें, झटके कहां और कैसे लगेंगे

घरेलू श्रेणी

उपभोक्ताओं की श्रेणी : कुटीर ज्योति घरेलू (मीटर)
एनर्जी चार्ज : 4.40 प्रति केडब्लूएच (पूर्व में)
फिक्सड चार्ज : 20 रूपये प्रति माह

इस बार की वृद्धि : 5.75 प्रति केडब्लूएच
फिक्सड चार्ज : 20 रूपये प्रति माह (स्थिर)

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उपभोक्ता : घरेलू ग्रामीण श्रेणी (मीटर)

एनर्जी चार्ज : 4.75 रुपए
फिक्सड चार्ज : 35 रूपए प्रति माह (पूर्व में)

निगम द्वारा सौंपा गया प्रस्ताव 6.00 केडब्लूएच
निगम द्वारा सौंपा गया प्रस्ताव 75 रुपए फीक्स चार्ज

इस बार की वृद्धि को मंजूरी : 5.75 प्रति केडब्लूएच
फिक्सड चार्ज : 20 रूपये प्रति माह (स्थिर)
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उपभोक्ता : घरेलू ग्रामीण श्रेणी (बिना मीटर)

एनर्जी चार्ज : शून्य
फिक्सड चार्ज : 250 रूपये प्रति माह (पूर्व में)

निगम द्वारा सौंपा गया प्रस्ताव 6.00 केडब्लूएच
निगम द्वारा सौंपा गया प्रस्ताव 75 रुपए फीक्स चार्ज

इस बार की वृद्धि और फिक्सड चार्ज : शून्य

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उपभोक्ताओं की श्रेणी : घरेलू शहरी श्रेणी (मीटर)

एनर्जी चार्ज : 5.50
फिक्सड चार्ज : 75 रूपये प्रति माह (पूर्व में)

निगम द्वारा सौंपा गया प्रस्ताव 6.00 केडब्लूएच
निगम द्वारा सौंपा गया प्रस्ताव 75 रुपए फीक्स चार्ज

इस बार की वृद्धि को मंजूरी : 6.25 प्रति केडब्लूएच
फिक्सड चार्ज : 75 रूपये प्रति माह (स्थिर)

उपभोक्ता : कमर्शियल ग्रामीण श्रेणी (मीटर)

एनर्जी चार्ज : 5.25
फिक्सड चार्ज : 60 रूपए प्रति माह (पूर्व में)

निगम द्वारा सौंपा गया प्रस्ताव 7.00 केडब्लूएच
निगम द्वारा सौंपा गया प्रस्ताव 75 रुपए फीक्स चार्ज

इस बार की वृद्धि : 6.00 प्रति केडब्लूएच
फिक्सड चार्ज : 40 रूपये प्रति माह (20 रुपए की कमी)

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उपभोक्ता : कमर्शियल ग्रामीण श्रेणी (बिना मीटर)

एनर्जी चार्ज : शून्य
फिक्सड चार्ज : 300 केडब्लू रूपये प्रति माह (पूर्व में)

निगम द्वारा सौंपा गया प्रस्ताव 7.00 केडब्लूएच
निगम द्वारा सौंपा गया प्रस्ताव 225 रुपए कनेक्शन प्रति माह

इस बार की वृद्धि को मंजूरी : शून्य
फिक्सड चार्ज : शून्य

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उपभोक्ता : कमर्शियल शहरी श्रेणी

एनर्जी चार्ज : 6.00 केडब्लूएच
फिक्सड चार्ज : 225 रूपये प्रति माह (पूर्व में)

निगम द्वारा सौंपा गया प्रस्ताव 7.00 केडब्लूएच
निगम द्वारा सौंपा गया प्रस्ताव 225 रुपए फीक्स चार्ज

इस बार की वृद्धि को मंजूरी : 6.25 प्रति केडब्लूएच
फिक्सड चार्ज : 150 रूपये प्रति माह (75 रुपए की कमी)

उपभोक्ता : एचटी श्रेणी

एनर्जी चार्ज : 5.25 केडब्लूएच
फिक्सड चार्ज : 200 केवीए प्रति माह (पूर्व में)

निगम द्वारा सौंपा गया प्रस्ताव : 6.00 केडब्लूएच
निगम द्वारा सौंपा गया प्रस्ताव : 200 केवीएएच

इस बार की वृद्धि को मंजूरी : 6.00 प्रति केवीएएच
फिक्सड चार्ज : 100 केवीएएच

सिंचाई व कृषि (मीटर)

एनर्जी चार्ज : 5.00 केडब्लूएच
फिक्सड चार्ज : 20 एचपी प्रति माह (पूर्व में)

निगम द्वारा सौंपा गया प्रस्ताव : 5.00 केडब्लूएच
निगम द्वारा सौंपा गया प्रस्ताव : 20 एचपी प्रति माह फीक्स चार्ज

इस बार की वृद्धि को मंजूरी : 5.00 केडब्लूएच
फिक्सड चार्ज : 20 एचपी प्रति माह फीक्स चार्ज

सिंचाई व कृषि (बिना मीटर)

एनर्जी चार्ज : शून्य
फिक्सड चार्ज : 400 एचपी प्रति माह (पूर्व में)

निगम द्वारा सौंपा गया प्रस्ताव : 5.00 केडब्लूएच
निगम द्वारा सौंपा गया प्रस्ताव : 20 एचपी प्रति माह फीक्स चार्ज

इस बार की वृद्धि को मंजूरी : 5.00 केडब्लूएच
फिक्सड चार्ज : 20 एचपी प्रति माह फीक्स चार्ज

इंडस्ट्रीयल : लो टेंशन सप्लाई

एनर्जी चार्ज : 5.00 केडब्लूएच
फिक्सड चार्ज : 160 केवीए प्रति माह (पूर्व में)

निगम द्वारा सौंपा गया प्रस्ताव : 6.00 केवीएच
निगम द्वारा सौंपा गया प्रस्ताव : 300 केवीए प्रति माह

इस बार की वृद्धि को मंजूरी : 5.75 केवीएएच
फिक्सड चार्ज : 100 केवीए एचपी प्रति माह फीक्स चार्ज

इंडस्ट्रीयल : हाई टेंशन सप्लाई

एनर्जी चार्ज : 5.75 केडब्लूएच
फिक्सड चार्ज : 300 केवीए प्रति माह (पूर्व में)

निगम द्वारा सौंपा गया प्रस्ताव : 6.00 केवीएच
निगम द्वारा सौंपा गया प्रस्ताव : 400 केवीए प्रति माह

इस बार की वृद्धि को मंजूरी : 5.50 केवीएएच
फिक्सड चार्ज : 350 केवीए एचपी प्रति माह फीक्स चार्ज

 

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