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टाटा डीएवी धनबाद में सात बच्‍चों को आरटीई के तहत एडमिशन नहीं लेने पर NCPCR ने डीसी को भेजा नोटिस

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Dhanbad : धनबाद के कुछ स्‍कूल शिक्षा का अधिकार कानून 2019 का खुलेआम उल्‍लंघन कर रहे हैं. उन्‍हें न तो प्रशासन की कार्रवाई का कोई डर है और न कानून के उल्‍लंघन की फिक्र है. राष्‍ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने धनबाद डीसी ए डोड्डे के नाम नोटिस भेजा है. इस नोटिस के जरिए आरटीई एक्‍ट 2019 के सेक्‍शन 12 (ई) का उल्‍लंघन करते हुए 7 बच्‍चों का ईडब्‍लूएस (EWS) कैटेगरी में एडमिशन नहीं लेने की बात कही गयी है.

कमीशन ने धनबाद डीसी को दिया अल्‍टीमेटम

राष्‍ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने कहा है कि यह एक गंभीर मामला है. कमीशन की ओर से कई बार आपको पहले भी रिमाइंडर भेजकर इसकी जांच और कार्रवाई की बात कही गयी. बावजूद इसके अभी तक कुछ किया नहीं गया.

12 अप्रैल 2019 को लिखे नोटिस में कमीशन ने धनबाद डीसी से कहा है कि इस पूरे मामले पर आप तत्‍काल कार्रवाई करें और इससे जुड़ी जरूरी जानकारी 20 दिनों के अंदर दें.

कमीशन ने आगाह करते हुए लिखा है कि अगर आप कार्रवाई करने में फेल होते हैं तो सीपीसीआर एक्‍ट 2005 के सेक्‍शन 14 के प्रावधानों के तहत सभी पर सख्‍त कार्रवाई की जाएगी.

टाटा डीएवी स्‍कूल ने सात बच्‍चों का नहीं लिया नामांकन

धनबाद जिले का टाटा डीएवी स्‍कूल जमाडोबा झरिया एक ऐसा ही स्‍कूल है. इस स्‍कूल ने शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 के तहत 7 बच्‍चों का नामांकन लेने से इंकार कर दिया. इन सभी 7 बच्‍चों का एडमिशन शैक्षणिक सत्र 201-18 में होना था. सभी बच्‍चों का एडमिशन यूकेजी में होना था और उसी के लिए आवेदन किया गया था. जबकि स्‍कूल में उसी सत्र में यूकेजी में सामान्‍य श्रेणी के 69 बच्‍चों एडमिशन लिया गया और आरटीई कानून के तहत 7 बच्‍चों का एडमिशन नहीं लिया गया.

एक साल पहले प्रिंसिपल को भेजे नोटिस का नहीं मिला जवाब

इसकी शिकायत मिलने पर जिला शिक्षा अधीक्षक ने 18 सितंबर 2018 को टाटा डीएवी स्‍कूल जामाटोबा के प्रिंसिपल नोटिस भी भेजा और 24 घंटे के अंदर सभी 7 बच्‍चों के एडमिशन लेने का आदेश दिया और कारण बताओ नोटिस का जवाब मांगा.

इससे पहले भी जिला शिक्षा अधीक्षक की ओर से टाटा डीएवी को 7 बच्‍चों के एडमिशन को लेकर लिखा गया था. 10 अप्रैल 2018 को लिखे गये आदेश के तहत स्‍कूल को उन बच्‍चों का एडमिशन 3 दिनों के अंदर लेने को कहा गया था.

भ्रष्‍टाचार की बू आ रही है : आरटीआई कार्यकर्ता

धनबाद के टाटा डीएवी स्‍कूल में बच्‍चों के एडमिशन के लिए आरटीआई कार्यकर्ता महेश कुमार बीते एक साल से संघर्ष कर रहे हैं. आरटीआई कार्यकर्ता महेश कुमार का कहना है कि धनबाद जिले में नि: शुल्क एवं अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 का पालन नहीं किया जा रहा है. उपायुक्त धनबाद ने राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग,नई दिल्ली का तीन पत्र का जवाब नहीं देने के कारण इस मामले में भ्रष्टाचार की बू आ रही है.

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