झारखंड के लातेहार में नक्सलियों से मुठभेड़, 6 जवान शहीद

by

#Latehar : बूढ़ा पहाड़ पर नक्सलियों के साथ देर रात मुठभेड़ हो गयी. मुठभेड़ में झारखंड जगुआर के 6 जवान शहीद हो गये. जवानों से हथियार की लूट की भी सूचना है. ब्लास्ट के बाद नक्सलियों ने दिया घटना को अंजाम. गढ़वा की एसपी शिवानी तिवारी और लातेहार एसपी प्रशांत आनंद भी ऑपरेशन में शामिल हैं. एनकाउंटर में नक्सलियों के भी नुकसान होने की खबर है.

इसमें से एक की स्थिति गंभीर है. घायलों को इलाज के लिए हेलीकॉप्टर मौजूद नहीं होने के कारण रांची की जगह मेदिनीनगर सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया है. घटना मंगलवार शाम करीब साढ़े चार बजे की है. जिस जगह नक्सलियों ने जवानों को निशाना बनाया, वह इलाका छत्तीसगढ़ की सीमा से सटा है. डीआइजी विपुल शुक्ला ने इसकी पुष्टि की है.

Read Also  Modi 2.0: 7 राज्यों की विधानसभा चुनाव के पहले कैबिनेट में बड़े बदलाव की तैयारी

सूचना के बाद निकली थी पुलिस   

जानकारी के अनुसार, रविवार को बारेसाढ़ थाना क्षेत्र के कुजरूम में पुलिस और नक्सलियों की बीच मुठभेड़ हुई थी. मुठभेड़ के बाद पुलिस ने इलाके में बूढ़ा पहाड़ के इलाके में सघन सर्च आॅपरेशन शुरू किया था. इसी दौरान पुलिस को सूचना मिली थी कि कुजरूम में करीब 30 की संख्या में माओवादियों का दस्ता मौजूद है. इसी सूचना के बाद पुलिस नक्सलियों की तलाश में निकली थी. करमडीह पुलिस पिकेट से कुछ ही दूरी पर 100 की संख्या में मौजूद नक्सलियों ने पुलिस पर फायरिंग शुरू कर दिया. पुलिस ने भी जवाबी कार्रवाई की. इसके बाद नक्सली पीछे हट गये.

पुलिस के जवान नक्सलियों का पीछा करते हुए जैसे ही आगे बढ़े लैंड माइंस ब्लास्ट कर गया. पुलिस नक्सलियों के बिछाये जाल में फंस गयी. घटना की एक वजह यह भी बतायी जा  रही है कि नक्सलियों की संख्या की तुलना में पुलिस की तैयारी और खुफिया  जानकारी नाकाफी थी.

Read Also  करे योग रहे निरोग : रवि जयसवाल

वाहन के परखचे उड़े  : लैंड माइंस ब्लास्ट में पुलिसकर्मियों के वाहन के परखचे उड़ गये. छह जवानों की मौके पर ही मौत हो गयी. घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया. घटनास्थल के आसपास घने जंगल होने के कारण अतिरिक्त जवानों को मौके पर पहुंचने में कुछ विलंब हुआ. घायल पांच जवानों  को किसी तरह मेदिनीनगर लाया गया.

आलाधिकारियों के गलत नीति के कारण जवानों की जान जाती है 

वरीय पदाधिकारियों के गलत नीति और  लापरवाही के कारण झारखंड पुलिस के जवानों को अपनी जान गंवानी पड़ रही है. मुझे छह जवानों के शहीद होने और कई के घायल होने की जानकारी  मिली है. सीनियर अधिकारी  एयरकंडीशंड ऑफिस में बैठ कर पुलिसकर्मियों को छापामारी अभियान में  भेज देते हैं.  उनके पास मुठभेड़ में कैसे नक्सलियों और उग्रवादियों से निबटे, वहां से जवान कैसे सुरक्षित लौंटेंगे इससे संबंधित कोई प्लानिंग नहीं होता.  राकेश पांडेय, प्रदेश उपाध्यक्ष, पुलिस मेंस एसोसिएशन

Read Also  कमलेश राम अपने घर पर ही किया योगा

 

Leave a Reply

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.