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नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ पूर्वोत्तर में धीमा पड़ा आंदोलन

73वें स्‍वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं
पं रामदेव पांडेय, सनातन धार्मिक अनुष्‍ठान व ज्‍योतिषीय परामर्श
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Guwahati: नागरिकता संशोधन कानून-2019 के विरुद्ध असम समेत पूरे पूर्वोत्तर में जारी विरोध-प्रदर्शनों का सिलसिला धीमा पड़ गया है. हालात तेजी से सामान्य हो रहे हैं. स्थिति इसी तरह बरकरार रही तो असम में सोमवार को कर्फ्यू हटाया जा सकता है. 

अरुणाचल प्रदेश में छात्र संगठनों का विरोध-प्रदर्शन जारी है. हालांकि, अरुणाचल में नागरिकता कानून का कोई प्रभाव नहीं पड़ने वाला है, बावजूद आंदोलनकारियों का कहना है कि जब असम इससे प्रभावित होगा तो अरुणाचल पर भी इससे अछूता नहीं रहेगा. इसलिए किसी भी कीमत पर पूरे पूर्वोत्तर से इस कानून को वापस लेना होगा, अन्यथा उनका आंदोलन जारी रहेगा.

मणिपुर में इनर लाइन परमिट व्यवस्था लागू होने के बाद से हालात सामान्य हो गए हैं. लोग केंद्र सरकार के इस फैसले से बेहद खुश हैं. हालांकि कुछ ऐसे भी संगठन हैं जो सभाओं और छोटी-मोटी बैठकें कर कानून का विरोध कर रहे हैं.

मिजोरम में कोई बड़ा आंदोलन नहीं हो रहा है. कुछ संगठन जरूर नॉर्थ ईस्ट स्टूडेंट आर्जेनाइजेशन के साथ मिलकर आंदोलन कर रहे हैं, लेकिन यह ज्यादा प्रभावी नहीं है. नगालैंड में भी छात्र संगठन ही विरोध-प्रदर्शन कर रहे हैं. 

वर्तमान में मुख्य रूप से मेघालय के शिलांग और आसपास के इलाकों में इस कानून का भारी विरोध हो रहा है, जिसकी वजह से मेघालय के कुछ हिस्सों में धारा 144 लागू करने के साथ ही मोबाइल सेवा बंद कर दी गयी है. पिछले दिनों राजधानी इलाके में एक ट्रक में आग लगाए जाने के बाद कर्फ्यू लगा दिया गया था, जिसमें फिलहाल ढील दी गई है.

गुवाहाटी के चांदमारी असम इंजीनियरिंग खेल मैदान में रविवार को भी लगातार दूसरे दिन राज्य के प्रसिद्ध पार्श्व गायक, अभिनेता, गीतकार, संगीतकार जुबिन गर्ग के नेतृत्व में शिल्पी समाज और अखिल असम छात्र संस्था (आसू), साहित्यिक समाज, बुद्धिजीवी समाज ने सुबह से धरना दिया. इसके अलावा असम जनजातीयतावादी युवा छात्र परिषद (अजयुछाप) ने जालुकबाड़ी के गोटानगर से मालीगांव तक नागरिकता संशोधन कानून के विरोध में एक रैली निकाली, जिसमें बड़ी संख्या में लोगों ने हिस्सा लिया.

गुवाहाटी में रविवार सुबह नौ बजे से शाम सात बजे तक कर्फ्यू में ढील दी गई, जबकि डिब्रूगढ़ समेत अन्य हिस्सों में भी सुबह सात बजे से शाम चार बजे तक कर्फ्यू में ढील दी गई. इस दौरान लोगों ने जमकर खरीदारी की. सड़क पर सिटी बस समेत अन्य गाड़ियां चलीं. मुख्यमंत्री सर्वानंद सोनोवाल ने फेसबुक के जरिए वीडियो संदेश जारी कर लोगों से शांति बनाए रखने और अफवाहों पर ध्यान नहीं देने की अपील की. 

अब तक छह लोगों की मौत, 97 हिरासत में

आंदोलन के दौरान पुलिस फायरिंग और लाठीचार्ज में अब तक कुल छह लोगों की मौत हुई है. पुलिस प्रशासन आंदोलन के दौरान हिंसा फैलाने वालों की शिनाख्त कर कार्रवाई करने में जुटा है. गुवाहाटी के जालुकबाड़ी थानांतर्गत शनिवार रात से रविवार शाम तक कुल 97 लोगों को हिरासत में लिया गया है. पुलिस के मुताबिक पूछताछ और जांच के बाद लोगों को गिरफ्तार किया जाएगा. 

उल्लेखनीय है कि नागरिकता संशोधन कानून को लेकर मुख्य रूप से राज्य के 33 जिलों में से कामरूप (मेट्रो), कामरूप, मोरीगांव, नगांव, होजाई, गोलाघाट, जोरहाट, डिब्रूगढ़, शिवसागर, चराईदेव, धेमाजी, दरंग, शोणितपुर, बिश्वनाथ, धुबड़ी, बरपेटा, नलबाड़ी और बंगाईगांव में विरोध-प्रदर्शन हो रहा है.

73वें स्‍वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं
प्रेम शाही मुंडा, केंद्रीय अध्‍यक्ष, आदिवासी जन परिषद

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