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MothersDay : बस मांं ही तो वो होती है… (हिन्‍दी कविता)

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उम्र के आज हर उस मोड़ पे,

राजीव आर श्रीवास्‍तव

जो साथ तुम्हारा सब छोड़ दे;

इस हालत में सहारा जो होती है.

हां मां, बस मां ही तो वो होती है..

जो सकूं ना मिले शहर में गाँव में,

वो राहत उसके आंचल के छांव में;

हर आशा की आसरा जो होती है.

हां मां, बस मां ही तो वो होती है..

या दुःख में रहूं या रहूं प्यार में,

जीवन के इस बीच मंझधार में;

हर तूफ़ां का किनारा जो होती है.

हां मां, बस मां ही तो वो होती है..

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