रांची पहुंचे संघ प्रमुख मोहन भागवत आज सिमडेगा के रामरेखा धाम पहुंचेंगे

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Ranchi: झारखंड और छत्तीसगढ़ की सीमा पर स्थित सिमडेगा का रामरेखा धाम एक बार फिर यहां संघ प्रमुख के आगमन को लेकर चर्चा में है. राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सर संघ चालक मोहन भागवत बुधवार 31 जुलाई को सिमडेगा के श्रीरामरेखाधाम में आयोजित एक कार्यक्रम में शिरकत करेंगे. धाम के प्रमुख महंत उमाकांत जी महाराज के बुलावे पर भागवत यहां पहुंच रहे हैं. मंगलवार को भागवत अपने तीन दिवसीय दौरे पर रांची पहुंच चुके हैं.

रामरेखा धाम में संघ प्रमुख मोहन भागवत का कार्यक्रम

सिमडेगा के रामरेखा धाम के महंत उमाकांत जी महाराज ने कहा कि वे कुछ माह पूर्व संघ प्रमुख को श्रीरामरेखाधाम में आने का निमंत्रण दिया था, जिसे उन्होंने स्वीकार किया था. बुधवार को उनके साथ धाम के विकास के संबंध में भी चर्चा होगी. गुफा मंदिर में पूजा-अर्चना के बाद भागवत धाम विकास समिति एवं हिंदू धर्म रक्षा समिति के पदाधिकारियों से मुलाकात करेंगे.

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रामरेखा धाम और महंत उमाकांत जी के बारे में जानकारी

ज्ञात हो कि रमरेखा धाम सिमडेगा और आसपास के इलाके में हिंदू धर्म की आस्था का बड़ा केंद्र है. इसकी पहचान सनातन संस्कृति के ध्वजवाहक के रूप में है. हिंदू धर्म और भारतीय संस्कृति का व्यापक पैमाने पर  प्रचार-प्रसार करने के साथ-साथ इस इलाके में बड़ी संख्या में होने वाले धर्मांतरण पर भी धाम ने रोक लगाई है.

लगभग 500 फीट ऊंची रामरेखा पहाड़ी पर स्थित रामरेखा धाम मंदिर लगभग 100 साल पुराना है. यहां पहाड़ पर बनी गुफा में एक तीर जैसा लंबा निशान है जिसे लोग रामरेखा के रूप में जानते हैं. संत जयराम प्रपन्नाचार्य (ब्रह्मलीन) उर्फ रामरेखा बाबा यहां के प्रमुख महंत थे.

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उन्होंने सिमडेगा और आसपास के इलाके में हिंदू धर्म का काफी प्रचार-प्रसार किया. जगह-जगह मंदिर बनवाने से लेकर लोगों को सनातन संस्कृति और भारतीय संस्कारों के प्रति जागरूक करना, धर्म समितियों का गठन कर धार्मिक गतिविधियों की सामुदायिक जिम्मेदारी भी तय की. आज मंदिर के अंतर्गत दर्जनों धर्म समितियां काम कर रही हैं.

ये समितियां लोगों को जागरूक करने से लेकर समय-समय पर भजन-कीर्तन, सत्संग व अन्य धार्मिक आयोजनों के लिए प्रेरित करती है. सनातन संस्कृति के प्रचार-प्रसार के अलावा कुरीतियां दूर करने और अंधविश्वास के खिलाफ लोगों को जागरूक करने में भी धाम सक्रिय रहा है. संत प्रपन्नाचार्य के निधन के बाद अब महंत उमाकांत महाराज यहां के प्रमुख महंत हैं. महंत प्रपन्नाचार्य वाराणसी के थे, जबकि महंत उमाकांत मूलरूप से उड़ीसा के रहने वाले हैं.

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सिमडेगा पहुंचने वाले दूसरे सरसंघचालक होंगे डॉ भागवत

डॉ मोहन भागवत सिमडेगा के रामरेखा धाम पहुंचने वाले आरएसएस के दूसरे सरसंघचालक होंगे. इनसे पहले राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के पांचवें सरसंघचालक केसी सुदर्शन 6 अप्रैल 2001 को विराट हिंदू सम्मेलन में शामिल होने सिमडेगा आए थे.

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