झारखंड में लॉकडाउन को लेकर मंत्री रामेश्‍वर उरांव ने कहा- परिस्थितियों के अनुरूप बढ़ेगी सख्‍ती

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Ranchi: झारखंड में लॉकडाउन को लेकर वित्त एवं खाद्य आपूर्ति डॉ रामेश्वर उरांव ने बड़ा संकेत दिया है. लोहरदगा जिले में एक प्रशासनिक बैठक के बाद मंत्री ने स्‍पष्‍ट कहा राज्‍य में अभी लॉकडाउन लगाने जैसी स्थिति नहीं है. उन्होंने जोर देते हुए यह भी कहा कि संक्रमण से उत्पन्न परिस्थितियों को लेकर सख्तियां बढ़ायी जाएगी. 

डॉ. रामेश्वर उरांव ने अपने विधानसभा क्षेत्र लोहरदगा में जिले के उपायुक्त पुलिस अधीक्षक,सिविल सर्जन समेत अन्य अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की. इस दौरान उन्होंने जीवन और जीविका पर जोर दिया. मंत्री ने लोहरदगा जिला में कोविड-19 संक्रमण से उत्पन्न स्थिति का जायजा लिया.

आवासीय स्‍कूल में 100 आइसोलेशन बेड तैयार

बता दें कि इस साल रामेश्वर उरांव ने लोहरदगा रेफरल हॉस्पिटल में दो आइसोलेशन वार्ड, 18 वेंटिलेटर (6 वेंटिलेटर रांची कोविड सेंटर भेजा गया), 80 ऑक्सीजन सुविधा से लैस बेड उपलब्ध कराया है. वहीं आज 25 ऑक्सीजन सिलेंडर खरीदने का आदेश दिया गया. कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय में 100 बेड आइसोलेशन सेंटर और चिरी में 40  आईसोलेशन बेड तैयार है, जो दो तीन दिन में चालू हो जाएगा.

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बैठक में अधिकारियों की ओर से बताया गया कि जिले में अभी 220 सक्रिय केस है. उन्होंने अपने विधायक निधि से 5 लाख रुपये की राशि कोरोना संक्रमण से निपटने के लिए देने की घोषणा की. इस राशि से ऑक्सीजन सिलेंडर और अतिरिक्त बेड की व्यवस्था की जाएगी.

जीवन बचाने के साथ जीविका बचाने की चुनौती

रामेश्‍वर उरांव ने कहा कि कोरोना संक्रमण पर अंकुश को लेकर किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी. लोहरदगा में उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक के बाद पत्रकारों से बातचीत में कहा कि अभी पूर्ण लाकडाउन जैसी स्थिति नहीं है, उन्होंने बताया कि पिछले वर्ष भी पूर्ण लॉकडाउन लगा था, इसका बहुत फायदा नहीं हुआ, आर्थिक गतिविधियां रूक गयी, लोग बेरोजगार हुए. सरकार के लिए जीवन बचाने के साथ ही जीविका को भी बचाने की चुनौतियां है.

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रामेश्‍वर उरांव ने कहा कि उपायुक्त ने बताया कि तमाम बड़े शहरों से प्रवासी श्रमिक वापस लौट रहे है, इन पर नजर रखने की जरुरत है. इनकी कोरोना जांच करायी जाएगी और वे संक्रमित पाये जाते है, तो उन्हें आईसोलेशन में रखने की व्यवस्था होगी.

प्रवासी श्रमिकों और ग्रामीण क्षेत्र में अन्य लोगों को रोजगार उपलब्ध कराने के सवाल के संबंध में डॉ उरांव ने कहा कि इस संबंध में वे ग्रामीण विकास मंत्री से बात करेंगे. वहीं उन्होंने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को भी पूरी तरह से सजग और सतर्क रहने के अलावा कोरोना संक्रमण से निपटने के लिए आवश्यक इंजेक्शन तथा दवा की उपलब्धता सुनिश्चित कराने के लिए आवश्यक कदम उठाने का निर्देश दिया.

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रांची के कोविड मरीजों के लिए लोहरदगा में हो रहा है बेड का इंतजाम

वित्तमंत्री ने यह भी कहा कि यदि रांची में कोरोना संक्रमित मरीजों के लिए बेड की सुविधा में कमी हो रही है, तो लोहरदगा में भी तत्काल कोरोना संक्रमित मरीजों के लिए अतिरिक्त बेड उपलब्ध करायी जा सकती है, रांची से लोहरदगा का रास्ता मात्र डेढ़ घंटे का है और वेंटिलेटर समेत अन्य सुविधा यहां उपलब्ध करायी जा सकती है. लोहरदग्गा के प्राइवेट अस्पतालों में भी मरीजों के इलाज की व्यवस्था की गई है आवश्यकता पड़ने पर यहां भी संक्रमित मरीजों को सिफ्ट किया जा सकता है.

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