Take a fresh look at your lifestyle.

झारखंड में मनरेगा मजदूरों का 18 करोड़ रुपये बकाया

0

#Ranchi : महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी (मनरेगा) योजना में कार्य करनेवाले मजदूरों की मजदूरी के भुगतान में होनेवाली देरी को लेकर 18 मई को उच्चतम न्यायालय का एक आदेश आया था. स्वराज अभियान की जनहित याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दिया था कि केंद्र सरकार महात्मा गांधी राष्ट्रीय रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) की मजदूरी और मुआवजे का समय पर भुगतान सुनिश्चित करे.

Like पर Click करें Facebook पर News Updates पाने के लिए

सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बावजूद झारखंड में मनरेगा मजदूरों की मजदूरी समेत मनरेगा योजना मद के 17 करोड़ 85 लाख रुपये का भुगतान आज भी बकाया है. मजदूरों की मजदूरी के साथ मनरेगा योजना मद में 13 जुलाई के बाद से भुगतान नहीं किया गया है, जबकि केंद्र से इस मद में राज्य को राशि उपल्बध करा दी गयी है.

वर्तमान समय में मनरेगा मजदूरों को काम करने के 15 दिनों के अंदर अपनी मजदूरी मिलती है. भुगतान में देरी होने पर वे मुआवजे के हकदार बनते हैं. मजदूरी भुगतान की प्रक्रिया में दो चरण हैं. पहले चरण में वे सब प्रक्रियाएं आती हैं, जो राज्य में होनी हैं, जैसे मजदूरों की कार्यस्थल पर उपस्थिति की एमआईएस में एंट्री, काम की मापी, वेतन सूची का सृजन, फंड ट्रांसफर ऑर्डर (एफटीओ) का सृजन और एफटीओ को पहले और दूसरे हस्ताक्षरी द्वारा स्वीकृति दी जाती है.

Leave a Reply

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

This website uses cookies to improve your experience. We'll assume you're ok with this, but you can opt-out if you wish. Accept Read More