चार फ्लेवर में मेधा का एनर्जी ड्रिंक कृषि मंत्री बादल ने किया लॉन्च

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Ranchi: मेधा दुग्ध संयंत्र में एक कृषि गोष्ठी सह अभिनंदन कार्यक्रम का आयोजन किया गया. इस आयोजन में मुख्य अतिथि के रूप में कृषि मंत्री बादल पत्रलेख शामिल हुए. इस अवसर मेधा डेयरी का एक नया उत्पाद मेधा एनर्जी को भी लॉन्‍च किया. उपभोक्ताओं के सेहत एवं स्वाद को ध्यान में रखते हुये मेधा डेयरी की ओर से यह उत्पाद बाज़ार में सर पिस्ता, ईलाईची चॉकलेट और आम के स्वाद में बिक्री के लिए उपलब्ध होगा. बता दें कि मेधा डेयरी ने पिछले एक वर्षों में कई नए उत्पादों जैसे खीर मिक्स, गुलाब जामुन इत्यादि की बिक्री शुरू की है.

कार्यक्रम में मंत्री बादल पत्रलेख ने झारखंड राज्य दुग्ध महासंघ से संबद्ध लेपसर सहकारी समिति का निबंधन प्रमाण पत्र भी समिति के किसान सदस्यों को सौंपा. मौके पर कृषि मंत्री ने दुग्ध उत्पादकों को संबोधित करते हुये झारखण्ड दुग्ध महासंघ के कार्य प्रणाली एवं प्रगति को सराहा तथा राज्य सरकार से महासंघ को यथासंभव सभी सहायता प्रदान करने का आश्वासन दिया.

इसके पूर्व स्वागत भाषण मे झारखण्ड दुग्ध महासंघ के प्रबंध निदेशक सुधीर कुमार सिंह ने मंत्री बादल पत्रलेख का स्वागत करते हुये महासंघ द्वारा अबतक किए गए कार्यों को बताया एवं आगे के लक्ष्य पर भी प्रकाश डाला.

बता दें झारखण्ड राज्य दुग्ध महासंघ जो मेधा ब्राण्ड के नाम से जाना जाता है. पिछले 6 वर्षों से राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड, एनडीडीबी के कुशल प्रबंधन मे लगातार प्रगति कर रहा है. इस महासंघ का निर्माण 2013 में झारखण्ड को दूध में आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य किया गया. जिसका प्रबंधन 2014 मे एनडीडीबी को सौंपा गया. 2014 मे पूरे राज्य भर से लगभग दो हजार उत्पादकों से मात्र 12 हज़ार लीटर दूध प्रतिदिन संग्रह किया जाता था.

एनडीडीबी ने चुनौती स्वीकार करते हुये ग्रामीण स्तर पर दुग्ध उत्पादकों मे जागरूकता लाकर उन्हें बिचौलियों के चंगुल से निकाल कर संगठित दुग्ध व्यवसाय से जोड़ना प्रारम्भ किया. दुग्ध व्यवसाय को लाभकारी बनाने के लिए सभी सहायता उपलब्ध कराया और परिणामस्वरूप आज महासंघ से लगभग 40 हज़ार उत्पादक जुड़े हुये है तथा दुग्ध संग्रहण 120 लाख लीटर प्रतिदिन पार कर चुका है. पिछले दस गुणा वृद्धि करने में झारखण्ड सरकार का भी पूरा सहयोग प्राप्त हुआ है. महासंघ वर्तमान मे प्रदेश के 18 जिलों मे कार्य कर रहा है तथा इस वित्तीय वर्ष के अंत तक सभी जिलों को आच्छादित करने का लक्ष्य रखा गया है. महासंघ द्वारा 2024-25 तक दुग्ध संग्रहण को 5 लाख लीटर प्रतिदिन करने का भी लक्ष्य निर्धारित किया गया है.

दुग्ध उत्पादकों के उत्पादन लागत को कम करने एवं दूध की गुणवत्ता को बढ़ाने के उद्देश्य से महासंघ द्वारा पशु आहार, मिनरल मिक्सचर, बाइपास फीड एवं शीतवर्धक का प्लांट भी होटवार स्थित प्रांगण मे स्थापित कर संचालित किया जा रहा है. साथ ही उत्पादकों मे हरा चारा के प्रयोग को बढ़ावा देने, स्वच्छ दुग्ध उत्पादन, महिला सशक्तिकरण के लिए लिए विभिन्न प्रकार का प्रशिक्षण कार्यक्रम का भी आयोजन किया जाता है. इसके लिए होटवार में ही एक प्रत्यक्षण फार्म भी तैयार किया गया है. इसके अलावा उत्पादकों को राज्य के बाहर भी प्रशिक्षण के लिए भेजा जाता है, जिससे इस क्षेत्र में होनेवाली तकनीकी परिवर्तन से किसान जागरूक हो सकें.

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