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खूंटी, धनबाद, हजारीबाग सीटों के लिए उम्‍मीदवार तय करने में कई पेंच, दयामणि मिलीं सोनिया गांधी से

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Ranchi: लोकसभा चुनाव (Lok Sabha Election 2019) की गहमागहमी के बीच जहां एनडीए ने झारखंड में सभी 14 सीटों के लिए उम्‍मीदवारों का ऐलान कर दिया है. वहीं दूसरी ओर विपक्षी महागठबंधन (Mahagathbandhan) में प्रत्‍याशियों के नामों के लिए गहमा गहमी जारी है.

झारखंड में कांग्रेस (Congress) ने खूंटी, हजारीबाग और धनबाद (Khunti, Hazaribagh, Dhanbad) सीट के लिए उम्‍मीदवार तय नहीं किये हैं. इन सीटों के लिए संभावित उम्‍मीदवार दिल्‍ली में अपनी दावेदारी कर रहे हैं. उम्‍मीदवारों की रेस में झारखंड प्रदेश कांग्रेस के कई कद्दावर चेहरे मैदान में हैं.

खूंटी के लिए दयामणि और प्रदीप बलमुचू के बीच रेस

खूंटी लोकसभा सीट पर कई नामों की चर्चा  है. खूंटी सीट की रेस में प्रदीप बलमुचू और दयामणि बारला सबसे आगे हैं. कांग्रेस के लिए दयामणि बरला ऐसा चेहरा हैं जिन्‍हें कई जन संगठनों का समर्थन भी है. वह यहां विस्थापन विरोधी आंदोलनों और सीएनटी एसपीटी संशोधन पांचवी अनुसूची की मांग जैसी लड़ाई में सक्रिय एक्टिविस्‍ट के रूप में जानी जाती हैं.

वहीं दूसरी ओर प्रदीप बलमुचू कांग्रेस के कद्दावर नेता माने जाते हैं. वह झारखंड प्रदेश कांग्रेस के अध्‍यक्ष भी रह चुके हैं. इन दोनों चेहरों में खूंटी संसदीय क्षेत्र के लिए कौन बेहतर उम्‍मीदवार होगा. खूंटी क्षेत्र मुंडा आदिवासी बहुल इलाका है. प्रदीप सिंहभूम के हो आदिवासी समुदाय से आते हैं. इसको लेकर कांग्रेस का दिल्‍ली दरबार मंथन कर रहा है.

इस बीच सामाजिक कार्यकर्ता (Dayamani Barla met with Sonia Gandhi in Delhi) दयामणि बरला शनिवार को दिल्‍ली में सोनिया गांधी से मुलाकात की. जानकारी के अनुसार सोनिया गांधी और दयामणि बारला के बीच खूंटी के स्‍थानीय मुद्दों और राजनीतिक समीकरणों पर लंबी बातचीत हुई.

धनबाद के लिए कीर्ति आजाद और ददई दुबे

इधर कांग्रेस में धनबाद लोकसभा सीट पर 2 उम्‍मीदवारों के बीच होड़ लगी हुई है. पहले दावेदार हैं ददई दुबे और दूसरे कीर्ति आजाद. कीर्ति हाल ही में भाजपा भाजपा छोड़ कांग्रेस में शामिल हुए हैं. केंद्रीय नेतृत्व का रुझान कीर्ति आजाद के प्रति है. वहीं अजय दुबे भी धनबाद से टिकट के लिए जुगाड़ बैठा रहे हैं.

हजारीबाग में मजबूत उम्‍मीदवार की तलाश जारी

हजारीबाग लोकसभा सीट की बात करें तो यह भी कांग्रेस के लिए कम पेंचीदा नहीं है. उम्मीदवार के नाम की घोषणा नहीं करने के पीछे का कारण मजबूत और पुख्ता उम्मीदवार का नहीं होना माना जा रहा है. वहीं दूसरी ओर टिकट की रेस में गोपाल साहू भी हैं. दूसरी ओर बड़कागांव विधायक की बेटी युवा नेता अंबा प्रसाद भी टिकट पाने में लगी हुई हैं.

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