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महिंद्रा बाहा एसएईइंडिया 2020 ने अपने 13वें संस्करण की शुरुआत की

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282 प्रविष्टियों में से 256 कॉलेज फाइनल इवेन्‍ट के लिए क्‍वालिफाई हुए

इंदौर, 19 सितंबर, 2019: महिंद्रा एंड महिंद्रा लिमिटेड के टाइटल स्‍पांसरशिप के अंतर्गत गठित ऑटोमोटिव इंजीनियर्स की एक प्रोफेशनल संस्था एसएईइंडिया  ने आज बहुप्रतीक्षित बाहा सीरीज के 13वें संस्करण के आरंभ की घोषणा की। फाइनल इवेन्‍ट 23 से 26 जनवरी 2020 तक इंदौर के पास नैट्रिप, पीथमपुर में और 6 से 8 मार्च 2020 तक चंडीगढ़ के चितकारा यूनिवर्सिटी में आयोजित किया जाएगा। बाहा एसएईइंडिया 2020 के लिए 24 राज्यों से करीब 282 प्रविष्टियां पूरे भारत के कॉलेजों से प्राप्त हुईं, जिसमें से 200 टीमों को पारंपरिक बाहा के लिए और 56 टीमों को वर्चुअल राउंड में ई-बाहा के लिए शॉर्टलिस्ट किया गया। एआरएआई के सीनियर डिप्टी डायरेक्टर डॉ. के सी वोरा आयोजन समिति के चेयरमैन हैं, और पीथमपुर के लिए एस बलराज को और चंडीगढ़ के लिए शोएब सादिक को संयोजक बनाया गया है। ऑटोमोटिव और इंजीनियरिंग उद्योग के प्रतिष्ठित व्यक्ति बाहा एसएईइंडिया के नवीनतम संस्करण के लिए पैनल में मौजूद रहेंगे।

मध्य प्रदेश से आईं 16 प्रविष्टियों में इंदौर के 8 कॉलेज हैं, जिन्‍होंने फाइनल के लिए क्‍वालिफाई किया है। बाहा सीरीज़ के पिछले कुछ संस्करणों के लिए, मध्य प्रदेश से आने वाली अधिकतम प्रविष्टियाँ इंदौर शहर से रही हैं। इंदौर के कॉलेजों ने पिछले कुछ वर्षों से फाइनल इवेन्‍ट में अधिक पुरस्कार जीते हैं, जिसमें प्राइड ऑफ इंदौर अवार्ड भी शामिल है।

बाहा एसएईइंडिया छात्रों को 4 दिनों के पाठ्यक्रम में भाग लेने का अवसर देता है, जिसमें छात्रों को एक सिंगल सीटर चार व्हील वाले ऑल-टेरेन वाहन (एटीवी) को डिजाइन करने, बनाने, परीक्षण करने और सत्यापन करने का कॉन्‍सेप्‍ट विकसित करने का कार्य दिया जाता है। इस कार्यक्रम में तकनीकी निरीक्षण, डिजाइन, लागत और सेल्‍स प्रेजेन्‍टेशन जैसे स्टेटिक मूल्यांकन, और एक्सेलेरेशन, स्लेज पुल, मैन्यूवरबिलिटी जैसे डायनामिक इवेन्‍ट्स शामिल होंगे। सस्‍पेंशन और ट्रैक्शन के बाद 4 घंटे का एंड्यूरेंस इवेन्‍ट होगा।

बाहा एसएईइंडिया के लिए एक उल्लेखनीय विशेषता यह है कि वह हर साल एक नई थीम प्रस्‍तुत करता है। इस वर्ष, बाहा 2020 की थीम ‘ब्रेकिंग कन्वेंशंस’ है, जो बाहा की सोच के अनुकूल है। चाहे वह ई-बाहा हो या ऑल-गर्ल्‍स टीम हो, बाहा हर तरह से चुनौतीपूर्ण कन्‍वेंशंस से जुड़ा है। आज मोबिलिटी का भविष्य अपरंपरागत दिखता है और सारा उद्योग अनिश्चितता का सामना कर रहा है, बाहा इस अवसर का लाभ उठाना चाहेगा और इन नवोदित इंजीनियरों के भविष्य को तैयार करेगा जो पारंपरिक सोच और विचारों केदायरे से बाहर निकल सकते हैं और शानदार इनोवेटर्स के रूप में उभर सकते हैं, जो भविष्‍य की मोबिलिटी को नेतृत्व प्रदान करेंगे।

भारत में इलेक्ट्रिक मोबिलिटी का लाभ लेने के लक्ष्‍य के साथ बाहा एसएई इंडिया ने 2015 में ई-बाहा सीरिज शुरू की थी। जहां पारंपरिक बाहा वाहन, 10 एचपी ब्रिग्स और स्ट्रैटन गैसोलीन इंजन पर चलते हैं, जो सभी 201 एमबाहा टीमों के लिए आम बात है, तो वहीं ई-बाहा वाहन 6 किलोवाट की अधिकतम विद्युत शक्ति वाले इलेक्ट्रिक मोटर से चलेंगे और इनमें रिचार्जेबल लिथियम-आयन बैटरी पैक भी उपलब्‍ध होगा। यहां, छात्र मोटर, कंट्रोलर और बैटरी को लेकर अपना बैटरी मैनेजमेंट सिस्‍टम (बीएमएस) बनाने और डिजाइन करने के लिए स्वतंत्र हैं। पिछले साल से, हमने इलेक्ट्रिकल वाहनों के लिए मानव संसाधन की आवश्यकता को देखते हुए, इलेक्ट्रिकल और इलेक्ट्रॉनिक इंजीनियरिंग क्षेत्र से अधिक छात्रों को इस इवेन्‍ट में भाग लेने के लिए प्रोत्साहित किया है। इलेक्‍ट्रिक मोबिलिटी को बढ़ावा देने और इस क्षेत्र में काम करने के लिए मानव संसाधन विकसित करने के लिए, एसएईइंडिया ने सभी नई ई-बाहा टीमों को 50,000 रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान करने की घोषणा की है। एसएईइंडिया भी सभी राज्यों की टीमों, अधिक महिला इंजीनियरों और नॉन-मेकेनिकल  पृष्ठभूमि से आने वाले अधिक इंजीनियरिंग छात्रों को शामिल करते हुए विविधता का समर्थन करती है।

बाहा के फाइनल इवेन्‍ट के लिए, देश भर के इंजीनियरिंग कॉलेजों से आईं प्रविष्टियां जुलाई 2019 में पंजाब के चितकारा यूनिवर्सिटी में आयोजित वर्चुअल राउंड में प्रदर्शित की गईं, जहां उन्होंने बाहा बग्‍गी वाहन के लिए बनाये गये अपने वे डिजाइन प्रस्तुत किये, जिनको कॉलेजों ने फाइनल इवेन्‍ट में प्रस्‍तुत करने के लिये तैयार किया था।

टीमों के बारे में वर्चुअल बाहा के विभिन्न मापदंडों के आधार पर निर्णय लिया गया और क्‍वालिफाई किया गया। इन मापदंडों में ऑटोमोटिव संबंधी मूल बातों और बाहा नियम पुस्तिक से संबंधित व्यापक ऑनलाइन परीक्षणों के अलावा, नियम पुस्तिका की जानकारी, बग्गी की अवधारणा, प्रोजेक्ट प्लान, डिजाइन पद्धति, सीएई विश्‍लेषण, डिजाइन फेल्योर मोड एंड इफेक्ट एनालिसिस (डीएफएमईए) और डिजाइन वैलिडेशन प्‍लान (डीवीपी), कॉलेज वर्कशॉप की सुविधाएं और टीम का गठनशामिल है। वर्चुअल बाहा में प्रस्तुत प्रविष्टियाँ वर्चुअल मॉक-अप थीं जो प्रतिभागियों द्वारा सटीक विशिष्टताओं के साथ बनाई जाएंगी। फाइनल राउंड में टीमों ने अपनी खुद की बग्‍गी रेस कार का निर्माण करने के अलावा अपने कौशल, ज्ञान, रचनात्मकता और ऑटोमोबाइल के लिए जुनून का प्रदर्शन किया।

फाइनल 23 से 26 जनवरी 2020 तक इंदौर के पास पीथमपुर में नैट्रिप के नैट्रैक्‍स स्थल पर आयोजित किया जाएगा, इसके बाद 27 और 28 जनवरी 2020 को एचआर की बैठक होगी। बाहा एसएईइंडिया 2020 के 13वें संस्करण का दूसरा भाग चितकारा यूनिवर्सिटी, चंडीगढ़ में 6 से 8 मार्च 2020 तक निर्धारित है, जिसके बाद 9 मार्च 2020 को एचआर की बैठक होगी।

वर्चुअल बाहा चितकारा यूनिवर्सिटी, चंडीगढ़, 12 -13 जुलाई 2019
बाहा1 (एम-बाहा एंव ई-बाहा) नैट्रिप पीथमपुर – 23-26 जनवरी 2020
बाहा2 (एम-बाहा) पंजाब – 6-8 मार्च 2020

एसएईइंडिया के प्रेसिडेंट डॉ. बाला के.भारद्वाज ने कहा कि “बाहा एसएईइंडिया जैसी छात्र प्रतियोगिताएं छात्रों को व्‍यक्‍तिगत रूप से सीधे काम की व्‍यावहारिक समझ बनाने सक्षम बनाती हैं। इससे उन्हें व्यावहारिक ज्ञान विकसित करने में मदद मिलेगी, जो बदले में समाज के लिए नए उत्पादों को विकसित करने में नवीनतम प्रयासों का समर्थन करता है। मुझे यह जानकर खुशी हुई कि हमारा बाहा एसएईइंडिया 12 वर्षों से इंजीनियरिंग एक्सपेरिमेंटल लर्निंग में भारतीय इंजीनियरिंग छात्रों की मदद कर रहा है।”

इस अवसर पर बोलते हुए, श्री बलराज एस – संयोजक, बाहा एसएईइंडिया  2020, पीथमपुर ने कहा कि बाहा एसएईइंडिया एक अनूठा इवेन्‍ट है, क्योंकि यह इच्छुक इंजीनियरों को न केवल व्‍यावहारिक एवं उपलब्‍ध अनुभव के साथ अपने डिजाइन और इंजीनियरिंग को उजागर करने के लिए मंच प्रदान करता है, बल्कि उन्हें मार्केटिंग और उद्यमशीलता कौशल विकसित करने का अवसर देता है। इस इवेन्‍ट के माध्यम से, बाहा एसएईइंडियाकई महत्वाकांक्षी और प्रतिभाशाली उत्साही छात्रों के जीवन को बदल रहा है।

भारत में, बाहा एसएईइंडिया (सोसाइटी ऑफ ऑटोमोटिव इंजीनियर्स) ने अपनी यात्रा की शुरुआत वर्ष 2007 में की थी और इसे डॉ. पवन गोयनका (इनके एसएईइंडिया प्रेसिडेंट के कार्यकाल के दौरान) और डॉ. के.सी. वोरा के कन्‍वीनर रहने के दौरान लॉन्च किया गया था। । जैसे ही एसएईइंडिया ने इस पैमाने के एक मेगा-इवेंट कक आयोजन के लिए अनजाने क्षेत्र में कदम रखा, नैट्रिप ने आगे बढ़कर इंदौर के पीथपुर में स्थित, अपने आगामी प्रूविंग ग्राउंड के ऐ निर्धारित क्षेत्र – नैट्रैक्‍स के माध्यम से सहयोग दिया। इसी तरह, आईआईटी, रोपड़ ने 2018 और 2019 में रूपनगर में बाहा एसएईइंडियाके पहले दो चरणों को  आयोजित करने में आगे बढ़कर सहयोग दिया। इस वर्ष, बाहा एसएईइंडिया का तीसरा चरण चितकारा यूनिवर्सिटी, चंडीगढ़ में आयोजित किया जाएगा।

2021 से तीन स्थानों पर बाहा का संचालन करने की योजना के साथ, एसएईइंडिया 2020 में अपनी रजत जयंती मनाने के लिए कमर कस रही है।

बाहा एसएईइंडिया के बारे में

बाहा एसएई इंडिया इंजीनियरिंग कॉलेज के छात्रों के लिए एक शैक्षणिक प्रयास है, जो क्‍लासरूम की शिक्षा प्रणाली से अलग तरह का है, जहां इंजीनियरिंग छात्र एक टीम के रूप में भाग ले सकते हैं। यह प्रयास उन्हें उद्योग जगत की वास्तविक चुनौतियों की व्यावहारिक समझ देता है। मूल रूप से अमेरिका में आयोजित यह इवेन्‍ट एसएई इंटरनेशनल द्वारा मिनी बाहा एसएई के रूप में शुरू किया गया था, जो आज यह कई देशों में आयोजित किया जा रहा है। भारत में इसे बाहा एसएई इंडिया के रूप में आयोजित किया जाता है। यह एक अंतरराष्ट्रीय स्तर की छात्र प्रतियोगिता है, जिसमें पूरे देश के विश्वविद्यालयों की टीम एक ऑल टेरेन व्‍हीकल (एटीवी) को डिजाइन करती है, उसका विश्लेषण करती है, उसको फैब्रिकेट और वैलिडेट करती है। इसका मूल्यांकन स्टेटिक, डायनामिक और एन्‍ड्यूरेंस इवेन्‍ट्स की एक सीरीज के दौरान किया जाता है, जैसे डिजाइन, लागत मूल्यांकन, सेल्‍स प्रेजेंटेशन, एक्‍सीलेरेशन, मैन्यूवरबिलिटी, स्लेज पुल और मुख्य सहनशक्ति।  

पिछले कुछ वर्षों में, बाहा के आयोजनों में वृद्धि हुई है और राष्ट्रीय स्तर पर अपनी बढ़ती लोकप्रियता को सार्थक बनाते हुए यह एक बड़ा कार्यक्रम बन गया है। यह युवा इंजीनियरिंग प्रतिभाओं के लिए एक प्लेटफॉर्म के रूप में कार्य करता है ताकि वे अपने कौशल का प्रदर्शन कर सकें और बाधाओं तथा चुनौतियों पर काबू पाते हुए वास्तविक व्‍यावहारिक अनुभव प्राप्त कर सकें, जो उनकी दीर्घकालिक सफलता के लिए महत्वपूर्ण है।

बाहा एसएई इंडिया की संचालन समिति के अध्यक्ष के रूप में डॉ. पवन गोयनका के सक्षम नेतृत्व के अंतर्गत इस कार्यक्रम की स्थापना के बाद से ही इवेन्‍ट के आयोजन में महिंद्रा प्रमुख भूमिका निभा रहा है। पिछले 9 वर्षों से, महिंद्रा सम्‍मान  (टाइटिल) देने वाला प्रायोजक है और इस वर्ष भी प्रायोजक बने रहने का गौरव प्राप्‍त करेगा। इस कार्यक्रम के लिए अन्‍य संस्‍थान और कंपनियां जैसे एआरएआई, अल्टेयर, आनंद ऑटोमोटिव, एनसिस, एवीएल, भारत पेट्रोलियम, बीकेटी, बॉश, ब्रिग्स एंड स्ट्रैटन, चितकारा यूनिवर्सिटी, कॉन्टिनेंटल, कमिन्स, एलिएशन, फौरेशिया, जीएम, आईएसी, आईकैट, आईटीडब्ल्यू चेमिन, एलएंडटी, मैथ वर्क्स, मेदांता हॉस्‍पिटल, एमएससी सॉफ्टवेयर, माई एफएम, नैट्रिप, ओयो रूम्स, पद्मिनी इंजीनियरिंग, ट्रिम इंडिया, रेडिसन होटल्स, टीएफएम, थिंक क्रिएटिव सॉल्यूशंस लिमिटेड और वीजे प्रोडक्शन भी गर्व महसूस करते हुए आयोजन के प्रति अपना समर्थन जारी रखे हुए हैं। यह इवेन्‍ट को सियाम, एसीएमए, एएसडीसी और एआईसीटीई का भी समर्थन मिला हुआ है।

ई-बाहा के बारे में

ई-बाहा, बाहा एसएईइंडिया की संचालन समिति और संगठन समिति द्वारा शुरू किया गया इवेन्‍ट है जिसमें प्रति वर्ष इंजीनियरिंग के 1400 से अधिक छात्र शामिल होते हैं। भारत में इलेक्ट्रिक मोबिलिटी का लाभ लेने के लक्ष्‍य के साथ 2015  में महिंद्रा एंड महिंद्रा के श्री सुबोध मोरये की कन्‍वीनरशिप में इस इवेन्‍ट की शुरूआत की गई थी। यह एक ऐसा प्‍लेटफॉर्म है जहां इंजीनियरिंग के छात्रों को बाहा नियम पुस्तिका के आधार पर इलेक्‍ट्रिक वाहन बनाने का अवसर प्राप्‍त होता है, और विद्युत शक्ति के साथ जो कमाल यह वाहन दर्शाता है उसका भी अनुभव करने का मौका मिलता है। एक सत्र के दौरान, भारत के पूर्व राष्ट्रपति, महामहिम स्वर्गीय डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम ने राष्ट्रीय समृद्धि के लिए इस प्‍लेटफॉर्म का उपयोग करने का सुझाव दिया था। उनके विचारों से अभिभूत होकर आयोजन समिति ने ई-बाहा नामक अपने आठवें सत्र में एक नये सब-इवेन्‍ट को शामिल करने का निर्णय लिया। पारंपरिक बाहा पेट्रोल चालित एटीवी से संबंधित है, तो ई-बाहा वाहन रिचार्जेबल लीथियम-आयन बैटरी द्वारा संचालित इलेक्‍ट्रिक मोटर से चलते हैं।

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अतुल मलिकराम

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