धोनी क्‍यों हैं बेमिसाल, जानें 10 बड़ी बातें

धोनी क्‍यों हैं बेमिसाल, जानें 10 बड़ी बातें

Ranchi: टीम इंडिया के पूर्व कप्‍तान एमएस धोनी (MS Dhoni) ने अंतरराष्‍ट्रीय क्रिकेट के सभी फॉर्मेट से संन्यास (Ms Dhoni retirement) की शनिवार को घोषणा कर दी. एमएस धोनी (Mahendra Singh Dhoni) ने अपने इस बड़े फैसले का ऐलान इंस्टाग्राम पर एक वीडियो शेयर करते हुए किया है. उन्होंने वीडियो के साथ कैप्शन में लिखा, धन्यवाद. पूरे करियर के दौरान अपना प्यार समर्थन देने के लिए आप सबका बहुत बहुत धन्यवाद. आज शाम 7.29 बजे के बाद से मुझे रिटायर समझा जाए.

एमएस धोनी की कप्तानी में ही भारत ने 2007 में पहला T20 विश्व कप जीता था. एमएस धोनी अपनी कप्तानी में भारत को चैंपियंस ट्रॉफी भी जिता चुके हैं. धोनी इस समय आईपीएल के 13वें संस्करण की तैयारियों के लिए चेन्नई के एमए चिदंबरम स्टेडियम में चेन्नई सुपर किंग्स टीम के साथ ट्रेनिंग कैम्प में हैं. उन्होंने अपना आखिरी अंतरराष्‍ट्रीय मैच जुलाई 2019 विश्व कप में न्यूजीलैंड के खिलाफ खेला था. 2019 विश्वकप का वो सेमीफाइनल मुकाबला था.

महेन्द्र सिंह धोनी का बेमिसाल करियर

2004 में बांग्लादेश के खिलाफ वनडे करियर का आगाज

23 दिसंबर, 2004 यह वह दिन है, जो भारतीय क्रिकेट इतिहास में अहम स्थान रखता है. एम एस धोनी ने इसी दिन इंटरनेशनल क्रिकेट की शुरुआत की थी.

2005 में श्रीलंका के खिलाफ टेस्ट करियर की शुरुआत

2 दिसंबर 2005 में भारतीय कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने अपने करियर का पहला टेस्ट मैच खेला था. श्रीलंका के भारत दौरे के पहले टेस्ट मैच में धोनी ने पहली बार भारत के लिए सफेद जर्सी पहनी थी.
इस मैच में भारत लगातार विकेट खो रहा था और तब मैदान पर उतरे महेंद्र सिंह धोनी. धोनी ने क्रीज पर आते ही आक्रामक पारी खेलनी शुरू की, दूसरे छोर पर लगातार विकेट गिरते गए लेकिन धोनी टिके रहे और 30 रन बनाकर 74वें ओवर में भारत के आखिरी विकेट के रूप में आउट हुए.

2006 में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ T-20 में एंट्री

धोनी ने अपना पहला अंतरराष्ट्रीय ट्वेंटी-20 मैच एक दिसंबर, 2006 को दक्षिण अफ्रीका के ख़िलाफ़ जोहानिसबर्ग में खेला था. भारत यह मैच छह विकेट से जीता था. धोनी का प्रदर्शन बहुत शानदार नहीं रहा. वो बगैर खाता खोले पवेलियन वापस हो गए और विकेट के पीछे उन्होंने एक कैच लिया था.

2007 में धोनी की कप्तानी में T-20 वर्ल्डकप में भारत की जीत

टी-20 वर्ल्ड कप पहली बार 2007 में खेला गया था और टीम इंडिया ने महेंद्र सिंह धोनी की कप्तानी में पाकिस्तान को 5 रन से हराकर खिताब अपने नाम किया था. पूरे वर्ल्ड कप में भारत की दो जीत सबसे ज्यादा चर्चा में रही- एक फाइनल में मिली पाकिस्तान के खिलाफ खिताबी जीत और दूसरी भी पाकिस्तान के खिलाफ ही ग्रुप राउंड में मिली जीत.

2009-2011 में धोनी की कप्तानी में टीम इंडिया टेस्ट में नंबर 1

एमएस धोनी ने अपनी कप्तानी में टीम इंडिया के आईसीसी टी-20 वर्ल्ड कप (2007), वनडे वर्ल्ड कप (2011) दिलाए हैं और 2013 में चैंपियन्स ट्रॉफी में जीत दिलाई. उनकी कप्तानी में टीम इंडिया साल 2009 में टेस्ट मैचों में नंबर वन रही थी.

2011 में धोनी के नेतृत्व में टीम ने वर्ल्डकप का खिताब जीता

2 अप्रैल को वानखेड़े स्टेडियम में खेले गए फाइनल में श्रीलंका को 6 विकेट से हराकर विश्व कप पर कब्जा किया था. यह भारत का दूसरा आईसीसी वर्ल्ड कप था, जो उसने 28 साल बाद जीता था. यह वर्ल्ड कप भारत के कप्तान महेंद्र सिहं धोनी के लिए काफी यादगार था. धोनी पूरे टूर्नामेंट में नहीं चल पाए थे, लेकिन वर्ल्ड कप फाइनल में शानदार 91 रनों की नाबाद पारी खेलकर भारत को कप दिलाया था.

2013 में धोनी की कप्तानी में भारत ने चैंपियंस ट्राफी जीता

23 जून 2013 में भारत ने इंग्लैंड को हरा कर चैंपियंस ट्रॉफी का खिताब अपने नाम की थी. इस दौरान भारतीय क्रिकेट टीम के कप्तान महेंद्र सिंह धोनी थे. 2013 में चैंपियंस ट्रॉफी जीतने के साथ ही धोनी ने एक वर्ल्ड रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया था. धोनी ने एक ऐसा कारनामा करके दिखाया था, जो दुनिया का कोई क्रिकेट कप्तान नहीं कर सका था.

धोनी दुनिया के इकलौते ऐसे कप्तान हैं, जिनकी कप्तानी में टीम ने तीनों आईसीसी ट्रॉफी जीती हैं. 2007 टी-20 वर्ल्ड कप, 2011 वनडे वर्ल्ड कप और 2013 चैंपियंस ट्रॉफी के खिताब भारत ने धोनी की ही कप्तानी में जीते हैं.

2014 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ टेस्ट क्रिकेट से संन्यास लिया

धोनी ने 30 सितंबर 2014 में अचानक टेस्‍ट क्रिकेट से सन्‍यास ले लिया था और इस फैसले के बारे में सुनकर फैंस की आंखें नम रह गईं. हर कोई इस फैसले से काफी हैरान थे. धोनी ने अपना आखिरी टेस्‍ट आस्‍ट्रेलिया के दौरे पर खेला. भारत 4 मैचों की इस सीरीज में 2-0 से पिछड़ चुका था. धोनी मैदान पर आए तब भारत के 5 विकेट गिर चुके थे और भारत के सामने 384 रनों का लक्ष्‍य था. अजिंक्‍य रहाणे के 48 रना पर आउट होने के बाद धोनी ने रविचंद्रन अश्विन के साथ मिलकर दिन का खेल खत्‍म होने तक बल्‍लेबाजी की. धोनी ने अपनी आखिरी पारी में 24 रन बनाए और भारत के लिए मैच ड्रॉ कराया. इसके साथ ही भारत बॉर्डर गावस्‍कर ट्रॉफी हार गया.

2019 में धोनी ने न्यूजीलैंड के खिलाफ आखिरी वनडे मुकाबला खेला

धोनी ने अपना आखिरी वनडे मैच 2019 विश्व कप के दौरान न्यूजीलैंड के खिलाफ सेमीफाइनल जैसे बड़े मुकाबले में खेला. 9-10 जुलाई को भारत और न्यूजीलैंड के बीच विश्व कप का सेमीफाइनल मैच खेला गया. जहां भारतीय टीम को निराशा का सामना करना पड़ा था.
माही उस विश्व कप में खिताब की जीत की उम्मीद के साथ उतरें थे लेकिन फाइनल से एक कदम पहले भारतीय टीम फिसल गई. इस मैच में धोनी ने भारत को जीताने का भरसक प्रयास किया. उन्होंने 72 गेंद में 50 रन की पारी खेली. जब भारतीय टीम जीत से 24 रन दूर थी तभी दो रन लेने के चक्कर में धोनी रन आउट हो गए और भारत की उम्मीदें भी खत्म हो गई.

15 अगस्त 2020 को महेन्द्र सिंह धोनी ने अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास लिया

धोनी हमेशा सुर्खियों में रहे, पर खुद को इससे दूर रखते हुए. देखा ही होगा आपने. जीते आगे बढ़कर, पर जब श्रेय लेने की बारी आई खुद पीछे, टीम आगे. कभी कोई बड़ा इंटरव्यू नहीं दिया. किसी टीवी शो में नहीं गए. शादी भी चुपचाप कर ली. फिल्म में उन्हें जी चुके सुशांत की मौत पर भी कोई बयान नहीं दिया. …और संन्यास का भी ऐलान उस दिन, जब अगले दिन कोई अखबार नहीं निकलने वाला.

39 साल के धोनी ने अपने ऐलानियां में एक बात जो नहीं बताई, लेकिन लोगों ने समझ ली कि वे आईपीएल तो खेलते रहेंगे. लेकिन, पता नहीं कब तक.

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