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पेट्रोल-डीजल की कीमतों में बढ़ोत्तरी के बाद एलपीजी व सीएनजी के दाम बढ़े

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New Delhi: महंगाई की मार से त्रस्त जनता पर एक और बोझ डाल दिया गया है. पेट्रोल-डीजल की कीमतों में बेतेहाशा बढ़ोत्तरी के बाद घरेलू गैस सिलेंडर (एलपीजी) के भी दाम बढ़ा दिए गए हैं. इतना ही नहीं सीएनजी गैस के भी दाम बढ़ाए गए हैं. एलपीजी के सब्सिडी और गैर सब्सिडी दोनों सिलेंडरों के दाम बढ़ाए गए हैं.

सब्सिडी गैस सिलेंडर की कीमत में 2.89 रुपए बढ़ाए गए हैं. सब्सिडी गैस सिलेंडर अब 499 रुपए 51 पैसे के बजाए 502 रुपए 40 पैसे का मिलेगा. वही गैर सब्सिडी सिलेंडर की कीमत में 59 रुपए प्रति सिलेंडर का इजाफा हुआ है. यह कीमतें रविवार रात 12 बजे के बाद से लागू हो चुकी हैं. गैर सब्सिडी सिलेंडर की कीमत 820 से बढ़कर 879 रुपए प्रति सिलेंडर हो गई है.

इसके अलावा सरकार ने रविवार को सीएनजी के दाम भी बढ़ा दिए हैं. दिल्ली में सीएनजी के दाम में 1.70 रुपए प्रति किलो और नोएडा में 1.95 रुपए प्रति किलो की बढ़ोतरी की गई है. इंद्रप्रस्थ गैस लिमिडेट ने बताया कि सीएनजी के बढ़े हुए दाम 30 अक्टूबर की आधी रात से लागू हो जाएंगे.

सीएनजी के दामों में इजाफे के बाद दिल्ली में अब सीएनजी 44.30 रुपये प्रति किलो मिलेगी. नोएडा, ग्रेटर नोएडा और गाजियाबाद में इसकी कीमत 51.25 रुपये किलो होगी. हरियाणा के रेवाड़ी में यह 54.05 रुपये किलो की दर पर मिलेगी.

प्राकृतिक गैस की कीमतें गैस की अधिक्ता वाले देशों जैसे अमेरिका, रूस और कनाडा की औसत दरों के आधार पर हर छह महीने में संशोधित की जाती हैं. भारत आधे से अधिक गैस का आयात करता है जिसकी लागत घरेलू दर के दोगुना से ज्यादा होती है.

इस वजह से बढ़े सीएनजी के दाम

सरकार ने शुक्रवार को घरेलू प्राकृतिक गैस का दाम 10 प्रतिशत बढ़ाने की घोषणा की थी. सरकार के इस कदम से सीएनजी की कीमतें बढ़ी हैं. इसके अलावा बिजली एवं यूरिया उत्पादन की लागत भी बढ़ गई है. पेट्रोलियम मंत्रालय के पेट्रोलियम योजना एवं विश्लेषण सेल के अनुसार, प्राकृतिक गैस के अधिकांश घरेलू उत्पादकों को दी जाने वाली कीमत मौजूदा 3.06 डॉलर प्रति 10 लाख ब्रिटिश थर्मल यूनिट (एमएमबीटीयू) से बढ़ाकर 3.36 डॉलर प्रति एमएमबीटीयू कर दी गयी है. बढ़ी दर एक अक्टूबर से प्रभावी होगी.

प्राकृतिक गैस की कीमतें गैस की अधिक्ता वाले देशों जैसे अमेरिका, रूस और कनाडा की औसत दरों के आधार पर हर छह महीने में संशोधित की जाती हैं. भारत आधे से अधिक गैस का आयात करता है जिसकी लागत घरेलू दर के दो गुने से अधिक होती है.

संशोधित दर एक अक्टूबर से अगले छह महीने के लिए प्रभावी होगी. यह दर अक्टूबर 2015 से मार्च 2016 की अवधि के दौरान 3.82 डॉलर प्रति एमएमबीटीयू के बाद सर्वाधिक होगी. कीमत वृद्धि से ओएनजीसी और रिलायंस इंडस्ट्रीज जैसी उत्पादक कंपनियों की कमाई बढ़ेगी लेकिन सीएनजी की कीमतों में तेजी के साथ ही यूरिया तथा बिजली उत्पादन लागत भी बढ़ जाएगी. यह करीब तीन साल में की गयी दूसरी वृद्धि है. सूत्रों ने कहा कि प्राकृतिक गैस की कीमत में यदि एक डॉलर की वृद्धि होती है तो ओएनजीसी का राजस्व सालाना आधार पर चार हजार करोड़ रुपये बढ़ जाता है.

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