ऑनलाइन प्रेस कांफ्रेंस में राहुल गांधी बोले- भारत में लॉकडाउन फेल हुआ, आगे की रणनीति बताए सरकार

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New Delhi: कोरोना वायरस (Coronavirus) यानी कोविड 19 (Covid 19) के संक्रमण के चेन को तोड़ने के लिए देश में 24 मार्च से जारी लॉकडाउन (Lockdown) का आज 63वां दिन है. साथ देश में कुछ रियायतों के साथ देश में जारी लॉकडाउन- 4 का आज नौवां दिन है. लेकिन तमाम एहतियात के बावजूद देश में कोरोना संक्रमितों की संख्या थमने का नाम नहीं ले रही है. देश में कोरोना संक्रमित मरीजों का आंकड़ा 1.45 लाख के पार पहुंच गया है जबकि अबतक 4,167 लोगों की मौत हो चुकी है. इन सबके बीच कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने लॉकडाउन को लेकर सरकार की स्ट्रैटिजी पर सवाल उठाए हैं.

कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर मोदी सरकार पर निशाना साधा और लॉकडाउन फेल होने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दो महीने पहले कहा था कि हम 21 दिन में कोरोना वायरस को हरा देंगे, लेकिन अब 60 दिन बाद हमारे देश में कोरोना वायरस तेजी से बढ़ रहा है और लॉकडाउन को हटाया जा रहा है. राहुल बोले कि लॉकडाउन का मकसद पूरी तरह से फेल हो गया है. राहुल गांधी ने कहा कि लॉकडाउन के चार चरणों में वो नतीजे नहीं मिले हैं, जो प्रधानमंत्री मोदी ने उम्मीद की थी. ऐसे में अब हम सरकार से पूछना चाहते हैं कि सरकार आगे क्या करेगी, क्योंकि लॉकडाउन फेल हो गया है.

उन्होंने आरोप लगाया कि पूरी दुनिया जब लॉकडाउन हटा रही है तो वहां केस कम हो रहे हैं, लेकिन हमारे यहां केस बढ़ रहे हैं और लॉकडाउन हट रहा है. साथ ही राहुल गांधी ने सवाल किया कि पीएम मोदी गरीबों के लिए, किसानों के लिए क्या कर रहे हैं उसका जवाब दे दें.

राहुल गांधी ने कहा कि सरकार को सच्चाई माननी चाहिए, क्योंकि कहा गया था कि 21 दिन में सब ठीक होगा लेकिन 60 दिन हो गए हैं. कांग्रेस शासित राज्यों के बारे में राहुल गांधी ने कहा कि हमारी सरकारें गरीबों को पैसा दे रही हैं, खाना दे रही हैं. हमें पता है कि आगे क्या करना है लेकिन राज्य कबतक अकेले लड़ाई लड़ेंगे. केंद्र सरकार को आगे आने होगा और रणनीति के बारे में देश से बात करनी होगी.

राहुल गांधी ने रोजगार को लेकर कहा कि देश में रोजगार की मुश्किलें पहले ही थीं, लेकिन लॉकडाउन से एक और गहरी चोट लगेगी. आने वाले दिनों में रोजगार की संख्या तेजी से बढ़ सकती है, ऐसे में आम लोगों के हाथ में पैसा होना जरूरी है.

नेपाल और चीन के साथ जारी खींचतान को लेकर राहुल गांधी ने कहा कि बॉर्डर पर जो हुआ है, इसके डिटेल्स सरकार को देश के सामने रखना चाहिए. अभी किसी को नहीं पता है कि क्या हुआ है, नेपाल के साथ क्या हुआ और लद्दाख में क्या हो रहा है. सरकार को देश के सामने रखना चाहिए.

राहुल गांधी की बड़ी बातें…

नरेंद्र मोदी जी ने कहा था कि 21 दिनों में कोरोना की लड़ाई जीती जाएगी. लॉकडाउन के साथ 60 दिन हो गए, लेकिन भारत पहला देश है जो मामले बढ़ने के बाद लॉकडाउन बंद कर रहा है.
भारत में लॉकडाउन फेल हुआ है, नरेंद्र मोदी का जो लक्ष्य था, वो पूरा नहीं. सरकार और पीएम बताएं कि आपकी स्ट्रैटिजी क्या है?

मजदूरों, छोटे बिजनसों आदि के लिए सरकार अपनी योजना बताए. जो होना था, वो नहीं हुआ.
सरकार क्यों फेल हुई ये मुद्दा नहीं है, मुद्दा ये है कि देश में अभी क्या हो रहा है. लॉकडाउन फेल हुआ है. लॉकडाउन से जैसी उम्मीद थी, वैसा नहीं हुआ है. सरकार के आगे की योजना क्या है?
भारत में पिछले काफी समय से बेरोजगारी की समस्या है, लेकिन अभी कोरोना संकट की वजह से ये समस्या बढ़ गई है. अब कई छोटे बिजनस बंद हो जाएंगे और लोगों की नौकरियां जाएंगी.
चीन-नेपाल से सीमा विवाद पर राहुल गांधी ने कहा कि ‘इन मुद्दों की डीटेल पारदर्शिता के साथ जारी करे सरकार, हमें पता नहीं है क्या हो रहा है.’

मैंने सरकार से फरवरी में ही कहा था कि स्थिति काफी खराब होने जा रही है. अभी भी वही कह रहा हूं. सरकार से निवेदन कर रहा हूं कि आप इकनॉमिक ऐक्शन लीजिए, कैश इंजेक्शन दीजिए. छोटे उद्योगों की रक्षा कीजिएः

थोड़ी सी मेरी बातचीत जो सरकार में डिसिजन मेकर्स हैं, उनसे इनडायरेक्टली होती रहती है. उनकी राय है कि अगर हमने बहुत सारा पैसा गरीब लोगों को दे दिया, मजदूरों को दे दिया, तो बाहर के देशों में गलत इंप्रेशन चला जाएगा.

हमारी रेटिंग खराब हो जाएगी. मैं फिर से दोहरा रहा हूं, हिंदुस्तान की शक्ति बाहर से नहीं बनती है, हिंदुस्तान की शक्ति हिंदुस्तान के अंदर से बनती है. जब हिंदुस्तान मजबूत होता है, तो हिंदुस्तान की शक्ति में शक्ति होती है, तो पूरी दुनिया देखती है और इमेज बनती है हमारी.

हिंदुस्तान की शक्ति की रक्षा करने की जरूरत है. इसके लिए 50 फीसदी लोगों को डायरेक्ट कैश देना होगा. महीने का साढ़े सात हजार रुपये देना होगा.

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