लॉकडाउन 4: दिल्ली में ऑड-ईवन की तर्ज पर बाजारों के खुलने की संभावना

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New Delhi: कोरोना वायरस (Coronavirus) संक्रमण के बढ़ते खतरे को देखते हुए सोमवार से पूरे देश में लॉकडाउन 4 (Lockdown 4) शुरू हो रहा है. इसमें छूट देने के लिए केंद्र सरकार ने राज्य सरकारों से सुझाव मांगे थे. सूत्रों की मानें तो दिल्ली की केजरीवाल सरकार (Kejriwal Govt) ने केंद्र को ऑड-ईवन की तर्ज पर बाजारों को खोलने की अनुमति देने का सुझाव दिया है.

मुख्यमंत्री केजरीवाल ने गुरुवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर इस बात की जानकारी दी थी कि उनके पास कई व्यपारिक संस्थानों के सुझाव आए हैं. जिनका कहना है कि दिल्ली में बाजारों को ऑड-ईवन के तर्ज पर खोलने की अनुमति दी जानी चाहिए. इससे पहले चैंबर्स ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री (सीटीआई) ने करीब 100 व्यपारिक संस्थानों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बैठक की. इस बैठक में फुटकर और थोक बाजारों के प्रतिनिधियों ने भी भाग लिया.

प्रतिबंधों के साथ खुलें बाजार

अधिकतर व्यापारियों ने इस बात का समर्थन किया कि अब कुछ प्रतिबंधों के साथ बाजारों को खोल देना चाहिए. कोरोना से बचाव के लिए सोशल डिस्टेंसिंग से लेकर हर प्रकार के संभव बचाव को अपनाते हुए एक विस्तृत कार्ययोजना तैयार कर बाजार खोलने के लिए व्यपारी वर्ग तैयार दिखा.

वहीं आम आदमी पार्टी के ट्रेड विंग और सीटीआई के संयोजक बृजेश गोयल ने कहा था कि वो व्यापारियों के सुझाव सरकार तक पहुंचाएंगे. लॉकडाउन 4 में कोशिश की जाएगी कि कोरोना से बचाव के लिए कुछ प्रतिबंधों के साथ व्यपारिक गतिविधियों को भी चालू किया जाए. जिससे की अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने में सहायता मिल सके.

सीटीआई की मीटिंग में भी दिया था ऑड-ईवन का सुझाव

वहीं सुझाव ये भी आए कि बाजारों को ऑड-ईवन का नियम अपनाते हुए खोला जाना चाहिए. अधिक समय तक यदि बाजार बंद रहेत हैं तो व्यापारी इसका नुकासन नहीं झेल सकेंगे. इसलिए बेहतर होगा यदि अब प्रतिबंधों के साथ बाजारों को खोला जाए.

सूत्रों की मानें तो व्यापारियों के सुझावों को तर्कसंगत मानते हुए केजरीवाल सरकार ने अपने प्रस्ताव में उनको सम्मिलित किया और अपना प्रस्ताव केंद्र को भेज दिया है. बाजारों के खुलने के बाद अर्थव्यवस्था को भी कुछ गति मिलने की उम्मीद है. ऐसे में देखना होगा कि केंद्र सरकार दिल्ली सरकार के सुझावों पर क्या फैसला लेती है.

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