Take a fresh look at your lifestyle.

NCR में धूल से जीना हुआ मुहाल, सांस लेना मुश्किल, तीन दिन तक राहत नहीं

0

#NEW DELHI : राजस्थान में चल रही तेज और शुष्क हवाओं की वजह से उत्तर भारत के कई इलाकों के वातावरण में धूल की परत जम गई है, जिससे लोगों का सांस लेना मुहाल हो गया है. दिल्ली-एनसीआर के नोएडा में बुधवार को पीएम 10 का स्तर रिकॉर्ड 1135 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया. मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक अगले तीन दिन भी लोगों को इससे राहत मिलने की उम्मीद नहीं है.

मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक शुष्क उत्तर-पश्चिमी हवाएं दिल्ली एनसीआर में आकर मद्धिम पड़ जा रही हैं. इससे उनके द्वारा उड़ाकर लाई जा रही धूल वायुमंडल के नीचली परत में जमा हो जा रही है. यही धूल का गुबार हरियाणा, दिल्ली, एनसीआर सहित पश्चिमी उत्तरप्रदेश के शहरों के ऊपर दिखाई दे रहा है.

इसकी वजह से लोगों को दोहरी परेशानी हो रही है. एक तो पीएम10 और पीएम 2.5 की अधिक घनत्व से लोगों को सांस लेने में परेशानी हो रही है. वहीं दूसरी ओर निचली परत में जमी धूल धरती की ऊष्मा को वापस जाने से रोक रही है, जिससे सूरज की तपिश कम होने के बावजूद लोगों को गर्मी का एहसास हो रहा है.

ईपीसीए ने जारी किया परामर्श

उच्चतम न्यायालय द्वारा नियुक्त ईपीसीए ने बुधवार को दिल्ली-एनसीआर से जुड़े राज्यों के मुख्य सचिवों को धूल प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए तत्काल जरूरी कदम उठाने का परामर्श दिया है. पर्यावरण प्रदूषण रोकथाम एवं नियंत्रण प्राधिकरण (ईपीसीए) की सदस्य सुनीता नारायणन ने कहा, ‘हम स्थिति पर नजर रख रहे हैं औरयदि चीजें नहीं सुधरती हैं तो हम गंभीर से अधिक बिगड़ी स्थिति सीवियर प्लस संबंधी उपाय ला सकते हैं.’

लोगों की बढ़ी परेशानी

– अस्थमा के मरीजों के साथ-साथ बुजुर्गों को भी सांस लेने में हो रही परेशानी
– शरीर में इलेक्ट्रोलाइट की कमी से लोग महससू कर रहे बेचैनी, घबराहट

इन बातों का रखें ख्याल
– अस्थमा के मरीज अपने साथ हमेशा इन्हेलर रखें,
– शरीर में पानी की कमी नहीं होने दें, नींबू पानी पीएं
– हल्का और सुपाच्य भोजन ही करें, तला-भुने खान से परहेज करें

भारी बारिश से त्रिपुरा, मणिपुर में बाढ़

भारी बारिश के चलते जहां त्रिपुरा और मणिपुर में बाढ़ आने से हजारों लोग बेघर हो गए. अधिकारियों ने बताया कि पूर्वात्तर में पिछले 24 घंटे से लगातार हो रही बारिश से बाढ़ की स्थिति उत्पन्न होने से असम, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में हजारों लोग बेघर हो गए. केरल में दो और लोगों की मौत के साथ बारिश से संबंधित घटनाओं में मरने वालों की संख्या 23 हो गई है.

पूर्वोत्तर में भारी बारिश के कारण अकेले त्रिपुरा में ही पिछले 24 घंटे में 3500 परिवार बेघर हो गए. अधिकारियों ने बताया कि बुधवार सुबह से पश्चिमी त्रिपुरा के सदर उप- क्षेत्र में 500 से अधिक परिवारों के मकान बाढ़ में डूब जाने के कारण उन्हें छह राहत शिविरों में ले जाया गया. राज्य आपातकालीन अभियान केंद्र (एसईओसी) की ताजा रिपोर्ट के अनुसार 3500 परिवारों को 89 राहत शिविरों में ले जाया गया. अधिकारियों ने बताया कि मणिपुर में 24 घंटे से लगातार हो रही बारिश के कारण इम्फाल घाटी में बाढ़ की स्थिति उत्पन्न हो गई. वहीं, पूर्वी इम्फाल , पश्चिमी इम्फाल , थौबल और बिष्णुपुर लगभग डूब गए.

असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एएसडीएमए) की रिपोर्ट के अनुसार पिछले 24 घंटे से लगातार हो रही बारिश के कारण असम के 222 गांवों में 1,48,912 लोग प्रभावित हुए हैं. नाधर क्षेत्र में लोंगाई नदी से पानी बाहर आने के कारण करीमगंज की बराक घाटी सबसे अधिक प्रभावित हुई है. राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल ने जिले से 124 लोगों को निकाला है. अधिकारियों ने 71 राहत शिविर सक्रिय कर दिए हैं. मौसम विभाग ने मेघालय और असम में और बारिश होने के साथ ही नगालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा के अलग-अलग इलाकों में भारी बारिश होने का पूर्वानुमान लगाया है.

Leave a Reply

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

This website uses cookies to improve your experience. We'll assume you're ok with this, but you can opt-out if you wish. Accept Read More