कार्तिक पूर्णिमा में यहां लगता है भूतों का सबसे बड़ा मेला, तांत्रिक पूरी रात करते हैं अनुष्ठान

by

Hazipur: विज्ञान ने भले ही तरक्की कर ली हो लेकिन देश में कई मौकों पर आज भी अंधविश्वास विज्ञान और आस्था पर भारी पड़ता नज़र आता है. कार्तिक पूर्णिमा के मौके पर हाजीपुर में गंगा और गंडक के संगम पर लगने वाला भूतों का मेला इसका जीता जागता उदहारण है. लाखों की संख्या में दूर दराज से लोग नदी के तट पर कार्तिक पूर्णिमा से एक रात पहले आते हैं और देर रात से ही भूत भगाने के अनुष्ठान में लग जाते हैं.

इसे भी पढें: किसान आंदोलन के कारण दिल्‍ली के यात्रियों के लिए एडवाइजरी जारी

दुनिया का सबसे बड़ा भूतों का मेला

बता दें कि बिहार के हाजीपुर के कोनहारा घाट पर कार्तिक पूर्णिमा के अवसर पर दुनिया के सबसे बड़ा भूतों का मेला लगता है. हाजीपुर के कोनहारा घाट को पुराणों में मोक्ष भूमि माना जाता है. पुराण में वर्णन है कि यही वह स्थान है जहां गज यानी हाथी रूपी अपने भक्तों के पुकार पर भगवान विष्णु ने आकर ग्राह का वध कर भक्त को मुक्ति दिलाई थी.

श्रापित ग्राह( घड़ियाल) ने भगवान विष्णु के हाथों से वध किए जाने के बाद मोक्ष पाई थी और तभी से यह भूमि मोक्ष भूमि मानी जाती है. घाट पर हर साल कार्तिक पूर्णिमा के मौके पर लगने वाले दुनिया के सबसे बड़ा भूतों के मेले में लोग भूत और बुरी आत्माओं से छुटकारा पाने के लिए ओझा और भूतों को मानने वालों से मिलते हैं और अनुष्ठान कर भूतों और बुरी आत्माओं को अपने ऊपर से भगाते हैं.

इसे भी पढ़ें: Corona Year 2020 Calendar: जनवरी में कोविड 19 वायरस ने एंट्री मारी, अब तक कोरोना संक्रमितों की संख्‍या एक करोड़

तांत्रिक पूरी रात करते हैं अनुष्‍ठान

कार्तिक पूर्णिमा से एक रात पूर्व ही यह खेल शुरू हो जाता है. रात भर चलने वाले इस अनुष्ठान को स्थानीय भाषा में भूत खेली कहते हैं. इस मेले में जहां लाखों लोग बुरी आत्माओं से छुटकारा के लिए पहुंचते हैं, वहीं, भूतों को पकड़ने और भगाने का दावा करने वाले ओझा भी इस मेले में बड़ी संख्या में आकर अपनी मंडली लगाते हैं. जगह-जगह ओझाओं की मंडली सजी होती है, जो अलग-अलग अनुष्ठान कर रहे होते हैं.

इस बार भी कोरोना के बावजूद कार्तिक पूर्णिमा के अवसर हजारों की संख्या में लोग घाट पर पहुंचे हैं और रात से ही पूजा में लगे हुए हैं. हालांकि, इस दौरान कोरोना के लिए जारी गाइडलाइंस की जमकर धज्जियां उड़ाई जा रही हैं. ना किसी के चेहरे पर मास्क दिख न ही कोई सोशल डिस्टनसिंग. ऐसे में कोरोना के प्रसार की बात से इनकार नहीं किया जा सकता.

Categories Bihar

3 thoughts on “कार्तिक पूर्णिमा में यहां लगता है भूतों का सबसे बड़ा मेला, तांत्रिक पूरी रात करते हैं अनुष्ठान”

Leave a Reply

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.