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लोकसभा चुनाव से पहले लालू को सुप्रीम कोर्ट से मिल सकती है राहत

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Ranchi: लोकसभा चुनाव से पहले लालू प्रसाद यादव को बड़ी राहत मिल सकती है. चुनाव को देखते हुए लालू जल्द से जल्द जेल से बाहर निकलना चाहते हैं. राजद सुप्रीमो को जेल से बाहर निकालने के लिए उनके वकील भी सक्रिय हो गये हैं.

चारा घोटाला के तीन मामलों में सजायाफ्ता बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव के वकील ने सुप्रीम कोर्ट में एक जमानत याचिका दाखिल की है. याचिका में झारखंड हाइकोर्ट द्वारा उन्हें जमानत नहीं देने के फैसले को भी चुनौती दी गयी है.

वकीलों ने सुप्रीम कोर्ट में जो याचिका दाखिल की है, उसमें कहा गया है कि लालू प्रसाद की उम्र काफी हो चुकी है. वह गंभीर रूप से बीमार हैं. लगातार उनकी सेहत खराब हो रही है. लोकसभा चुनाव भी करीब हैं. इसलिए राजद सुप्रीमो को जमानत दी जाये.

तीन मामलों में दोषी

बता दें कि लालू यादव को चारा घोटाला के तीन मामलों में दोषी पाया जा चुका है और उन्हें सजा भी हो चुकी है. रांची के होटवार स्थित बिरसा मुंडा केंद्रीय कारागार में सजा भुगत रहे थे. इसी दौरान उनकी तबीयत बिगड़ी और उन्हें राजेंद्र इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस (रिम्स) में भर्ती कराया गया.

काफी इलाज के बाद भी जब उनकी सेहत नहीं सुधरी, तो उन्हें दिल्ली स्थित एम्स रेफर कर दिया गया. एम्स में उनकी सेहत ठीक हुई और लालू प्रसाद फिर रिम्स लौट आये.

बड़े बेटे तेज प्रताप की शादी से ठीक पहले झारखंड हाइकोर्ट ने उन्हें सशर्त जमानत दी. हाइकोर्ट का स्पष्ट निर्देश था कि जमानत के दौरान वह किसी तरह की राजनीतिक बयानबाजी नहीं करेंगे. प्रेस कॉन्फ्रेंस भी नहीं करेंगे. इसके बाद लालू प्रसाद ने मुंबई में भी अपना इलाज कराया.

कोर्ट के आदेश पर एक बार फिर अविभाजित बिहार के सबसे चर्चित और बड़े घोटाला के आरोपी ने सरेंडर कर दिया. उनकी खराब सेहत को देखते हुए एक बार फिर उन्हें रिम्स में भर्ती कराया गया. लालू प्रसाद के वकील लगातार इस कोशिश में हैं कि उनके मुवक्किल को जमानत मिल जाये, लेकिन झारखंड हाइकोर्ट ने उनकी दलीलों को अस्वीकार कर दिया.

जानकारी के मुताबिक, चारा घोटाला के तीन मामलों (RC20/96, RC64A/96 और RC 68/96) में लालू प्रसाद ने जमानत के लिए याचिका दायर की है.

13.6 साल की सजा

  • केस सं. : RC 20/96
    फैसले की तारीख : 31 सितंबर, 2013
    सजा : 05 साल
  • केस सं. : RC 64A/96
    फैसले की तारीख : 23 दिसंबर, 2017
    सजा : 3.6 साल
  • केस सं. : RC 68/96
    फैसले की तारीख : 24 जनवरी, 2018
    सजा : 05 साल

 

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