कुरमी/कुडमी को आदिवासी सूची में शामिल करने की मांग के लिए राज्‍यव्‍यापी आंदोलन का ऐलान

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Ranchi: टोटेमिक कुरमी/कुडमी विकास मोर्चा, केंद्रीय समिति की बैठक रांची स्थित झारखण्ड विधानसभा सभागार में मोर्चा के केंद्रीय अध्यक्ष शीतल ओहदार की अध्यक्षता में संपन्न हुई. बैठक में सर्व सहमति से राज्य सरकार से टोटेमिक कुरमी/कुडमी (महतो) को अनुसूचित जनजाति की सूची में शामिल की मांग को कैबिनेट से अनुशंसा करके केंद्र सरकार को भेजने, झारखंड मुक्ति मोर्चा के संस्थापक केंद्रीय अध्यक्ष बिनोद बिहारी महतो को झारखंड पितामह का दर्जा देने की मांग को लेकर विनोद धाम,धनबाद से राजभवन,रांची तक पदयात्रा करने,आगामी 8 अगस्त को झारखण्ड आंदोलन के महानायक शहीद निर्मल महतो के शहादत दिवस तथा 9 अगस्त को विश्व आदिवासी दिवस पूरे राज्य में प्रखण्ड स्तरीय पर मनाने,समाज के सभी संगठनों को संयुक्त रुप से बैठक करने एवं समाज का एक ही झंडा निर्धारित करने का निर्णय लिया.

बैठक को सम्बोधित करते हुए मोर्चा के केंद्रीय अध्यक्ष शीतल ओहदार ने कहा कि अब कुरमी समाज आर-पार की लड़ाई लड़ेगी. क्योंकि झारखण्ड राज्य को अलग करने में कुरमियों ने सबसे अधिक बलिदान दिया है और आज झारखण्ड में मुक्ति मोर्चा की सरकार है जिसका निर्माण ही बिनोद बिहारी महतो, निर्मल महतो जैसे कुरमी नेताओं ने किया था इसलिए राज्य सरकार बिनोद बिहारी महतो को झारखण्ड पितामह का दर्जा देकर उचित सम्मान देने का कार्य करे. 

उन्होंने कहा कि झारखण्ड के कुरमी महतो  जनजाति है और साफ तौर पर गणचिन्ह टोटेमवादी हैं, जिनकी भाषा संस्कृति, सांस्कृतिक, सभ्यता, अस्मिता और सामाजिक आधार पर बिहार और उतर प्रदेश के कुर्मि जाति से भिन्न है, ब्रिटिश सरकार के विभिन्न और माननीय उच्च न्यायालय पटना के कई  निर्णयों से स्पष्ट है.

उलेखनीय है की 1913 मे भारत सरकार ने एक अधिसूचना जारी की थी, जिसकी संख्या 550 दिनांक 2 मई 1913 है. अधिसूचना गजट ऑफ इंडिया के पेज नंबर 471 में प्रकाशित हुआ था. इस अधिसूचना में बिहार एवं उड़ीसा प्रदेश में निवास करने वाले मुंडा उरांव संथाल हो भूमि खड़िया घाँसी, गोंड कांध, कोरवा, माल सोरिया और पान के साथ-साथ कुरमी महतो को भी जनजाति माना है. इन सभी 13 जनजातियों को भारतीय उत्तराधिकार कानून 1865 एवं 1925 के प्रावधानों से मुक्त रखा गया है.

भारत सरकार ( गृह मंत्रालय ) के झारखंड मामलों से संबंधित समिति की रिपोर्ट (मई 1990) के  पृष्ठ संख्या 18, शीर्षक क्षेत्रीय आयाम में कुरमी महतो को गैर सरकारी आदिवासी कहा गया है. गैर सरकारी आदिवासी का अर्थ होता तो यह हुआ की कुरमी महतो आदिवासी है, लेकिन तत्काल अनुसूचित जनजाति की सूची में शामिल नहीं रहने के कारण गैर सरकारी आदिवासी कहा गया है.

पटना हाईकोर्ट के कई फैसलों में भी कुरमी महतो को जनजाति माना है, जिनके संपत्ति  संबंधित अपने पारंपारिक प्रथागत नियम है, झारखंड आंदोलन में कुरमी समाज के बलिदान जगजाहिर है.

शीतल ओहदार ने कहा कि आज इतना त्याग और बलिदान के बाद झारखंड में कुरमी/कुड़मी महतो समाज का अस्तित्व ही खतरे में है. एक साजिश के तहत कुरमी का जमीन हड़पने के उद्देश्य से एसटी की मे शामिल नही किया गया. कुरमी महतो गांवों को उजाड़ कर डेम, खान, उद्योग, शहरीकरण एवं विभिन्न परियोजनाओं में अधिग्रहण किया गया. जिसमें जमशेदपुर, आदित्यपुर औद्योगिक क्षेत्र, बोकारो, हजारीबाग,रामगढ़, धनबाद गिरिडीह एवं संथाल परगना के कोयलांचल क्षेत्र, बोकारो स्टील सिटी, स्वर्णरेखा परियोजना, मैथन डैम, पंचेत डैम, माराफरी डैम, गेतलसुद डैम, पतरातू जल विद्युत परियोजना,तेनुघाट डैम, चांडील डैम, सीतारामपुर डैम इत्यादि है भूमि का  अधिकरण होने से विस्थापित हो होते गए उनकी आजीविका जहां खेती से चलती थी वह भी छीन ली गई.

बैठक में मुख्य रूप से मोर्चा के केंद्रीय प्रधान महासचिव रामपोदो महतो, कुडमी सेना झारखंड के अध्यक्ष लालटु महतो, कुडमी सेना उड़ीसा के अध्यक्ष जयमुनी मोहंता,केंद्रीय कार्यकारी अध्यक्ष रचिया महतो,केंद्रीय मीडिया प्रभारी ओम प्रकाश महतो, केंद्रीय कोषाध्यक्ष सखीचंद महतो, महिला मोर्चा के केंद्रीय अध्यक्ष सुषमा देवी, महिला केंद्रीय सचिव बनीता देवी, महिला केंद्रीय कोषाध्यक्ष देवंती देवी, युवा मोर्चा के केंद्रीय अध्यक्ष थानेश्वर महतो, केंद्रीय प्रवक्ता क्षेत्रमोहन महतो, केंद्रीय महासचिव मुरलीधर महतो, केंद्रीय महासचिव सपन कुमार महतो, केंद्रीय महासचिव मोहन महतो, केंद्रीय महासचिव कपिल देव महतो, दानी महतो, केंद्रीय उपाध्यक्ष रूपलाल महतो केंद्रीय सचिव सुनील महतो महिला केंद्रीय सचिव सरस्वती देवी, केंद्रीय उपाध्यक्ष परमेश्वर महतो, केंद्रीय उपाध्यक्ष जय राम महतो मुख्य प्रवक्ता दीपक महतो श्रीनाथ महतो ,श्रीपति महतो जगरनाथ महतो,मालेश्वर महतो, भुनेश्वर महतो, चंदन महतो, तुलसी महतो, निरंजन महतो, शिशुपाल महतो, रामचंद्र महतो, राजू कुमार महतो ,अजय महतो, हेमलाल महतो, नरेश कुमार महतो, उत्तम महतो, किशोर महतो, मिथिलेश महतो, दिलीप महतो,रूपेश महथा, फूलमती देवी, रामेश्वर चौधरी आदि लोग उपस्थित थे.

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