कोटा में फंसे झारखंड के स्टूडेंट्स बोले- जेल से भी बदतर हो गई है जिंदगी, सीएम सर वापस बुलवा लीजिए

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Ranchi: राजस्थान कोटा नोएडा दिल्ली मुंबई साउथ इंडिया समेत कई जगहों पर झारखंड के स्टूडेंट फंसे हुए हैं और वापस आना चाहते हैं. वह हर माध्यम से यहां की हेमंत सरकार मदद की गुहार भी कर रहे हैं.

झारखंड के विद्यार्थियों का जो कोटा में पिछले 1 महीने से फँसे है. वे यहां कई तरह की परेशानियों का भी सामना कर रहे है. झारखंड सरकार को बार बार ध्यान केंद्रित कराने के बावजूद उनपर ध्यान नही दिया जा रहा.

झारखंड के बाहर फंसे बच्चे ट्विटर फेसबुक के माध्यम से अपनी परेशानियों को बता रहे है, लेकिन उन्हें नजरअंदाज किया जारहा है.

अभाविप ने छात्रों की समस्या को देखते हुए कुछ दिन पहले सरकार से अर्जी मांगी. वहाँ फँसे बच्चो को वापस लाने के लिए सोशल डिस्टनसिंग को फ़ॉलो करते हुए उनके घर वापस लाने की मांग की. और अब इन स्टून्डेंट्स ने अब अभाविप झारखण्ड पेज पर लाइव बच्चो ने पीड़ा को जाहिर किया है.

राज दीपक जो आईटी इंजीनियरिंग की तैयारी कर रहे हैं, उन्होंने बताया कि सभी जरूरत के समान को ऊँचे दामों में बेचा जा रहा है. एक सामान्य बच्चे के लिए खरीदना मुमकिन नही है.

कैंटीन में भी नास्ता को ऊँचे दामों में दिया जा रहा जिसके कारण बच्चों को ठीक से खाना भी नसीब नही हो रहा.

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यहाँ तक कि सोशल डिस्टनसिंग की भी धज्जियाँ उड़ाई जारही है. सही से भोजन नहीं करने के कारण इम्यूनिटी सिस्टम भी इतना कम हो गया है कि पढ़ाई में मन नहीं लग रहा है. घर की याद आती है. पहले रोज 10 घंटे से ज्यादा पढ़ाई करते थे अब 1 घंटे भी नहीं पढ़ पा रहे हैं.

जब दूसरे स्टेट के बच्चे को जाते देखता हूं तो बुरा लगता है कि हम क्यों नहीं जा पा रहे, हमारे सीएम के पास क्या कमी है कि वह ऐसा नहीं कर पा रहे हैं. यहां पर अब रात को इलेक्ट्रिसिटी की भी समस्या हो रही है मकान मालिक कूलर एसी नहीं चालू करते. मकान मालिक कहते हैं कि अपने घर चले जाओ, तुम्हें कुछ हो जाएगा तो इसके जिम्मेदार हम नहीं होंगे.

उनके बाद मेडिकल स्टूडेंट सागर कुमार ने बताया कि यहाँ वो पढ़ने के लिए आए है लेकिन पढ़ाई तो हो नहीं रही लेकिन बच्चे डिप्रेशन में जारहे है. वो लोग होस्टल फी को लेकर चिंतित है.

उन्होंने आगे बताया कि कोटा स्टूडेंट्स का हब है अगर एक भी स्टूडेंट संक्रमित होता है तो पूरा कोटा संक्रमित होजाएगा. पढ़ाई नहीं हो पाने के कारण डिप्रेशन बढ़ रहा है मेंटली, फिजिकली, इमोशनली सभी तरीके से बीमार हो रहे हैं.

मैं अपने राज्य के मुख्यमंत्री से हाथ जोड़कर विनती करता हूं कि कृपया घर बुला ले. हम बहुत बुरे दौर से गुजर रहे हैं.

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उनके बाद निधि ने बताया कि घर पर घर वाले परेशान है और यहाँ बच्चे परेशान है. बहुत सारी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है लेकिन झारखंड सरकार हमें नजरअंदाज कर रही है.

लोगों को लगता है कि अमीर घर के बच्चे केवल कोटा में पढ़ने आते है लेकिन लोगों को कौन बताये की यहाँ पढ़ाने के लिए पिता की कितनी जमीन और माँ के कितने गहने दाव पर लगे होते है. आज की परिस्थिति में यहां पर बिस्किट और मैगी खा कर के समय गुजार रहे हैं, कभी-कभी ऐसा होता है कि रात भूखे सोना पड़ता है रोज सुबह कुछ अच्छी समाचार की उम्मीद रहती है.

घर से दूर आए थे कुछ सपने बुनने के लिए, मगर अब घर जाना ही सपना बन गया है. मैं अपने राज्य के सीएम से हाथ जोड़कर विनती करती हूं कि हमें घर पहुंचाएं, कब तक दूर रहे अपने परिवार से.

वहीं से अंकित बताते हैं कि अधिकतर बच्चे नाबालिग है जिन्हें पढ़ाई के अलावा किसी भी जिम्मेदारियों का सामना कभी करना नही पडा लेकिन आज स्थिति इतनी दयनीय है कि उन्हें घर वालों द्वारा फ़ोन के माध्यम से चावल बनाना सीख रहे तथा वीडियो कॉल से चोखा बनाना सीख रहे है, मांड- भात खा रहे हैं. इसके बाद उन्होंने बताया कि हमलोग कैदियो से भी बदतर जिंदगी जीने को मजबूर है. कैदियो को कम से कम 3 वक्त का खाना तो नसीब हो जाता पर वहाँ हमें एक वक्त के भोजन के लिए भी सोचना पड़ रहा है.

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कोई देखने वाला नहीं अकेले रूम में रहते हैं डर लगता है कि कुछ हो जाएगा तो क्या होगा. जब दूसरे राज्य को बच्चों को जाते देखते हैं तो रोना आता है. किताबे खोलने पर ध्यान भटक जाता है और डर लगने लगता है.

सभी बच्चों ने अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद को अपनी आवाज रखने के लिए धन्यवाद दिया तथा मानसिक रूप से बल प्रदान करने के लिए भी धन्यवाद कहा. सभी बच्चो के अभिभावकों ने भी अभाविप को तहे दिल से धन्यवाद कहा और मदद की गुजारिश की है.

इस दौरान प्रान्त अध्यक्ष प्रो नाथू गाड़ी, संगठन मंत्री श्री याज्ञवल्क्य शुक्ला, प्रदेश मंत्री राजीव रंजन देव पांडेय, सोशल मीडिया के all india co-convenor दीपेश कुमार,राष्ट्रीय मंत्री विनीता कुमारी,विशाल सिंह,सह मंत्री नवलेश कुमार,मोनु शुक्ला,मनोज सोरेन,बपन घोष,NEC सदस्य विनीत पांडेय,संजय मेहता,प्रदेश पदाधिकारी गण, विभाग संयोजक, जिला संयोजक, शिक्षक कार्यकर्ता सहित अन्य कार्यकर्ता गण लाइव उपस्थित थे.

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