सोशल मीडिया दिवस पर ’थोड़ा और’ मुखर हो जाएं, Koo App के #ExtraSocial अभियान का जश्न मनाएं

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सोशल मीडिया दिवस पर ’थोड़ा और’ मुखर हो जाएं, Koo App के #ExtraSocial अभियान का जश्न मनाएं

यह अभियान भारतीय कैसे अपने जीवन में ‘एक्स्ट्रा’ पाने के लिए तरसते हैं, बताने के साथ और यूजर्स को ‘एक्स्ट्रा एक्सप्रेसिव’ बनने के लिए प्रोत्साहित करता है

30 जून 2022: विश्व सोशल मीडिया दिवस की महत्ता का जश्न मनाते हुए भारत के सबसे पसंदीदा सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स में से एक कू ऐप (Koo App) ने एक्स्ट्रा सोशल (#ExtraSocial) नामक एक रोमांचक अभियान लॉन्च किया है। यह अभियान भारतीयों में हर चीज के लिए कुछ ‘एक्स्ट्रा’ यानी ‘थोड़ा और’ पाने की इच्छा और प्यार को उजागर करता है। एक बेहतरीन वीडियो के जरिये यह अभियान लोगों को जिंदगी में मजा पाने वाले सभी ‘थोड़ा और’ पलों को संजोने के लिए प्रेरित करता है और रीयल टाइम में 10 भाषाओं में कू (Koo) करके उस ‘एक्स्ट्रा’ को हासिल करने के लिए कहता है। 

रोजमर्रा की जिंदगी और बातचीत को दिखाते हुए यह  हर उस दिलचस्प ‘एक्स्ट्रा’ वाले मौके को जीवंत करता है जिसका भारतीय आनंद लेते हैं- जैसे वो थोड़ा और वाला नाटक जिसमें माताओं को शामिल किया जाता है, एक फिल्म में थोड़े ज्यादा घूंसे, किसी दिन थोड़ी ज्यादा नींद और यहां तक कि एक गोल गप्पे खाते समय भैय्या.. एक मीठा गोल गप्पा तो और दे देना! जिंदगी में आने वाले ऐसे सभी एक्स्ट्रा पलों की तरह, यह अभियान यूजर्स को अपनी स्थानीय भाषाओं में अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का अनुभव करके #ExtraSocial हासिल करने के लिए प्रोत्साहित करता है।

कविताओं, आध्यात्मिकता, संगीत या व्यंजनों वाली पोस्ट डालकर खुद को अभिव्यक्त करने वाले इस मंच पर मौजूद क्रिएटर्स को पेश करते हुए यह अभियान पूरे भारत के साथ जुड़ाव को प्रोत्साहित करता है। यह कू ऐप पर यूजर्स को भाषाई मुश्किलों को दूर करने, विभिन्न राज्यों और संस्कृतियों के लोगों के साथ बातचीत करके भारत को बेहतर तरीके से जानने के लिए प्रेरित करता है और एक गहरा सामाजिक जुड़ाव बनाता है।

#ExtraSocial अभियान इस संदेश के इर्द-गिर्द तैयार किया गया है- अब कू के साथ, रहेगा इंडिया हमेशा एक्स्ट्रा सोशल। यह पंक्ति इस स्वदेशी मंच की सभी को एक साथ जोड़ने वाली प्रकृति को उजागर करती है, जो हर इंटरनेट यूजर को अपनी पसंद की भाषा में और पसंद के विषय पर व्यक्त करने की स्वतंत्रता देते हुए सोशल मीडिया का भरपूर अनुभव पाने का अधिकार देता है और ऐसा मौका अक्सर जिंदगी में पहली बार मिलता है।

इस अभियान के पीछे के विचार को स्पष्ट करते हुए कू ऐप के प्रवक्ता ने कहा, “कू ऐप भाषाई प्राथमिकता वाले सोशल मीडिया की दुनिया में एक अनोखी पहल है। इसने लाखों गैर-अंग्रेजी बोलने वालों को अपनी मूल भाषा में स्वतंत्र रूप से अभिव्यक्त करने में सक्षम किया है, जिनमें पहली बार सोशल मीडिया से जुड़ने वाले यूजर्स भी शामिल हैं। इस सोशल मीडिया दिवस पर हम हर भारतीय को हमारे साथ जुड़ने के लिए आमंत्रित करते हैं और उन सभी एक्स्ट्रा चीजों को शेयर करके एक्स्ट्रा अभिव्यक्ति करने के लिए कहते हैं, जिनका वे अपनी जिंदगी में मजा लेते हैं। आइए #ExtraSocial हो जाएं।”

Koo के बारे में भी जाने और इसकी शुरुअत कब हुई।

Koo App की लॉन्चिंग मार्च 2020 में भारतीय भाषाओं के एक बहुभाषी, माइक्रो-ब्लॉगिंग प्लेटफॉर्म के रूप में की गई थी, ताकि भारतीयों को अपनी मातृभाषा में अभिव्यक्ति करने में सक्षम किया जा सके। कू ऐप ने भाषा-आधारित माइक्रो-ब्लॉगिंग में नया बदलाव किया है। Koo App फिलहाल हिंदी, मराठी, गुजराती, पंजाबी, कन्नड़, तमिल, तेलुगू, असमिया, बंगाली और अंग्रेजी समेत 10 भाषाओं में उपलब्ध है। Koo App भारतीयों को अपनी पसंद की भाषा में विचारों को साझा करने और स्वतंत्र रूप से अभिव्यक्ति के लिए सशक्त बनाकर उनकी आवाज को लोकतांत्रिक बनाता है। मंच की एक अद्भुत विशेषता अनुवाद की है जो मूल टेक्स्ट से जुड़े संदर्भ और भाव को बनाए रखते हुए यूजर्स को रीयल टाइम में कई भाषाओं में अनुवाद कर अपना संदेश भेजने में सक्षम बनाती है, जो यूजर्स की पहुंच को बढ़ाता है और प्लेटफ़ॉर्म पर सक्रियता तेज़ करता है। प्लेटफॉर्म 3 करोड़ डाउनलोड का मील का पत्थर छू चुका है और राजनीति, खेल, मीडिया, मनोरंजन, आध्यात्मिकता, कला और संस्कृति के 7,000 से ज्यादा प्रतिष्ठित व्यक्ति अपनी मूल भाषा में दर्शकों से जुड़ने के लिए सक्रिय रूप से मंच का लाभ उठाते हैं।

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