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झारखंड प्रतियोगी परीक्षा विधेयक 2023: जानें हेमंत सरकार के इस नये बिल में क्‍या है खास?

झारखंड प्रतियोगी परीक्षा विधेयक 2023: भर्ती परीक्षाओं पर सवाल उठाने वाले अभ्‍यर्थियों पर लगेगा 10 साल तक बैन

झारखंड प्रतियोगी परीक्षा विधेयक 2023: झारखंड में आये दिन कई छात्र संगठनों के द्वारा नौकरी और रोजगार के लिए आंदोलन किया जा रहा है. आंदोलित छात्र सरकारी नौकरियों में 1932 खतियान आधारितत स्‍थानीय नीति और नियोजन नीति की मांग कर रहे हैं. आंदोलन के दौरान ’60-40 नाय चलतो का नारा’ बुलंद किया जा रहा है.

पिछले दिनों छात्र समूहों द्वारा भर्ती परीक्षाओं के संचालन और विज्ञापनों पर सवाल उठाया जाता रहा है. इस बीच झारखंड की हेमंत सोरेन सरकार प्रतियोगिता में शामिल होने वाले परीक्षार्थियों के लिए एक ऐसी कानून लाने जा रही, जिसे सुनकर छात्रों को झटका लग सकता है.

झारखंड विधानसभा के मॉनसून सत्र के दौरान इससे जुड़ी विधेयक की कॉपी विधायकों को बांटी गयी, जिसको पढ़कर विधायकों ने कहा कि यह तो देशद्रोह, पोक्सो, एससी/एसटी अत्याचार निवारण कानून से भी ज्यादा ताकतवर और खतरनाक होगी. इस विधेयक की कॉपी में मामले दर्ज करने से लेकर गिरफ्तारियों तक में असीमित शक्तियां दी गयी है. हलांकि विधेयक का नाम झाऱखंड प्रतियोगी परीक्षा ( भर्ती में अनुचित साधनों की रोकथाम व निवारण के उपाय) विधेयक, 2023 है, जिसने आने के पहले ही विवादों से नाता जोड़ लिया है.

झारखंड सरकार ने प्रतियोगिता परीक्षाओं में चोरी करने और करानेवालों के लिए तीन साल से आजीवन कारावास तक की सजा का प्रावधान किया गया है. साथ ही एक करोड़ रुपये से दो करोड़ रुपये के दंड का प्रावधान किया गया है. चोरी करनेवाले परीक्षार्थियों को दी जानेवाली सजा का प्रभाव इतना अधिक होगा कि उनकी नौकरी करने की उम्र सीमा ही खत्म हो जायेगी. राज्य सरकार ने ‘झारखंड प्रतियोगी परीक्षा (भर्ती में अनुचित साधनों की रोकथाम व निवारण के उपाय) विधेयक 2023 तैयार किया है.

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कानून बनने के बाद यह विधेयक पूरे राज्य में लागू होगा. राज्य लोक सेवा आयोग,कर्मचारी चयन आयोग, भर्ती समितियों द्वारा आयोजित की जानेवाली परीक्षाओं, राज्य सरकार के लोक उपक्रमों द्वारा आयोजित परीक्षा के अलावा निगम और निकायों द्वारा आयोजित की जानेवाली परीक्षा पर यह लागू होगा. 

झारखंड प्रतियोगी परीक्षा विधेयक 2023 का उद्देश्य

झारखंड प्रतियोगी परीक्षा विधेयक 2023 को लाने के उद्देश्य के बारे में सरकार की ओर से कहा गया है कि राज्य में हाल के वर्षों में प्रतियोगिता परीक्षा में प्रश्न पत्र के प्रकटीकरण की घटनाओँ ने समाज तथा भर्ती के लिए प्रतियोगिता परीक्षा की तैयारी में लगे छात्रों की चेतना को बुरी तरह प्रभावित किया है. इन घटनाओँ को रोकने के लिए कठोर दंड अधिरोपित किये जाने के लिए कानूनी प्रावधान किये जाने की जरूरत है. इस उद्देश्य को पूरा करने के लिए यह विधेयक लाया जा रहा है.

परीक्षार्थियों या किसी व्यक्ति पर हो सकता है FIR

परीक्षा कक्ष में या उसके बाहर कार्य में तैनात पर्यवेक्षीय कर्मचारियों को या उनके किसी मित्र को या उनके किसी रिश्तेदार को चोट पहुंचाने ( मौखिक या लिखित शब्द या संकेतों या प्रस्तुतियों द्वारा) धमकी देना या अन्यथा पर्यवेक्षीय कर्मचारियों या परीक्षा हॉल में या उसके बाहर कार्य ( ड्यूटी) में तैनात किसी भी व्यक्ति को किसी भी प्रकार की रियायत या  सहमति दिखाने कि लिए प्रेरित करने पर.

10 साल तक प्रतियोगी परीक्षा देने पर लग सकता है बैन

कोई परीक्षार्थी जिसे इस अधिनियम के उपबंधों के अधीन किसी अपराध के लिए अभियोजित किया जाता है तो ऐसे अभियोजन पर परीक्षार्थी को आरोप-पत्र दाखिल होने की तिथि से दो या पांच वर्ष की कालावधि तथा दोष सिद्ध हो जाने पर 10 वर्ष की कालावधि के लिए परीक्षा प्राधिकरण द्वारा आयोजित किये जाने वाले समस्त प्रतियोगी परीक्षाओँ में प्रतिबंधित किया जायेगा.

ताला तोड़कर कहीं भी ली जा सकती है तलाशी

जिला मजिस्ट्रेट या इस नियम के अधीन कार्य करने वाले किसी भी अधिकारी को किसी भवन, स्थान, जलयान, वायुयान या यान में जहां उन्हें संदेह होगा वो प्रवेश और तलाशी ले सकते है. किसी दरवाजे, बॉक्स, लॉकर, सेफ, आलमारी या गोदाम का जहां चाबियां उपलब्ध नहीं होगी. इन शक्तियों का प्रयोग करते हुए ताला तोड़ सकते हैं.

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जांच या अनुमोदन के बिना किसी भी हो सकती है गिरफ्तारी

इस कानून में यह प्रावधान लाया जा रहा है कि किसी भी ऐसे व्यक्ति के विरूद्ध प्रथम सूचना रिपोर्ट (FIR) दर्ज करने के लिए किसी प्रारंभिक जांच की आवश्यकता नहीं होगी. यदि आवश्यकता हो तो किसी भी व्यक्ति की गिरफ्तारी से पूर्व अन्वेषक अधिकारी को किसी अनुमोदन की आवश्यकता नहीं होगी, जिसके विरूद्ध इस अधिनिमय के तहत FIR दर्ज होगी.

झारखंड प्रतियोगी परीक्षा विधेयक 2023 का भाजपा करेगा विरोध

झारखंड की हेमंत सोरेन सरकार झारखंड प्रतियोगी परीक्षा विधेयक 2023 लाने जा रही है. एक अगस्‍त को बीजेपी विधायक अमित मंडल ने झारखंड विधानसभा के मॉनसून सत्र के दौरान मीडिया से बात करते हुए बताया कि झाऱखंड प्रतियोगी परीक्षा ( भर्ती में अनुचित साधनों की रोकथाम व निवारण के उपाय) विधेयक, 2023  सरकार लाने जा रही है.

अमित मंडल ने कहा कि नये विधेयक में परीक्षा के कदाचार को रोकने के लिए सख्त कानून बनाने का प्रावधान शामिल है, लेकिन कानून को देखकर ऐसा लगता है कि यह छात्र परीक्षार्थी के हित में नहीं बल्कि उनकी आवाज दबाने के लिए है. यदि झारखंड प्रतियोगी परीक्षा विधेयक 2023 लागू हो जाये, तो कोई भी परीक्षार्थी सरकार के खिलाफ कोई आवाज नहीं उठायेगा. राज्य में युवा स्थानीय नीती, नियोजन नीति और नौकरियों की मांग कर रहे और सरकार ऐसे विधेयकों के जरिये उन्हें चुप कराने की कोशिश कर रही है.

पिछले 10 सालों से रांची में डिजिटल मीडिया से जुड़ाव रहा है. Website Designing, Content Writing, SEO और Social Media Marketing के बदलते नए तकनीकों में दिलचस्‍पी है.

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