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Kedarnath Dham: खुले भगवान केदारनाथ धाम के कपाट, जानें खास बातें

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RudraPrayag: शीतकाल प्रवास के बाद आज शुभ लग्न और ब्रह्मबेला में सुबह ठीक 5 बजकर 35 मिनट पर आम भक्तों के लिए भगवान केदारनाथ (Kedarnath Dham) के कपाट खोल दिये गये हैं. आज करीब 5000 से ज्यादा भक्तगण केदारनाथ के दर्शन करेंगे.

बाबा केदार की उत्सव डोली को मुख्य पुजारी केदार लिंग द्वारा भोग लगाने के साथ ही नित पूजाएं की गयी. उसके बाद केदारनाथ रावल भीमाशंकर लिंग, वेदपाठियों, पुजारियों, हक्क हकूकधारियों की मौजूदगी में मंदिर के कपाट खोलकर डोली को अंदर प्रवेश कराया गया, जिसके बाद मंदिर के अंदर पूजा अर्चना की गई और उसके मुख्य कपाट भक्तों के दर्शनाथ खोल दिये गये.

केदारनाथ धाम की कुछ खास बातें

  • 8ठवीं शताब्दी का भगवान शिव का यह मंदिर समुद्र तल से 3,581 मीटर की उंचाई पर स्थित है.
  • यह मंदिर हिमपात के कारण हर साल अक्टूबर-नवंबर में बंद हो जाता है और अप्रैल-मई में दोबारा खोला जाता है.
  • मंदाकिनी नदी के शीर्ष पर शोभायमान गढ़वाल हिमालय के बीच यह मंदिर स्थित है.
  • देश के 12 ज्योतिर्लिंगों में शामिल केदारनाथ धाम की प्रसिद्धि 5वें ज्योतिर्लिंग के रूप में है.
  • यहां के शिवलिंग को स्वयंभू माना जाता है. पत्‍थरों से बने कत्यूरी शैली से बने इस मन्दिर के बारे में कहा जाता है कि इसका निर्माण पाण्डव वंश के जनमेजय ने कराया था.
  • आदि शंकराचार्य ने इस मन्दिर का जीर्णोद्धार करवाया.
  • केदारनाथ के संबंध में लिखा है कि जो व्यक्ति केदारनाथ के दर्शन किये बिना बद्रीनाथ की यात्रा करता है, उसकी यात्रा निष्फल जाती है.
  • केदारनाथ सहित नर-नारायण-मूर्ति के दर्शन का फल समस्त पापों के नाश पूर्वक जीवन मुक्ति की प्राप्ति बतलाया गया है.
  • इस मन्दिर की आयु के बारे में कोई ऐतिहासिक प्रमाण नहीं है, पर एक हजार वर्षों से केदारनाथ एक महत्वपूर्ण तीर्थस्थल रहा है.

 

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