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महागठबंधन की इस तस्वीर में कोई JVM नेता क्यों नहीं, कुछ तो गड़बड़ है

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Adani से Godda में हम लड़ें,मंजूर नहीं चुनाव कोई और लड़े

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New Delhi: दिल्ली में कांग्रेस और झारखंड मुक्ति मोर्चा के बीच गठबंधन को लेकर तय फार्मूले के बीच झारखंड विकास मोर्चा के केंद्रीय अध्यक्ष ने दो टूक कह दिया है कि गोड्डा सीट उन्हें चाहिए होगी.

मरांडी ने कहा कि वे लुकाछिपी नहीं करते, खुले तौर पर सब बातें करते हैं. अगर बात नहीं बनी, तो हमारी जितनी क्षमता है वह बीजेपी के खिलाफ लगाएंगे.

बाबूलाल मरांडी का कहना है कि गोड्डा में अडानी समूह से हम लड़ें. बीजेपी और उसकी सरकार से हम लड़ें. जमीन के सवाल पर प्रदीप यादव जी पांच महीने तक जेल में रहें और गोड्डा का चुनाव नहीं लड़ें, यह कैसे होगा.

गोड्डा की सीट बहुत महत्व रखताी है. और जमीन की सुरक्षा के सवाल पर प्रदीप यादव ने वहां लंबी लड़ाई लड़ी है. मरांडी ने कहा है कि गोड्डा में अगर बीजेपी की जीत होगी, तो इसका मतलब होगी वहां नरेंद्र मोदी की जीत हुई है.

उन्होंने कहा कि विपक्षी दलों को इन बातों का ध्यान रखना होगा कि किस क्षेत्र में कौन कितना मजबूत है और कितना काम किया है इसे देखना होगा. इसी आधार पर जेवीएम ने कोडरमा, चतरा और गोड्डा की दावेदारी की है.

इसके साथ ही मरांडी ने चुनौती दी है कि कांग्रेस, जेएमएम गोड्डा का सर्वे करा ले, अगर हमारा दावा गलत है, तो हम पीछे हट जाएंगे. अगर कांग्रेस को लगता है कि मुसलमान को लड़ाना ही जरूरी है, तो कांग्रेस कोडरमा में आजमाए. कोडरमा में अल्पसंख्यकों का वोट भी गोड्डा से अधिक है. और नहीं तो फुरकान अंसारी साहब को साल 2020 में राजयसभा भेजा जा सकता है. उन्हें फुरकान साहब से कोई बैर नहीं है. बस गोड्डा सीट चाहिए, तो चाहिए.

मरांडी ने यह भी कहा है कि कांग्रेस कोडरमा लड़े, वे खुद अपनी दावेदारी छोड़ देंगे. गौरतलब है कि बाबूलाल कोडरमा सीट से चुनाव लड़ने की तैयारी में हैं और विपक्षी दलों को भी उनके नाम पर एतराज नहीं है.

हेमंत ने दी जानकारी

गुरुवार को दिन में कांग्रेस के झारखंड प्रभारी आरपीएन सिंह और जेएमएम के कार्यकारी अध्यक्ष हेमंत सोरेन ने यह जानकारी दी थी कि झारखंड में चुनाव लड़ने के लिए महागठबंधन का खाका तय कर लिया गया है.

इसमें कांग्रेस, जेएमएम के अलावा जेवीएम और आरजेडी शामिल रहेंगे. इसके साथ ही कांग्रेस प्रभारी और हेमंत सोरेन ने यह भी कहा था कि लोकसभा चुनाव में कांग्रेस सबसे अधिक सीट पर कांग्रेस लड़ेगी. जबकि विधानसभा चुनाव में जेएमएम के नेता हेमंत सोरेन गठबंधन का नेतृत्व करेंगे.

हेमंत पर फैसला जल्दबाजी

इधर दिल्ली से कांग्रेस- जेएमएम की इस कवायद पर जेवीएम के केंद्रीय अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी ने रांची में मीडिया से बात कर अपनी और पार्टी की स्थिति स्पष्ट की है. बाबूलाल मरांडी ने कहा है कि कोई भी गठबंधन कामयाब तब होगा तब यह स्वार्थ से परे होकर बीजेपी को हराने की रणनीति बनेगी.

इस बीच बाबूलाल मरांडी ने विधानसभा में हेमंत सोरेन को विपक्ष का चेहरा बताने और सबसे अधिक सीटें देने पर कांग्रेस की मुहर को मानने से इनकार किया है. उन्होंने कहा है कि यह सब जल्दीबाजी का फैसला होगा. अभी लोकसभा चुनाव सामने है. और हमारा लक्ष्य बीजेपी को पीछे धकेलने का है.

एक सवाल के जवाब में मरांडी ने यह भी कहा कि जेवीएम की तीन सीटों पर दावेदारी कायम है. दिल्ली में कांग्रेस- जेएमएम के बीच क्या वार्ता और सहमति हुई है, इसकी उन्हें बहुत जानकारी नहीं. लेकिन बुधवार को उन्होंने फोन पर कांग्रेस प्रभारी से दो टूक कहा था कि गोड्डा से हम बैक नहीं हो सकते.

साभार: पब्लिक बोल

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