जेटेट के लिए नयी नियमावली: अब राज्‍य से ही मैट्रीक-इंटर जरूरी

by

Ranchi: जेटेट के लिए नयमावली में बड़ा बदलाव होने जा रहा है. अब इसके लिए झारखंड में इंटर-मैट्रीक पास अभ्‍यर्थी ही आवेदन कर सकेंगे. इस नये नियमावली को झारखंड सरकार के वित्‍त और विधि विभाग की मंजूरी मिल गई है. अभी यह कार्मिक विभाग में है. यहां से मंजूरी मिलने के बाद इसे कैबिनेट के सामने स्‍वीकृति के लिए रखा जाएगा.

उम्‍मीद की जा रही है कि साल 2022 के सितंबर महीने में जेटेट की परीक्षा होगी. नए नियमावली के मंजूरी के बाद इस परीक्षा में शामिल होने के लिए अभ्‍यर्थी का झारखंड से ही इंटर और मैट्रिक की परीक्षा पास करना अनिवार्य होगा. रिजर्व कोटे के अभ्‍यर्थियों को इसमें रियायत दी गई है. पहले दूसरे राज्‍यों के मैट्रिक-इंटर पास अभ्‍यर्थी भी जेटेट की परीक्षा देते थे.

जानकारी के अनुसार झारखंड शिक्षक पात्रता परीक्षा झारखंड एके‍डमिक काउंसिल द्वारा ली जाएगी. इसके पहले साल 2016 में जेटेट की परीक्षा हुई थी. पिछले पांच सालों में जेटेट की परीक्षा नहीं हुई है. जबकि हर साल जेटेट परीक्षा आयोजित करने का नियम है.

शिक्षक पात्रता परीक्षा आयोजित नहीं होने की वजह से पिछले पांच सालों में झारखंड में प्राथमिक शिक्षक प्रशिक्षण प्राप्‍त अभ्‍यर्थी शिक्षक नियुक्ति परीक्षा में शामिल नहीं हो पाये हैं. राज्‍य में पिछली नियमावली साल 2019 में बनायी गई थी. नियमावली बनने के बाद स्‍कूली शिखा साक्षरता विभाग ने परीक्षा लेने के लिए जैक को प्रस्‍ताव भेजा था. इसके बाद काउंसिल ने नियमावली के कुछ बिंदुओं पर विभाग से देशा-निर्देश मांगा था.  जिसके बाद नियमावली में संशोधन की प्रक्रिया शुरू हुई थी.

झारखंड सरकार द्वारा प्राथमिक और मध्‍य विद्यालयों में शिक्षकों  71 हजार पद सृजित किये जा रहे हैं. पात्रता परीक्षा लेने के बाद इन 71 हजार पदों पर शिक्षकों की नियुक्ति प्रक्रिया भी शुरू हो जाएगी.

जेटेट प्रमाण पत्र की मान्‍यता अब आजीवन होगी

झारखंड शिक्षक पात्रता परीक्षा नियमावली में किये गए बदलाव के अनुसार अब नए सर्टिफिकेट की मान्‍यता लाइफ टाइम होगी. इसके पहले जेटेट प्रमाण पत्र की मान्‍यता सात सालों के लिए तय होती थी. पिछले दिनों केद्र सरकार द्वारा नियमावली में बदलाव किया गया था. जिसके बाद राज्‍य सरकार ने भी प्रमाण पत्र की मान्‍यता अवधि में बदलाव किया है.

जेटेट पास मार्क्‍स में बदलाव

झारखंड शिक्षक पात्रता परीक्षा नियमावली में अभ्‍यर्थियों के पास मार्क्‍स में भी बदलाव किया गया है. संशोधित नियमावली के अनुसार अनुसूचित जाति, अनुसूचित जन जाति और दिव्‍यांग अभ्‍यर्थियों के लिए 50 फीसदी अंक लाना अनिवार्य है. अन्‍य वर्ग के अभ्‍यर्थियों के पास मार्क्‍स पहले की तरह लाना जरूरी होगा.

अंग्रेजी के बराबर अंक की होगी उर्दू की परीक्षा

शिक्षक पात्रता परीक्षा नियमावली 2019 में उर्दू शिक्षकों के लिए अंग्रेजी 30 और उर्दू के लिए 20 अंक की परीक्षा निर्धारित की गई थी. लेकिन अब अंक में बदलाव किया गया है. उर्दू और अंग्रेजी दोनों भाषा की परीक्षा अब 25-25 अंकों की होगी. इसके अलावा विज्ञान के विभिन्‍न विषयों के अंक निर्धारण में भी एकरूपता लाई गई है.

Leave a Reply

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.