जेएसएससी ने सरकारी नौकरी के छह परीक्षा और विज्ञापन रद्द किये, विरोध शुरू

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Ranchi: झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (Jssc) ने छह नियुक्ति परीक्षा और उसके विज्ञापन को रद्द कर दिया है. JSSC की ओर से इस बाबत सूचना जारी कर दी गई है. इसी के साथ पूरे सड़क से लेकर राजनीतिक गलियारों में हेमंत सोरेन सरकार के खिलाफ विरोध शुरू हो गया है. इसके लिखाफ भाजपा के प्रदेश अध्‍यक्ष दीपक प्रकाश ने एक प्रेस नोट जारी किया हे.

जेएसएससी ने किन परीक्षाओं और विज्ञापनो को रद्द किया है

JSSC की ओर से जिन नियुक्ति परीक्षा और विज्ञापन को रद्द किया गया है उनमें तीन विज्ञापन साल 2018 और तीन विज्ञापन साल 2019 के हैं. आयोग की ओर से अभी केवल रद्द किये जाने की सूचना दी गयी है. आगे इन सभी पदों पर नियुक्ति के लिए फिर से आवेदन मंगाये जायेंगे.

झारखंड कर्मचारी चयन आयोग की ओर से जारी नोटिस में कहा गया है कि इन नियुक्ति की ली गयी परीक्षाओं में अब तक नियुक्ति पत्र निर्गत नहीं किया गया है. ये सभी परीक्षाएं संसोधित नियमावली के दायरे में आती है.

ये नियुक्ति परीक्षाएं हुई रद्द

  • झारखंड राज्य अंतर्गत विभिन्न जेलों में वहां चालक कि भर्ती के लिए ली गयी प्रतियोगित परीक्षा 03/2018
  • झारखंड उत्पाद सिपाही प्रतियोगिता परीक्षा 04/2018
  •  स्पेशल ब्रांच आरक्षी(क्लोज कैडर) प्रतियोगिता परीक्षा 05/2018
  • झारखंड ए एन एम प्रतियोगिता परीक्षा (नियमित) 01/2019
  • झारखंड ए एन एम प्रतियोगिता परीक्षा (बैकलॉग) 02/2019
  •  झारखंड सामान्य योग्यताधारी स्नातक स्तरीय संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा 03/2019

यह कैसा नियुक्ति वर्ष नई नौकरी देने के बजाए छिनी जा रही

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवम सांसद दीपक प्रकाश  ने आज राज्य कर्मचारी चयन आयोग द्वारा 2018 एवम 2019 में प्रकाशित छः प्रतियोगिता के विज्ञापनों को रद्द किए जाने पर विरोध जताया है.

दीपक प्रकाश की ओर से जारी प्रेस नोट में कहा गया है कि राज्य सरकार ने पूरे तंत्र को मजाक बना दिया है. यह सरकार जन भावनाओं के साथ लगातार खिलवाड़ कर रही है. उन्होंने कहा कि यह कैसा नियुक्ति वर्ष जिसमे नई नौकरियों का पता नही परंतु पुरानी भी छीनी जा रही.

उन्‍होंने कहा कि यह सरकार राज्य के युवाओं को हतोत्साहित और निराश कर रही है. राज्य के लाखों बेरोजगार युवक युवतियां हेमंत सरकार के वादा खिलाफी के कारण आक्रोशित है.

चाहे सहायक पुलिसकर्मी हों या पारा शिक्षक हो,संविदाकर्मी हो, होमगार्ड के जवान हो, सभी सरकार के वादा खिलाफी पर आक्रोशित होकर सड़क पर आन्दोलनं कर रहे हैं.

उन्होंने कहा कि कल से कारा वाहन चालक, उत्पाद सिपाही, विशेष शाखा आरक्षी, एएनएम(नियमित,बैकलॉग), स्नातक स्तरीय संयुक्त परीक्षा के अभ्यर्थी भी आंदोलन में जुड़ जाएंगे, जिनकी नियुक्ति के विज्ञापन आज रद्द किए गए.

उन्होंने कहा कि इन बेरोजगार युवाओं का आखिर क्या दोष है? आखिर उन्हें इस प्रकार क्यों दंडित कर रही यह सरकार. उन्होंने राज्य सरकार को आगाह किया कि यह सरकार युवाओं की आह लेने से बचे. ये युवा झारखंड के भविष्य है. इनके भविष्य के साथ राज्य सरकार खिलवाड़ नही करे.

छात्रों का विरोध शुरू

छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो के नेतृत्व में झारखंड के छह विज्ञापन रद्द करने के विरोध में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का पुतला दहन रांची कॉलेज चौक (गुटका चौक) में किया गया.

मौके पर छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो ने कहा कि वर्तमान हेमंत सरकार नियुक्ति वर्ष के नाम पर नियुक्ति रद्द वर्ष मना रही है, छह विज्ञापन विशेष शाखा, उत्पाद सिपाही, कारा चालक, सचिवालय सी जी एल तथा ए एन एम को रद्द करके सरकार छात्रों के अधिकार का हनन कर दिया तथा छात्रों के सुनहरा भविष्य को बर्बाद कर दिया है, विज्ञापन रद्द करना छात्र विरोधी नीति है, पीड़ादायक नीति है.

छात्रों ने कहा कि सरकार विज्ञापन रद्द करना बंद करे और खतियान के आधार स्थानीय नीति लागू करके, ओबीसी को 27 प्रतिशत आरक्षण लागू करके तथा क्षेत्रीय और जनजाति भाषा अनिवार्य रूप से लागू करके तत्काल नियुक्ति निकाला जाय अन्यथा झारखंड छात्रों का बड़ा आंदोलन होगा.

नियुक्ति वर्ष नहीं नियुक्ति रद्द वर्ष

जेपीएससी अभ्‍यर्थी इमाम सफी ने कहा है कि झारखंड सरकार द्वारा पुरी तरह से झारखंडियो के लिए आरक्षित बहाली उत्पाद सिपाही, कारा चालक, विशेष शाखा,सी. जी. एल. को रद्द करना बहुत पीड़ित करने वाली खबर है. छात्रों की वर्षो की मेहनत को सरकार ने रद्द करके बहुत बड़ा विश्वासघात किया है.

उक्त विज्ञप्ति को वापस करना सरकार की झारखंड विरोधी काम है, क्योंकि सभी में सिर्फ झारखंड के युवाओं को नौकरी देने की प्रावधान था.

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