जेपीएससी में गड़बड़ी: पेपर वन का नंबर जोड़ा मेरिट लिस्ट में, कम अंक लाकर हो गए पास

Ranchi: झारखंड लोक सेवा आयोग जेपीएससी की छठी सिविल परीक्षा के परिणाम में भी कई तरह की गड़बड़ी सामने आई है. आयोग के फाइनल लिस्ट में कट ऑफ मार्क्स के बराबर नंबर लाने वाले को अयोग्य और कम नंबर लाने वाले को सफल घोषित किया गया है. इसके अलावा मेरिट लिस्ट के लिए पेपर वन का नंबर भी जोड़ा गया है. आयोग के विज्ञापन में इस बात का उल्लेख था कि पेपर वन से पेपर 6 तक की परीक्षा अनिवार्य होगी. पेपर वन नंबर का होगा. इसमें दो खंड होंगे प्रथम में हिंदी और दूसरे में अंग्रेजी की परीक्षा होगी. इसमें 50 नंबर हिंदी और 50 नंबर अंग्रेजी के लिए होंगे. 100 नंबर की इस परीक्षा में पास करना जरूरी होगा. पेपर वन में भी पास करने के लिए कम से कम 30 नंबर लाना होगा. पेपर वन के नंबर में मिलने वाला नंबर मेरिट लिस्ट को प्रभावित नहीं करेगा, पर फाइनल रिजल्ट के प्रकाशन में पूर्व निर्धारित इस शर्त का उल्लंघन किया गया है. आयोग द्वारा प्रकाशित फाइनल रिजल्ट में पेपर वन में मिलने नंबर को भी जोड़कर मेरिट लिस्ट बनाया गया. लिस्ट में कुछ परीक्षार्थियों को कट ऑफ मार्क से कम नंबर मिलने पर भी सफल घोषित किया गया. इसके अलावा कट ऑफ मार्क्स के बराबर अंक मिलने पर भी बिना कोई कारण बताए उसे फेल घोषित कर दिया गया है.

आरोपों की समीक्षा कर रहा है आयोग

जेपीएससी द्वारा छठी सिविल सेवा परीक्षा का फाइनल रिजल्ट जारी होने के बाद विवाद उत्पन्न होने और आरोपों की समीक्षा की जा रही है. जानकारी के अनुसार क्वालीफाइंग मार्क को भी जोड़कर रिजल्ट निकालें जाने का आयोग पर आरोप लगा है. गुरुवार को आयोग में इसे लेकर उच्च स्तरीय बैठक भी हुई. बैठक में आयोग पर लग रहे आरोपों व इस संबंध में अभ्यर्थियों द्वारा दिए जा रहे ग्रीवेंस आवेदन की समीक्षा करने का निर्णय लिया गया है.

कट ऑफ मार्क से कम नंबर के बाद भी सफल

आयोग द्वारा प्रकाशित फाइनल रिजल्ट में महेंद्र कुमार महतो को कट ऑफ मार्क से कम नंबर लाने पर भी सफल घोषित कर दिया गया है. उनका रोल नंबर 6801 7146 है. वह पिछड़ी जाति अनेक सरवन के सदस्य हैं. आयोग द्वारा प्रकाशित रिजल्ट के अनुसार उन्हें लिखित परीक्षा में 539 नंबर मिले हैं. इसमें पेपर वन में मिला 48 नंबर भी जोड़ा गया है. इंटरव्यू में उन्हें 54 नंबर मिले हैं. इस तरह श्री महतो को लिखित परीक्षा व इंटरव्यू मिलाकर कुल 593 नंबर मिले हैं. आयोग ने पिछड़ी जाति ऐनक सरवन के लिए कट ऑफ मार्क 594 निर्धारित किया है. इस तरह महेंद्र कुमार महतो को कट ऑफ मार्क से एक नंबर कम मिला है. फिर भी उन्हें वित्त सेवा के लिए चुन लिया गया है. हालांकि इसके लिए कोई कारण नहीं बताया गया है.

कट ऑफ मार्क्स के बराबर लाने पर भी फेल

चाय चाय रखो फैसल अर्थ सहित सामान्य जाति के परीक्षार्थी हैं. उनका रोल नंबर 68075 752 है. आयोग द्वारा प्रकाशित रिजल्ट के अनुसार मुख्य लिखित परीक्षा में उन्हें 545 नंबर मिले हैं. उन्हें paper-1 में 60 अंक मिला है मुख्य लिखित परीक्षा में मिले 545 नंबर में पेपर वन का नंबर 60 नंबर भी जुड़ा हुआ है. इंटरव्यू में उन्हें 55 नंबर मिला है. इस तरह आयोग द्वारा प्रकाशित फाइनल रिजल्ट में उन्हें लिखित और इंटरव्यू के नंबर को जोड़ कर कुल 600 नंबर दिया गया है. आयोग ने सामान्य जाति का कट ऑफ मार्क 600 निर्धारित किया है. इसके बावजूद फैसल को फेल घोषित कर दिया गया है हालांकि इसके लिए कोई कारण नहीं बताया गया है.

क्या कहते हैं गड़बड़ियों के खिलाफ आंदोलन करने वाले अभ्यर्थी

जेपीएससी के फाइनल रिजल्ट को भी रद्द करने की मांग एक बार फिर उठने लगी है. छात्र नेता मनोज यादव उमेश और अजय चौधरी ने कहा है कि आयोग द्वारा जारी रिजल्ट में मुख्य परीक्षा कक्षा पेपर विवादों में घिर गया है. प्रथम पेपर हिंदी व अंग्रेजी कुल 100 अंक का है. जिसमें क्वालीफाइंग 30 नंबर रखा गया है. इसका उल्लेख विज्ञापन में है, लेकिन आयोग ने अंतिम परिणाम में मेधा सूची में इसे भी जोड़ दिया है. इस प्रकार दूसरा पेपर भाषा व साहित्य का 150 है. अन्य चार पेपर सामान्य अध्ययन 200-200 अंक का है. छात्र नेताओं ने कहा है कि लापरवाही की हद यह है कि कट ऑफ मार्क 594 है, लेकिन एक अभ्यर्थी को 593 अंक मिले हैं. लेकिन वह भी चयनित सूची में शामिल है. आयोग द्वारा जारी कटऑफ मार्क्स में यू एन आर का 600 एबीसी का 594 बीसी का 621 एससी का 538 और एसटी का कट ऑफ मार्क 524 है. नेताओं ने मुख्यमंत्री से इस परीक्षा के रिजल्ट को रद्द करते हुए छठी सातवीं आठवीं और नवमी परीक्षा एक साथ लेने की मांग की है.

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