JPSC मुख्य परीक्षा की तैयारी पूरी, छात्रों का विरोध जारी

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Ranchi: झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) छठी की मुख्य परीक्षा को लेकर प्रशासनिक स्तर पर सभी तैयारियां पूरी कर ली गई है. 28 जनवरी को झारखंड की राजधानी रांची के 57 परीक्षा केंद्रों पर मुख्य परीक्षा ली जाएगी. परीक्षा के प्रारंभिक परिणाम दो बार संशोधित किया गया. इसमें 34 हजार से ज्यादा परीक्षार्थी को मुख्य परीक्षा के लिए योग्य माना गया है.

326 पदों पर भर्ती के लिए यह प्रक्रिया वर्ष 2015 से ही चल रही है.

इधर परीक्षा स्थगित किए जाने की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन कर रहे छात्र भी टस से मस होने को तैयार नहीं दिखते. देर शाम तक छात्र राजधानी स्थित लोक सेवा आयोग के दफ्तर के सामने जमे थे.

सड़कों पर कतार में खड़े होकर छात्र मोमबत्तियां जलाए हुए हैं. तथा राष्ट्रगीत गाकर विरोध कर रहे हैं.

प्रांरभिक परीक्षा में आरक्षण का प्रावधान लागू नहीं किए जाने, विज्ञापन के खिलाफ जाकर मुख्य परीक्षा के लिए 15 गुणा के बजाय 106 गुणा अभ्यर्थियों की सूची जारी करने समेत अन्य कई मांग को लेकर अभ्यर्थियों और छात्र प्रतिनिधि परीक्षा स्थगित करने के लिए आंदोलन की राह पर है.

आंदोलन कर रहे छात्रों का यह भी कहना है कि परीक्षा प्रक्रिया के बीच में ही नियमावली में परिवर्तन नहीं किया जा सकता है.

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इन मुद्दों को लेकर झारखंड विधानसभा के बजट सत्र में भी सत्ता- विपक्ष के विधायकों ने सवाल खड़े किए हैं. परीक्षा स्थगित करने को लेकर झारखंड हाइकोर्ट में भी एक याचिका डाली गई है.

इस बीच सरकार ने झारखंड लोक सेवा आयोग के सचिव को हटाकर प्रशासनिक अधिकारी रणेंद्र कुमार को नया सचिव बनाया गया है.

इस बीच रविवार को रांची के वरीय पुलिस अधीक्षक अनीष गुप्ता ने पुलिस अधिकारियों के साथ बैठक कर परीक्षा केंद्रों के बाहर और अंदर सुरक्षा मुकम्मल रखने का निर्देश दिया. उन्होंने मीडिया से बात करने हुए जानकारी दी है कि परीक्षा को बाधित करने या गड़बड़ी फैलाने की इजाजत नहीं दी जाएगी. और किसी किस्म का विरोध खड़ान करने पर सख्ता से निपटा जाएगा.

रजधानी के 57 परीक्षा केंद्रों के लिए 115 मैजिस्ट्रेट की प्रतिनियुक्ति की गई है. जबकि दस पुलिस उपाधीक्षकों के नेतृत्व में पुलिस के लगभग एक हजार जवान हालात पर नजर रखने के लिए तैनात रहेंगे.

दिन भर प्रदर्शन

इधर बड़ी तादाद में छात्रों ने रविवार को मानव श्रृखंला बनाकर परीक्षा का विरोध किया. रविवार को दोपहर में छात्र प्रतिनिधियों की आयोग के सचिव और परीक्षा नियंत्रक के साथ वार्ता भी हुई. उन्हें बताया गया कि शाम तक किसी फैसले से उन्हें अवगत कराया जाएगा.

कई छात्र प्रतिनिधियों ने अपने फेसबुक प्रोफाइल पर देर शाम तक जारी विरोध के तरीके से जुड़े वीडियो साझा करते हुए कहा है कि पारदर्शिता के बिना और नियमों के पालन किए बिना परीक्षा का आयोजन करना छात्रों की जिंदगी से खिलवाड़ जैसा है.

जबकि कई छात्र प्रतिनिधियों का आरोप है कि मुख्य परीक्षा की तारीख की जानकारी बिल्कुल अंतिम समय में दी गई है. उससे पहले संभावित तिथि की जानकारी दी गई थी. वैसे भी चार सालों से यह परीक्षा लटकी हुई है. लिहाजा अभ्यर्थी दूसरी परीक्षाओं की तैयारी में जुटे होते हैं.

विरोध- प्रदर्शन कर रहे छात्रों का यह भी आरोप है कि इस परीक्षा में भाग ले रहे लगभग डेढ़ दर्जन अभ्यर्थी ने आयोग में रहकर फॉर्म की स्क्रूटनी की है. इससे आयोग की कार्यप्रणाली और निष्पक्षता पर सवाल पर वे सवाल खड़े कर रहे हैं.

 

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