जेपीएससी सिविल परीक्षाओं के लिए नई नियमावली की मंजूरी, हेमंत सोरेन सरकार ने किया त्रुटियों को दूर करने का दावा

by

Ranchi: झारखंड की हेमंत सोरेन सरकार ने 6 जनवरी 2021 को दो बड़े प्रस्‍तावों को कैबिनेट की बैठक में मंजूरी दी. कैबिनेट द्वारा पास किया गया पहला प्रस्ताव राज्य के परीक्षार्थियों के लिए खुशखबरी लेकर आया है. इसमें जेपीएससी सिविल परीक्षाओं के लिए नई नियमावली की मंजूरी दी गई है. सरकार ने दावा किया है कि इस नए नियमावली में पूर्व की सभी त्रुटियों को दूर कर लिया गया है.

इसकी जानकारी देते हुए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने बताया कि कैबिनेट ने कंबाइंड सिविल सर्विसेज एग्जामिनेशन रूल 2021 को स्वीकृति दे दी है. उन्होंने बताया कि राज्य में अब नए रूल के हिसाब से परीक्षाएं होंगी. विकास आयुक्त वित्त सचिव और कार्मिक सचिव की बनी कमेटी की रिपोर्ट के आधार पर नियमावली बनी है. नए रूल के आधार पर सभी 15 सेवाओं के लिए होने वाली परीक्षा की शैक्षणिक योग्यता और उम्र सीमा एक समान रहेगी.

अब पीटी के आधार पर 15 गुना उम्मीदवारों का चयन मुख्य परीक्षा के लिए किया जाएगा. अनारक्षित श्रेणी के कट ऑफ मार्क्स से आरक्षित श्रेणी के उम्मीदवारों के लिए कट ऑफ मार्क्स अधिकतम 8 फीसदी ही कम होगा, इंटरव्यू के लिए कुल सीटों के ढाई गुना उम्मीदवारों को बुलाया जाएगा. मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि नौजवानों को रोजगार को लेकर जेपीएससी पर पूर्व में सवाल उठते रहे हैं.

Read Also  रोटरी रांची साउथ के नए अध्यक्ष बने रथीन भद्रा, देखें पूरी टीम मेंबर की लिस्‍ट

अब ऐसा ना हो इसलिए नई नियमावली बनाई गई है. 1951 के बाद पहली बार नई नियमावली बनी है. उन्होंने कहा कि नए सिरे से नई नियमावली के साथ जेपीएससी काम करेगा.

मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि डीवीसी एक तरफ बिजली कटौती कर रही है और आरबीआई राज्यों के खाते से सीधे पैसे काट रही है. वह पैसे वृद्धावस्था पेंशन छात्रवृत्ति आदिवासी कल्याण के थे. इसलिए पूर्व के दस्तावेज को निरस्त करने का फैसला लिया गया.

हेमंत सोरेन ने कहा कि नौजवानों के रोजगार को लेकर जेपीएससी पर पूर्व में सवाल उठते रहे हैं वह अब ऐसा ना हो इसलिए नया नियमावली बनाया गया है. 1951 के बाद पहली बार नई नियमावली बनी है, उन्होंने कहा कि नए सिरे से नई नियमावली के साथ जेपीएससी काम करेगा. मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि डीवीसी एक तरफ बिजली कटौती कर रही है और आरबीआई राज्यों के खाते से सीधे पैसे काट रही है. वह पैसे वृद्धावस्था पेंशन छात्रवृत्ति आदिवासी कल्याण के थे. इसलिए पूर्व के दस्तावेज को निरस्त करने का फैसला लिया गया है.

जेपीएससी सिविल परीक्षा और विवाद

राज्य बनने के बाद अगर किसी चीज को लेकर सबसे ज्यादा विवाद उत्पन्न हुआ है तो वह है झारखंड लोक सेवा आयोग. झारखंड बनने के 20 साल हो चुके हैं परंतु जेपीएससी और जेएसएससी जैसे विभागों की समस्याएं खत्म होने का नाम नहीं ले रही है अक्सर झारखंड लोक सेवा आयोग के द्वारा आयोजित की जाने वाली परीक्षा का परिमाण या तो नहीं आता था या फिर किसी कारणवश प्रत्येक परीक्षा न्यायालय की चौखट पर जाकर अटक जाती थी. लेकिन राज्य की हेमंत सोरेन सरकार इस समस्या का समाधान निकालने की कोशिश में लग गई है और इसी समस्या से निजात पाने के लिए नई नियमावली को मंजूरी दी गई है.

Read Also  रोटरी रांची साउथ के नए अध्यक्ष बने रथीन भद्रा, देखें पूरी टीम मेंबर की लिस्‍ट

राज्य सरकार के द्वारा पारित किए गए नए नियमावली के अनुसार अब परीक्षाएं ली नई नियमावली के तहत प्रत्येक साल ली जाएंगी. कुछ दिनों पूर्व विकास आयुक्त वित्त सचिव और कर्मिक सचिव की एक कमेटी बनाई गई थी जिन्हें जो जिम्मेदारी दी गई थी कि वह एक ऐसे नियमावली तैयार करें जिसमें आने वाले दिनों में आयोजित की जाने वाली परीक्षाओं में कोई भी बाधा उत्पन्न ना हो इसी रिपोर्ट के आधार पर कैबिनेट से नहीं नियमावली पारित की गई है.

पहली बार बनाई गयी जेपीएससी नियमावली:

झारखंड अलग होने के बाद 20 वर्ष गुजर चुके हैं लेकिन अब तक सिविल सेवा परीक्षाओं के लिए राज्य सरकार के द्वारा कोई भी नई नियमावली नहीं बनाई गई थी साल 1991 में बनी नियमावली के आधार पर ही अब तक परीक्षाएं ली जाती थी लेकिन हेमंत सरकार के द्वारा बनाई गई ने नियमावली के अनुसार अब प्रत्येक वर्ष परीक्षाएं आयोजित की जाएंगी इसके अलावे इस नियमावली के तहत कई और प्रदान किए गए हैं जो इस प्रकार हैं:-

  • राज्य सरकार के द्वारा यह फैसला लिया गया है कि अब सभी 15 सेवाओं के लिए आयोजित होने वाली परीक्षा की शैक्षणिक योग्यता और उम्र सीमा एक समान रहेगी.
  • वहीं, पीटी में पद से 15 गुना उम्मीदवारों का चयन मुख्य परीक्षा के लिए किया जायेगा.
  • अनारक्षित श्रेणी के कट ऑफ मार्क्स से आरक्षित श्रेणी के उम्मीदवारों के लिए कट ऑफ मार्क्स अधिकतम आठ फीसदी ही कम रहेगा.
  • सर्विस एलोकेशन (सेवा वितरण) के लिए फाइनल रिजल्ट के बाद मेरिट लिस्ट तैयार किया जायेगा और इसी लिस्ट के आधार पर सेवा वितरण किया जायेगा.
  • अनारक्षित वर्ग के कट ऑफ मार्क्स के बराबर या फिर ऊपर अगर आरक्षित वर्ग के उम्मीदवारों का अंक होगा तो वे अनारक्षित श्रेणी में आ जायेंगे. परंतु उनको आरक्षित श्रेणी में वापस आने का विकल्प रहेगा.
  • इंटरव्यू के लिए कुल सीटों के ढाई गुना उम्मीदवारों को ही बुलाया जायेगा.
  • भाषा के पेपर का मार्क्स नहीं जोड़ा जायेगा यह केवल क्वालिफाइंग मार्क्स होगा.
Read Also  रोटरी रांची साउथ के नए अध्यक्ष बने रथीन भद्रा, देखें पूरी टीम मेंबर की लिस्‍ट

Leave a Reply

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.