JNU के मेन गेट पर लिखा कम्‍यूनिस्‍टों भारत छोड़ो के नारे, हिन्‍दू रक्षा दल ने दी खुली चुनौती

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JNU के मेन गेट पर लिखा कम्‍यूनिस्‍टों भारत छोड़ो के नारे, हिन्‍दू रक्षा दल ने दी खुली
JNU के मेन गेट पर लिखा कम्‍यूनिस्‍टों भारत छोड़ो के नारे, हिन्‍दू रक्षा दल ने दी खुली

JNU News Today: JNU में जातिसूचक नारे लिखने का विवाद बढ़ता जा रहा है. इस पर बवाल खत्‍म होने का नाम नहीं ले रहा है. जवाहर लाल नेहरू यूनिवर्सिटी के स्‍कूल ऑफ इंटरनेशनल स्‍टडीज में मामला ठंढा होता दिख नहीं रहा है.

JNU के मुख्‍य दरवाजे पर कम्‍युनिस्‍टों भारत छोड़ो लिख दिया गया है. इसके बाद यूनिवर्सिटी प्रबंधन की मुश्किले बढ़ गई हैं. ये नारे मेन गेट के बोर्ड पर लिखी गई है. साथ ही यहां पर लिखा गया Communist= ISiSi. यह लिखने का मकसद ये कि कम्‍युनिस्‍टों की तुलना आतंकी संगठन से की गई है.

हिंदु रक्षा दल की प्रेसीडेंट पिंकी चौधरी ने कहा कि हम केवल और केवल सनातनी हिन्‍दूूहैं. हम लोगों में केवल चार वर्ण हैं. हर हिन्‍दू में चारो वर्ण हैं. इन्‍होंने हमें कहा कि भारत छोड़ो़, अब हम इनसे भारत छुड़वाएंगे.

पिंकी चौधरी का कहना है कि वे लिखने के बाद छिप गए हैं और हम लोग लिखने के बाद सामने खड़े हैं. अड़कर खड़े हैं. डटकर खड़े हैं. हम उन लोगों से पूछना चाहते हैं कि जिसकी हिम्मत है, वो हमारे पास आएं और बात करें. हिंदू रक्षा दल के कार्यकर्ताओं ने धमकी भी दी है. उन्होंने कहा कि हम लिखने वालों के बारे में पता कर रहे हैं.

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भारत विरोधी देश छोड़ेंगे

हिंदू रक्षा दल ने कहा- हमने सभी का सम्मान किया है, लेकिन सम्मान का गलत फायदा ना उठाया जाए. सम्मान का गलत फायदा उठाने का ही कारण है कि ये लोग दीवारों पर लिख रहे हैं. भारत ये छोड़ेंगे. भारत विरोधी गतिविधियां करने वाले लोग भारत छोड़ें. हित में अगर सबसे बड़ा ऋण है तो वो ब्राह्मण का है. वो ब्राह्मण, जो ज्ञानी है, विद्वान है. आज केवल जातियों में बांटने में काम किया जा रहा है. हर हिंदू ज्ञानी है. हर हिंदू ब्राह्मण है. ये बात सबको सोच लेना चाहिए. 

भारत विरोधी देश छोड़ेंगे

‘लेफ्ट के इशारे पर लिखे गए नारे’

जब सवाल किया गया कि दीवार पर लिखने का लेफ्ट संगठन भी विरोध कर रहा है. इस पर हिंदू रक्षा दल ने कहा कि इनके हाथी जैसे दांत हैं. खाने के कुछ और दिखाने के कुछ और हैं. इन्होंने खुद ही करवाया है ये. हमें पता लग जाए तो हम उसे छोड़ेंगे नहीं. उन्होंने देश के विरोध में काम किया है और हम देश के हित में काम करेंगे. अगर देशहित करना भी गलत है तो हम गलत ही करेंगे. हम लोगों ने पहले भी इनकी बुद्धि ठीक की थी. हम कानूनी कार्रवाई का सामना करने के लिए भी तैयार हैं. 

गुरुवार को लिखे गए थे नारे

बता दें कि गुरुवार को जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी (JNU) कैंपस की कई इमारतों को ब्राह्मण विरोधी नारों से रंग दिया गया था. इसकी तस्वीरें सोशल मीडिया पर तेजी से शेयर की जा रही हैं.

छात्रों ने दावा किया है कि स्कूल ऑफ इंटरनेशनल स्टडीज- II भवन की दीवारों को ब्राह्मण और बनिया समुदायों के खिलाफ नारों के साथ पेंट दिया गया था.

वाइस चांसलर ने जारी किया नोटिस 

यूनिवर्सिटी VC प्रो. शांतिश्री ने नोटिस जारी कर कहा है कि यूनिवर्सिटी ने इस मामले को गंभीरता से विचार में लिया है कि कैंपस की दीवारों और फैकल्‍टी रूम्‍स को अज्ञात तत्‍वों ने गलत नीयत से बिगाड़ा है. प्रशासन इस घटना की निंदा करता है और ऐसी घटनाओं को JNU में बर्दाश्‍त नहीं किया जाएगा क्‍यों यूनिवर्सिटी सबकी है.

स्‍कूल ऑफ इंटरनेशनल स्‍टडीज़ के डीन को मामले की तुरंत जांच करने का आदेश दिया गया है. JNU अपनी समावेशता के लिए जाना जाता है और घटनाओं के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जाएगी.

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