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नीति आयोग की रैंकिंग में झारखंड का पाकुड़ देश में सबसे पीछे

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Ranchi: झारखंड का पकुड़ आकांक्षी जिलों की दूसरी डेल्टा रैकिंग में सबसे पिछड़े यानि 111 वें रैंक पर है. तामिलनाड़ु के विरुधुनगर जिले को इस रैकिंग में सर्वोत्कृष्ट जिले के तौर पर शामिल किया गया है.

साल 2018 के जून से अक्तूबर महीने में बेहतर प्रर्दशन के आधार पर यह रैकिंग तैयार की गई है. इस रैकिंग में झारखंड का चतरा 109 वें तथा गिरिडीह 108 वें नंबर पर है.

जबकि साहिबगंज 104 तथा लातेहार 103 रैंक पर है. मतलब झारखंड के पांच जिलों में अभी काम बाकी हैं. हालांकि रांची और लोहरदगा ने गुणात्मक सुधार करते हुए क्रमशः दसवें और 18 वें रैंक पर जगह बनाई है.

मंगलवार को नीति आयोग के सीईओ अमिताभ कांत ने दिल्ली में डेल्टा रैकिंग जारी की. गौरतलब है कि रैकिंग में परिवारों के बीच कराये गये सर्वेक्षणों के सत्यापित आंकड़े पहली बार शामिल किए गए हैं.

पैमाने क्या हैं

इस रैंकिग के लिए एक जून 2018 से लेकर 31 अक्तूबर के बीच स्वास्थ्य एवं पोषण, शिक्षा, कृषि जल संसाधन, वित्तीय समावेश, कौशल विकास और मूल बुनियादी ढांचे से जुड़े छह विकास क्षेत्रों में इन जिलों द्वारा की गई प्रगति को मापा गया है. जून महीने के दौरान सभी आंकाक्षी जिलों में कराए गए सर्वेक्षण में एक लाख से भी अधिक परिवारों को कवर किया गया.

प्रेस इनफॉर्मेशन ब्यूरो (पीआइबी) के द्वारा जारी समाचार के मुताबिक नीति आयोग के सीईओ अमिताभ कांत ने दूसरी डेल्टा रैंकिंग जारी करते हुए कहा है- ‘हमने तीसरे पक्ष (थर्ड पार्टी) द्वारा सत्यापित आंकड़ों के उपयोग के जरिये आकांक्षी जिलों में गुणात्मरक विकास का पारदर्शी एवं वास्तयविक समय पर आकलन सुनिश्चित करने के लिए निरंतर प्रयास किए हैं. इससे साक्ष्य आधारित नीति निर्माण की बुनियाद या आधारों पर प्रतिस्पवर्धी एवं सहकारी संघवाद की भावना और ज्यानदा मजबूत होगी’.

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बेहतरीन प्रदर्शन करने वाले

इस रैकिंग में तामिलनाड़ु के विरुधुनगर, ओड़ीशा के नुआपाड़ा, कोरापुट, उत्तरप्रदेश के सिद्धार्थनगर, बिहार के औरंगाबाद को सबरे उपर यानि एक से पांच रैंक में शामिल किया गया है.

पांच पिछड़ते जिले

इस रैकिंग में जिन पांच पिछड़ते जिलों के नाम हैं उनमें झारखंड के तीन पाकुड़, चतरा, गिरिडीह के अलावा असम का हैलाकांडी तथा नागालैंड का किफायर शामिल है.

फास्ट मूवर्स जिले

जिन जिलों ने जून और अक्तूबर 2018 के बीच अपने- अपने अंकों में सुधार के लिए गुणात्मक छलांग लगाई है उन्हें फास्ट मूवर्स के तौर पर पहचान दी गई है. इन फास्ट मूवर्स जिलों में झारखंड से रांची, बिहार से जमुई, उत्तरप्रदेश से फतेहपुर और सिद्धार्थनगर के अलावा जम्मूकश्मीर से कुपवाड़ा जिला शामिल हैं.

झारखंड के 17 जिले

गौरतलब है कि आकांक्षी जिलों में झारखंड के 17 जिलों को शामिल किया गया है. इन जिलों में विकास की गति तेज करने तथा गुणात्मक सुधारों के लिए नीति आयोग ने कई बैठकें की है और अधिकारियों को निर्देश भी दिए हैं. सरकार अलग से जिलों को अपनी रैकिंग में सुधार के लिए जोर देती रही है. हाल ही में मुख्यमंत्री ने पाकुड़ समेत संतालपरगना के कई जिलों में चौपाल लगाकर विकास करोड़ों की योजनाओं का शिलान्यास उदघाटन भी किया है.

 

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