झारखंड: भूख से महिला की मौत! जांच की आड़ में लीपापोती की तैयारी

by

#RANCHI : झारखंड के गिरिडीह जिले के एक गांव में एक महिला की भूख से मौत होने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है. वहीं, इसको सामान्य मौत करार देने की कवायद भी शुरू हो गयी है. दरअसल, एक ओर प्रशासन इसे बीमारी से हुई सामान्य मौत बताने पर तुला है. वहीं मृतक महिला के घरवाले इसे भूख से हुई मौत का मामला बता रहे हैं.

क्‍या है मामला?

झारखंड के गिरिडीह जिले के मधुबन थाना क्षेत्र के मगरगढ़ी गांव की रहने वाली सावित्री देवी की मौत हो गई. परिजनों के मुताबिक, सावित्री की मौत भूख के कारण हुई है. उनका कहना है कि सावित्री देवी को तीन दिनों तक खाना नहीं मिला, जिस वजह से मौत हो गई.

Read Also  रांची सदर अस्पताल का चाइल्ड कोविड वार्ड जल्द होगा शुरु

सावित्री के परिजनों ने आरोप लगाया है कि प्रशासनिक लापरवाही की वजह से सावित्री का राशन कार्ड नहीं बन पाया. सावित्री इस संबंध में सभी जरूरी कागजात दो महीने पहले ही विभाग को सौंप चुकी थी. 65 वर्षीय सावित्री देवी के दो बेटे हैं जो काम के सिलसिले में बाहर रहते हैं. उनकी कमाई इतनी नहीं है कि वे घर पर पैसा भेज सकें. सावित्री देवी को वृद्धावस्था पेंशन भी नहीं मिलता था.

शव का पोस्टमार्टम भी नहीं हुआ

इन सबके बीच सबसे बड़ी विडम्बना यह है कि शव का पोस्टमार्टम तक नहीं कराया गया. हालांकि सावित्री देवी की मौत की जानकारी स्थानीय प्रशासन को मिल चुकी थी. उसने अपने दो अधिकरियों को इसकी जांच के लिए घटनास्थल पर भेजा भी था, लेकिन मौके पर पहुंचे बीडीओ ने कहा कि यह सामान्य मौत है. इसलिए शव का पोस्टमार्टम नहीं होगा.

Read Also  DGP को पत्र लिखकर Babulal Marandi ने पुलिस पर लगाए कई संगीन आरोप

जब लोगों के विरोध किया तो प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी ने इसे भूख और आर्थिक तंगी से हुई मौत करार दिया. साथ ही उन्होंने स्थानीय राशन डीलर पर ठीकरा फोड़ दिया. उन्‍होंने कहा कि, सभी डीलरों से कहा गया है कि विशेष परिस्थिति में वे बिना कार्ड के जरुरतमंद को राशन दे सकते हैं.

जांच की आड़ में लीपापोती की तैयारी

इस मामले में राज्य के खाद्य और आपूर्ति मंत्री सरयू राय का कहना है कि मामले की जांच ADM रैंक के अधिकारी करेंगे. साथ ही मौके पर गए दो अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है. उनसे पूछा गया है कि संदेहास्पद मौत की सुचना के बाद भी उन्होंने शव का पोस्टमार्टम क्यों नहीं कराया. मंत्री जी का मानना है कि अगर पोस्टमार्टम हो गया होता तो सारी चीजें साफ हो गयी होतीं.

Read Also  हेमंत सोरेन बने टीएसी के पदेन अध्‍यक्ष, बंधु व बाबूलाल को भी कमिटी में जगह

 

Leave a Reply

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.